Monday, August 30, 2010

ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक रेलवे स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस के दो डिब्बे पटरी से उतर
जाने से हावड़ा जा रही इस ट्रेन के यात्री आज बाल- बाल बच गए। पूर्वी रेलवे सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार पटरी के पैंडोरल क्लिप निकले हुए पाये गए। उन्होंने कहा कि बरुईपाड़ा स्टेशन की प्लैटफॉर्म संख्या तीन से गुजरते वक्त यह ट्रेन बहुत धीमी गति से चल रही थी। हावड़ा से करीब 50 किलोमीटर दूर इस स्टेशन पर ट्रेन के इंजन के पहिए पटरी से उतर गए और इसके बाद पीछे के दो डिब्बे भी पटरी से उतर गए। सूत्रों ने कहा कि इस घटना के कारण पटरी का करीब 50 फुट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। एक यात्री अभिजीत मुखर्जी ने कहा कि सुबह करीब साढे़ नौ बजे जोरदार आवाज सुनाई दी और इसके बाद ट्रेन रुक गई।

Wednesday, August 25, 2010

शिर्डी स्थित साई बाबा के लिए सुपरफास्ट ट्रेन

शिर्डी स्थित साई बाबा के दर्शन करने वालों के लिए एक खुश खबर है। मध्य रेल उनकी सहूलियत के लिए 2 7 तारीख से अब सुपरफास्ट ट्रेन चलाने जा रही है। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी और 334 किमी का सफर 6 घंटे में ही पूरा कर लेगी। 2131 दादर-साईंनगर एक्सप्रेस हर मंगलवार, बुधवार और शनिवार को दादर से रात 9.45 बजे छूटेगी और सुबह 3.55 पर साईंनगर (शिर्डी) पहुंचेगी। वापसी में 2132 नंबर की यह ट्रेन मंगलवार, गुरुवार और रविवार को साईंनगर, शिर्डी से सुबह 10 बजे छूटेगी और दोपहर 4.05 पर दादर पहुंचेगी। इस ट्रेन को मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण 27 अगस्त को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। इस ट्रेन में 18 कोच होंगे, जिसमें 6 चालू डिब्बे, स्लीपर क्लास के 8 कोच, थर्ड एसी का एक कोच और सेकंड एसी का एक कोच होगा। यह ट्रेन ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नाशिक रोड, मनमाड और कोपरगांव स्टेशनों पर रुकेगी। इसके सेकंड क्लास एसी का किराया 576 रुपये, थर्ड-एसी का 430 रुपये, स्लीपर क्लास का 174 रुपये और साधारण क्लास का 94 रुपये प्रस्तावित किया गया है। गौरतलब है कि मध्य रेल एक साल पहले से ही एक पैसेंजर ट्रेन साईंनगर-शिर्डी एक्सप्रेस चला रही है। चूंकि यह पैसेंजर ट्रेन है और पुणे तथा दौंड से होकर जाती है तथा सफर में 12 स्टॉपेज होने से457 किमी की दूरी तय करने में इसे 11.30 घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। यह ट्रेन रात को 10.55 पर सीएसटी से छूटती है और अगले दिन सुबह 10.55 पर साईंनगर पहुंचती है।

ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड डबल होने वाली है

भारत में इस वक्त सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती है। लेकिन जल्द ही ये स्पीड डबल होने वाली है, जिसका आगाज हो रहा है केरल में और इसमें उसकी मदद करेगी अपनी मेट्रो। जी हां, दिल्ली की धड़कन बन चुकी मेट्रो में इन दिनों भले ही तकनीकी दिक्कतों से पब्लिक को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके कामकाज करने के ढंग के सब दीवाने हो गए हैं। खबर है कि डीएमआरसी अब केरल में हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर तैयार करने के लिए कंसलटेंसी देगी। खास बात ये है कि लगभग 550 किमी के इस कॉरिडोर में लगभग 300 किमी की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। मेट्रो ने वादा किया है कि अग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने के छह महीने के अंदर फाइनल प्री-फिजिबिल्टी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। इस बारे में डीएमआरसी और केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन के बीच एमओयू साइन किया गया। यह हाईस्पीड कॉरिडोर तिरुवनंतपुरम और कासरागॉड के बीच बनेगा। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह का यह पहला प्रोजेक्ट मेट्रो को मिला है, जिसके लिए वह जापानी एक्सपर्ट्स को अपने साथ रखेंगे। ये जापानी एक्सपर्ट्स वही होंगे, जो जापान में बुलेट ट्रेन की स्टडी में भी शामिल थे। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 275 से 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसके लिए स्टैंडर्ड गेज लागू किया जाएगा। शुरुआत में इस कॉरिडोर के लिए आठ स्टेशन बनाने का फैसला किया गया है। स्टेशनों के बीच औसत दूरी 70 से 80 किमी की रहेगी।

Monday, August 16, 2010

120 किमी रफ्तार से ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को ट्रैक पर ट्रेन चलाकर ट्रेनिंग देने का काम शुरू

एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो रेल लाइन पर 120 किमी रफ्तार से ट्रेन चलाने वाले ड्राइवरों को ट्रैक पर ट्रेन चलाकर ट्रेनिंग देने का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि तकनीकी तौर पर अभी इस रूट पर ट्रायल शुरू नहीं हुआ है लेकिन चूंकि ड्राइवरों को ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, इससे जाहिर है कि इसे ट्रेन का ट्रायल भी माना जा सकता है। इस रूट पर मेट्रो की सर्विस सितंबर से शुरू हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो की यह एकमात्र ऐसी लाइन है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बनाकर चलाई जाएगी। इस लाइन का सिविल वर्क दिल्ली मेट्रो ने किया है जबकि इस लाइन पर ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग और ट्रेनों को खरीदने की जिम्मेदारी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के पास है। यही कंपनी एयरपोर्ट लाइन पर मेट्रो ट्रेनें भी चलाएगी। रिलायंस कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक इस लाइन को सितंबर के अंत तक पब्लिक सर्विस के लिए चालू कर दिया जाएगा। इस लाइन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह 120 किमी की रफ्तार से चलेगी। अभी अन्य मेट्रो लाइनों पर ट्रेनें 80 किमी की अधिकतम रफ्तार से दौड़ती हैं। इस कंपनी का कहना है कि फिलहाल पहले फेज में चूंकि आठ मेट्रो ट्रेनें इस लाइन पर चलाई जाएंगी इसलिए 65 कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग इस तरह की है कि जिस कर्मचारी को ट्रेन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, उसे ऑपरेशनल कंट्रोल की भी ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि आपात स्थिति में उस कर्मचारी से दोनों तरह का काम कराया जा सके। कर्मचारियों को इस ट्रेनिंग के लिए स्पेन और जर्मनी से दो अलग-अलग तरह के सिम्युलेटर्स मंगाए गए हैं। इनमें से एक सिम्युलेटर ट्रेन ड्राइविंग का है जबकि दूसरा सिम्युलेटर सिग्नलिंग का है। यही नहीं, सिम्युलेटर के अलावा ट्रैक पर ट्रेन चलाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना भी शुरू कर दिया गया है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि ट्रेन 120 किमी की स्पीड से चलनी है इसलिए ट्रेनिंग भी इसी नजरिए से दी जा रही है, क्योंकि इतनी स्पीड पर चल रही ट्रेन को आपात स्थिति में रोकने के लिए कर्मचारी पूरी तरह निपुण होना चाहिए। यही नहीं, कर्मचारियों के कई तरह के टेस्ट भी किए गए हैं और यह देखा गया है कि वे आपात स्थिति में तुरंत रिएक्ट करे। इसी वजह से ड्राइवरों की इमोशनल स्टेबिलिटी को भी जांचा गया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एयरपोर्ट होते हुए द्वारका तक बनाई जा रही इस 22 किमी लंबी मेट्रो रेल लाइन पर सितंबर के अंत तक पब्लिक सर्विस शुरू हो जाएगी। चूंकि यह हाई स्पीड ट्रेन होगी इसलिए इसका किराया भी अधिक होगा। कनॉट प्लेस से लेकर एयरपोर्ट तक का रास्ता यह ट्रेन 20 मिनट में ही पूरा कर लेगी।

