Thursday, July 29, 2010

अब अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा।

मेट्रो जिन लोगों की कॉलोनी के पास से गुजर रही है या भविष्य में उनकी कॉलोनी के आसपास से मेट्रो गुजरेगी, उन्हें अब अधिक प्रॉपर्टी टैक्स देना होगा। टैक्स को लेकर बनाई गई दिल्ली सरकार की म्युनिसिपल वैल्यूएशन कमिटी की बुधवार को पेश रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि टैक्स बढ़ाने के लिए सभी फाइव स्टार होटल, नामीगिरामी पब्लिक स्कूल और लग्जरी संस्थानों की कैटिगरी को ए किया जाए। कमिटी ने राजधानी की 168 कॉलोनियों की कैटिगरी बढ़ाकर उसे अपग्रेड कर दिया है। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में बुधवार को एमसीडी कमिश्नर के. एस. मेहरा ने इस रिपोर्ट को पेश किया और इसे लागू करने के लिए आधिकारिक मंजूरी मांगी। रिपोर्ट बनाने वाले अफसरों का कहना है कि अगर उनके सुझावों को लागू कर दिया गया तो एमसीडी की आय में हर साल करोड़ों रुपये का इजाफा हो सकता है। गौरतलब है कि राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए ए से एच तक कैटिगरी का निर्धारण किया गया है। कमिटी की रिपोर्ट में इनमें से करीब 168 कॉलोनियों की कैटिगरी को अपग्रेड किया गया है। कमिटी ने एमसीडी के इस विचार को माना है कि राजधानी की हर प्रॉपर्टी को टैक्स अदा करना होगा। इसी हिसाब से कमिटी ने पहले की 2,064 कॉलोनियों की संख्या को बढ़ाकर करीब 2,500 कर दिया है। कॉलोनियों की कैटिगरी को अपग्रेड करने के लिए कमिटी ने मेट्रो के परिचालन को सबसे महत्वपूर्ण माना है और कहा है कि इसी आधार पर इन कॉलोनियों के निवासियों को ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। कमिटी ने मेट्रो रूट के आधे किलो मीटर के दायरे में आंशिक या पूर्ण रूप से आने वाली सभी कॉलोनियों की कैटिगरी बढ़ा दी है। वर्तमान में बी कैटिगरी की 102 कॉलोनियों में से 12 को सीधे ए कैटिगरी में डाल दिया गया है। इसी तरह सी कैटिगरी की 169 कॉलोनियों में से 20 को बी श्रेणी में किया गया है। इसके अलावा 42 कॉलोनियों को डी से सी, 88 कॉलोनियों को ई से डी और 6 कॉलोनियों को जी से एफ कैटिगरी में तब्दील कर दिया गया है। कमिटी ने दिल्ली के सभी पांच सितारा होटलों, नामीगिरामी स्कूलों और लग्जरी संस्थानों को ए कैटिगरी में शामिल करने की सिफारिश की है। अभी तक इन्हें विभिन्न कॉलोनियों की कैटिगरी के साथ ही जोड़ा जाता है। कमिटी का कहना है कि इस बदलाव से एमसीडी को करीब 300 करोड़ रुपये की आय होगी।

दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया।

दिल्ली जाने वाली दिल्ली - ऋषिकेश ट्रेन को मंगलवार दोपहर मुजफ्फरनगर में शिक्षा मित्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जबरन रोक दिया। आंदोलनकारियों को तितर - बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस हंगामे के चलते ट्रेन पौन घंटे तक रुकी रही। रेलवे एक प्रवक्ता ने बताया पुलिस बल और आंदोलनकारियों के बीच झड़प भी हुई। आंदोलनकारी दिल्ली जाने वाले पैसेंजरों के साथ बदसलूकी पर उतर आए थे। एसपी प्रकाश कुमार ने बताया कि हल्के बल प्रयोग से कोई हताहत नहीं हुआ है। शिक्षा मित्र सैलरी बढ़ाने , सर्विस रेग्युलर करने और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे।