Thursday, August 12, 2010

कुतुब से गुड़गांव के बीच मेट्रो सर्विस बुधवार से सुबह 6 बजे से ही शुरू होगी।

कुतुब से गुड़गांव के बीच मेट्रो सर्विस बुधवार से सुबह 6 बजे से ही शुरू होगी। पिछले महीने कुतुब-केंद्रीय सचिवालय के बीच लाइन का इंटीग्रेशन होने की वजह से दिल्ली मेट्रो ने सुबह मेट्रो सर्विस एक घंटे की देरी से शुरू करने का फैसला किया था। चूंकि यह काम पूरा हो गया है इसलिए बुधवार से अब पहले की तरह ही पैसेंजरों को सुबह 6 बजे से ही मेट्रो ट्रेन मिलेगी। दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 17 जुलाई से इस कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा एक घंटे की देरी से चलाने का फैसला किया गया था। अब यह काम पूरा हो चुका है इसलिए अब ट्रेन सर्विस फिर से 6 बजे से शुरू हो जाएगी। मेट्रो का कहना है कि इंटीग्रेशन के सभी ट्रायल और टेस्ट हो चुके हैं। दिल्ली मेट्रो का इरादा इसी महीने कुतुब और केंद्रीय सचिवालय के बीच मेट्रो सर्विस शुरू करने का है। इसके बाद यह पूरा रूट जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव सिटी सेंटर तक जुड़ जाएगा।

Friday, August 6, 2010

राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में आग

लखनऊ के बाहरी इलाके में सुल्तानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर बुधवार सुबह राजधानी एक्सप्रेस के इंजन में आग लग गई। क्षतिग्रस्त इंजन को डिब्बों से अलग कर दिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यह घटना सुल्तानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर चंदौली और रहमतनगर रेलवे स्टेशनों के बीच हुई। गुवाहाटी से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस का इंजन अचानक बीच रास्ते में धूं-धूंकर जलने लगा। लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक(डीआरएम) जी.एस.सोंधी ने संवाददाताओं को बताया कि घटना के बाद जल्द रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और क्षतिग्रस्त इंजन को डिब्बों से अलग कर दिया। घटना के चलते काफी समय तक लखनऊ-सुल्तानपुर रेलमार्ग पर रेल यातायात भी बाधित रहा। सोधी ने कहा कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना की जांच आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना के बाद ड्राइवर तत्काल रेलगाड़ी रोककर इंजन से उतर गया था। हादसे में किसी से घायल होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल राजधानी एक्सप्रेस में पैसेंजर रेलगाड़ी का इंजन लगाकर रहमतनगर से लखनऊ लाया जा रहा है। यहां उसमें दूसरा इंजन लगाकर दिल्ली के लिए रवाना किया जाएगा।

Monday, August 2, 2010

उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए

'बूंद-बूंद से घड़ा भरता है' जैसी कहावत हकीकत बने ऐसा विरले ही देखने को मिलता है। पश्चिम रेलवे ने एक बार इसे सच कर दिखाया है। करीब 2 साल पहले जब रेल यात्रियों के प्रबोधन हेतु पश्चिम रेल ने 'एसएमएस अपडेट' जैसी सर्विस लॉन्च की थी तो शायद ही कभी सोचा होगा कि यह अपने मैसेज की घंटियों की आवाज तीन करोड़ लोगों से ज्यादा लोगों तक पहुंचा देगी। अच्छी बात तो यह है कि यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है और पश्चिम रेलवे के पास इस समय 85,000 रजिस्टर्ड यात्री (सब्सक्राइबर) है जिन्हें लगातार एसएमएस मिलते रहते हैं। इसमें से 60,000 लोग मुंबई से ताल्लुक रखते हैं। गौरतलब है कि पूरे भारतीय रेल में रेल यात्रियों से संपर्क साधने का पहला प्रयास पश्चिम रेलवे ने इसी माध्यम से शुरू किया था। इन यात्रियों को रेल से संबंधित जनहित की खबरें, स्पेशल ट्रेनों की जानकारी, नियमित रूप से होने वाले मेगा ब्लॉक या जब भी कोई ट्रेनों के ऑपरेशन में गड़बड़ी होती है तो तुरंत मैसेज के द्वारा सूचना दे दी जाती है। इस मैसेज को थोक के भाव सेंड करने के लिए पश्चिम रेल ने एक प्राइवेट एजेंसी को हायर किया है, जो कुछ ही सेकंडों में इसके सभी नामित सदस्यों को मैसेज भेज देती है। पश्चिम रेल की इस उपलब्धि के बारे में मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता का कहना है कि आज के दौर में एसएमएस एक बहुत ही पर्सनलाइज्ड और स्ट्रांग मीडियम है और इसे हर कोई नोटिस करता है। अत: इस उम्दा टेक्नालजी का सहारा लेकर हम रेल यात्रियों को 'इन्फॉर्म्ड' करने में काफी हद तक कामयाब हुए हैं। रोज भेजे जा रहे हैं तीन लाख एसएमएस 'आपका परिवार घर पर आपका इंतजार कर रहा है... पटरी पार करने का शॉर्टकट आपकी लाइफ को शॉर्ट कर सकता है... थोण्याचा वेल वाचवण्यासाठी जीव धोक्यात का घातला? रेलवे रूल ओढ़ालू नका, प्लेटफॉर्म बदलताना पुलांचा किंवा भुयारी मार्गाचा वापर करा... आदि-आदि मैसेजों की घंटियां आजकल मुंबईकरों के मोबाइल पर बज रही हैं। आपको यह जानकर शायद थोड़ा अचंभा लगे कि ऐसे एक दो मैसेज नहीं, बल्कि रोजाना 3 से 3.25 लाख मैसेज लोगों को भेजे जा रहे हैं। दरअसल पश्चिम रेल की एक नई पहल के तहत पटरी पार करने के विरुद्ध 26 जुलाई से एक नया एसएमएस अभियान छेड़ा गया है। इस एमएमएस के जरिए लोगों के बीच यह जागरूकता फै लाने की कोशिश की जा रही है कि वे पटरी पार करने का तरीका अपनाना छोड़ दें, क्योंकि ऐसा कर वो अपने जीवन को धोखे में डाल रहे होते हैं। इसके लिए पश्चिम रेल प्रशासन ने मोबाइल कंपनियों से बात कर करीब 20 लाख मोबाइल धारकों के नंबर प्राप्त किए हैं, और रोजाना तीन से सवा तीन लाख लोगों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। पश्चिम रेल के मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर गुप्ता का कहना है कि हमारी कोशिश है हम पब्लिक इंटरेस्ट में सभी 20 लाख मोबाइल नंबरों पर 4 से 5 बार एसएमएस भेजेंगे और यह सिलसिला एक महीने तक चलता रहे। इन संदेशों में चेतावनी, भावनात्मक अपील के साथ ही लोगों से पैदल ऊपरी पुल तथा सब-वे का उपयोग करने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो भी मैसेज हम यात्रियों या मुंबईकरों को भेज रहे हैं, उनमें से तो कई मैसेज खुद यात्रियों ने ही भेजा है। कुछ सप्ताह पूर्व इन मैसेजों को हमने यात्रियों से ही मंगवाया था।

ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल


बिहार के झाझा-जसीडीह रेलखंड पर जमुई जिले के रजला हॉल्ट के पास रविवार देर रात संदिग्ध अपराधियों ने एक रेलगाड़ी पर बम से हमला कर दिया। इस हादसे में ड्राइवर सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। पुलिस के अनुसार 315 डाउन मुजफ्फरपुर-सियालदह सवारी रेलगाड़ी रजला हॉल्ट के पास जैसे ही रुकी, अपराधियों ने रेलगाड़ी पर बम फेंक दिया व बाद में पथराव शुरू कर दिया। ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए रेलगाड़ी को वहां से आगे बढ़ा दिया और सिमुलतला रेलवे स्टेशन पर ले जाकर रोका। पुलिस के अनुसार इस घटना में रेलगाड़ी के ड्राइवर जयप्रकाश पासवान सहित करीब तीन यात्री घायल हो गए। राज्य के डीजीपी नीलमणि ने बताया, 'घायल ड्राइवर और अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। संभव है अपराधियों ने लूटपाट करने की नियत से ऐसा किया होगा।'

ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग एनसीआर का ऐसा इकलौता रेल मार्ग है जो कॉमनवेल्थ के दौरान लाइमलाइट में रहेगा। इस रेल मार्ग पर इन दिनों सबसे अधिक ध्यान रेलवे अधिकारियों द्वारा दिया जा रहा है। शुक्रवार को डीआरएम ने इस रेल मार्ग की तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि पूरे इंस्पेक्शन के दौरान वह ट्रेन से नीचे नहीं उतरे। रेलवे रेल मार्ग के सभी स्टेशन उनकी आव भगत के लिए तैयार रहे। दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से चलने के बाद उत्तर रेलवे के डीआरएम अश्वनी लोहानी सीधे रेवाड़ी के ऐतिहासिक लोको शेड में रुके। इस शेड में दस ऐतिहासिक इंजनों को कॉमनवेल्थ के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पुराने और क्षमता कम होने के कारण इनमें से एक भी इंजन दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर अपनी सेवाएं नहीं दे पाएंगे। लेकिन यहां आने वाले विदेशी पर्यटक सीधे फेयरी क्वीन के जरिए यहां पहुंचेंगे और शेड के अंदर ही इनकी राइड का मजा ले सकेंगे। यहां चल रहे निर्माण कार्य में डीआरएम ने तेजी लाने के निदेर्श दिए हैं ताकि 15 सितंबर तक इन्हें हर हाल में तैयार कर लिया जाए। डीआरएम करीब डेढ़ घंटे तक शेड में रुके और अपने कई अहम सुझाव भी दिए। इसे डीआरएम इंस्पेक्शन का खौफ कहें या फिर उन्हें खुश करने का तरीका शुक्रवार सुबह गुड़गांव स्टेशन की तस्वीर ही बदली हुई थी। देर रात हुई बरसात के बाद भी स्टेशन पर कीचड़ नहीं था। सभी स्टाफ पूरी तरह वर्दी में था। ऑटो स्टैंड पर चालक अपनी लाइन में लगे हुए थे, अवैध वेंडर न तो ट्रेनों के अंदर दिखाई दे रहे थे और न ही बाहर। सफाई कर्मी झाड़ू तो लगा ही रहे थे टिकट खिड़की और इंक्वायरी काउंटर पर भी काम सुचारु रूप से चल रहा था। यहां तक की खान पान के स्टॉलों पर भी सभी लोग वदीर् में थे। लेकिन जैसे ही डीआरएम इंस्पेक्शन गाड़ी यहां से निकल गई, सभी अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए। बचीखुची कसर बरसात ने पूरी कर दी। दोपहर को आई बरसात के बाद स्टेशन पर हर जगह गंदगी फैल गई जिसे साफ करने में किसी की दिलचस्पी नहीं रही। कीचड़ की वजह से यात्रियों को काफी परेशानियां हो रही थी। मेन एंट्रेंस पूरी तरह पानी में डूबा हुआ था।