Monday, July 26, 2010

अब रेलवे में भी वीआरएस लागू कर दिया जाएगा।

रेल कर्मियों की लंबी मांगों को पूरा करते हुए ममता बनर्जी ने पिछले दिनों 13 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कह दिया है कि अब रेलवे में भी वीआरएस लागू कर दिया जाएगा। हालांकि इसे लागू होने में अभी 5-6 महीने का वक्त लग सकता है। याद रहे कि अब तक रेलवे में वीआरएस का सिस्टम मौजूद नहीं था और इसके लिए रेल कमिर्यों ने काफी दिनों से अपनी मांग जारी रखी थी। रेल मजदूर यूनियन के प्रेजिडेंट और पूर्व सांसद रामदास आठवले ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उनके यूनियन की मांग पर रेल मंत्री को गौर फरमाना पड़ा और अब सी तथा डी क्लास के रेल कर्मी 50 साल की उम्र के बाद वीआरएस के लिए अप्लाई कर सकेंगे। इस स्कीम का फायदा उठाने वालों के लिए खुशखबरी यह है कि उनकी जगह पर उनके वारिस को रेलवे में ही नौकरी देने की भी व्यवस्था करने की बात कही गई है। जबकि आरएमयू के जनरल सेक्रेटरी एस.पी. मिश्रा ने कहा कि संसद के आगामी सत्र में हम संसद भवन पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं जिसमें पे-कमीशन के बदले में वेजबोर्ड का गठन, ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी, बोनस की सीलिंग हटाने तथा सभी रिक्त पदों को भरने की मांग रखेंगे। गौरतलब है कि आरएमयू रेल के दो सबसे बड़े यूनियन एनएफआईआर और एआईआरएफ से अलग यूनियन है और यह राष्ट्रीय स्तर पर हिंद मजदूर किसान पंचायत यूनियन से जुड़ी हुई है।

प्रशासन को कुछ ट्रेनों को बीच में ही रोक देना पड़ा

पिछले तीन दिनों में कोंकण रेल के रूट पर पड़ने वाले निवसर स्टेशन पर भारी बारिश के चलते रेल प्रशासन को कुछ ट्रेनों को बीच में ही रोक देना पड़ा है जबकि कम से कम 7 ट्रेनों का ऑपरेशन 24 और 25 जुलाई को रद्द कर दिया गया है। पूरा निवसर स्टेशन पानी से काफी प्रभावित हुआ है और बांध बनाकर इसे रोकने की तैयारी चल रही है। भारी बारिश के चलते इस रूट पर विजिबिलिटी पर भी बुरा असर पड़ा है अत: इस मद्देनजर ड्राइवरों को 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन चलाने का निर्देश दिया गया है। जिन ट्रेनों को कैंसल किया गया है वे हैं मडगांव-सावंतवाड़ी पैसेंजर ट्रेन 24 और 25 जुलाई को, 2133 डाउन सीएसटी कारवार एक्सप्रेस 23 जुलाई को, 2134 अप कारवार-सीएसटी 24 जुलाई को, 2051 डाउन सीएसटी-मडगांव जनशताब्दी एक्सप्रेस 24 और 25 जुलाई को, 2052 अप मडगांव-सीएसटी जनशताब्दी एक्सप्रेस 24 और 25 जुलाई को, 2619/2620 डाउन तथा अप मत्स्यगंधा एक्सप्रेस को भी 24 और 25 जुलाई को रद्द कर दिया गया है। एक विज्ञप्ति के माध्यम से कोंकण रेल ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है।

Thursday, July 22, 2010

मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में

रेल हादसे पर एक ओर जहां गैर यूपीए दल दीदी यानी ममता बनर्जी पर बरस पड़े हैं, वहीं यूपीए की उसकी मुख्य सहयोगी पार्टी कांग्रेस ममता के बचाव में दिख रही है। दादा यानी बंगाल से सांसद और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि ट्रेन हादसों की वजह ममता की रेल मंत्रालय से गैरमौजूदगी है। एक्सिडेंट सिर्फ एक्सिडेंट हैं। इनके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं कर सकता, इसीलिए ये एक्सिडेंट कहलाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मृतकों के घरवालों के प्रति संवेदना जाहिर की है और घायलों के जल्दी ठीक होने की दुआ मांगी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के चीफ मानस भूंइया ने कहा है कि यह हादसा छेड़छाड़ का मामला लगता है और इसकी हम टॉप लेवल पर जांच की मांग करते हैं। भूंइया ने कहा कि ममता बनर्जी से इस्तीफे की मांग करना सरासर गलत है। अगर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए तो पश्चिम बंगाल के सीएम और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को भी इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि पिछले एक साल में राज्य में सड़क हादसों में 9,000 लोगों की मौत हुई है। राज्य सरकार द्वारा रेलवे के प्रति विरोधी रवैया रखने से ही पूरे रेलवे सिक्युरिटी सिस्टम को नुकसान हुआ है।

साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के साइंथिया स्टेशन पर सोमवार को हुआ ट्रेन एक्सिडेंट ड्राइवर की गलती से ही हुआ था। यह दावा स्टेशन के सिग्नल इंचार्ज रहमत अली ने किया है। उन्होंने दावा किया कि स्टेशन मास्टर ने उत्तरबंग एक्सप्रेस के ड्राइवर को अलर्ट करने की कोशिश की थी लेकिन वह रेड सिग्नल को तोड़ते हुए प्लैटफॉर्म में गाड़ी ले आया। न तो ड्राइवर और न ही गार्ड की तरफ से ऐसा कोई मेसेज मिला था कि ट्रेन के ब्रेक फेल हो गए हैं। इस बीच, मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है। वनांचल एक्सप्रेस के तीन जख्मी पैसेंजरों ने मंगलवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। 28 लोगों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले की सीआईडी जांच का आदेश दे दिया है, वहीं रेलवे ने भी इनक्वायरी बैठा दी है। हालांकि, पश्चिम बंगाल के डीजीपी भूपिंदर सिंह ने हादसे के पीछे तोड़फोड़ से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

Friday, July 16, 2010

चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई।

रविवार दोपहर पश्चिम रेल के यात्रियों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ा जब विरार से चर्चगेट जा रही लोकल माहिम स्टेशन पर पटरी से उतर गई। इसकी वजह से फ्रंट कोच के तीन पहिए पटरी से उतरकर रगड़ खाते हुए जमीन से जा मिले। बता दें कि एक कोच में 8 पहिए होते हैं। मगर इस दुर्घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली। घटना दोपहर पौने तीन बजे की है जब प्लेटफॉर्म (लाइन) नंबर 4 से प्लेटफॉर्म नं. 2 पर जा रही फास्ट लोकल अपना संतुलन खो बैठी और वह पटरी से उतर गई। हालांकि इस दुर्घटना का समाचार पाते ही एजीएम और डीआरएम एक्सिडेंट रिलीफ ट्रेन के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे मगर जब तक उनके मार्गदर्शन में इसका रेस्टोरेशन हो पाता, बाकी की लोकल ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ। यह सामान्य तभी हुआ जब शाम 6.15 बजे तक पटरी से उतरी लोकल को वहां से हटा दिया गया। गौरतलब है कि मेगा ब्लॉक का दिन होने से माहिम और मुंबई सेंट्रल के बीच मरम्मत का काम किया जा रहा था और इस दरमियान माहिम से मुंबई सेंट्रल फास्ट ट्रैक की लोकल को स्लो ट्रैक पर डायवर्ट किए जाने की व्यवस्था की गई थी। यह हादसा उसी समय हुआ, जब लोकल क्रासओवर से गुजर रही थी। गौरतलब है कि जब भी ट्रेन को एक लाइन से दूसरी लाइन पर डायवर्ट किया जाता है तो उस समय ट्रेन की स्पीड 15 किमी से कम ही रखी जाती है। पहला शक मोटरमैन के ऊपर जा रहा है। हालांकि पश्चिम रेल के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है कि इस हादसे में मोटरमैन की तरफ से कोई गड़बड़ी हुई है। इसके मुख्य प्रवक्ता एस. एस. गुप्ता ने कहा है कि डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद ही इस हादसे की सही वजह पता चल पाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान लोकल की स्पीड भी जांच का एक मुद्दा जरूर रहेगा।

कुतुब तक की मेट्रो रेल लाइन पर गुरुवार से मेट्रो का ट्रायल शुरू

केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक की मेट्रो रेल लाइन पर गुरुवार से मेट्रो का ट्रायल शुरू हो गया। इस ट्रायल के दौरान इस लाइन पर लगाए गए सभी सिस्टम की जांच की जाएगी और बाद में इस लाइन को कुतुब से गुड़गांव लाइन के साथ जोड़ दिया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने ट्रायल पूरा होने पर इस लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू कर दिया जाएगा। इसके बाद यह लाइन केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक पूरी हो जाएगी। ट्रायल के दौरान चूंकि सभी सिस्टम को मौजूदा कुतुब - गुड़गांव लाइन से इंटीग्रेट करना होगा , इसलिए ट्रायल पूरे होने तक गुड़गांव और कुतुब के बीच मेट्रो रेल लाइन सुबह छह बजे की बजाय सात बजे से शुरू होगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक के 12.53 किमी लंबे हिस्से के लिए मेट्रो का ट्रायल गुरुवार सुबह शुरू हुआ। चूंकि इस लाइन का ज्यादातर हिस्सा अंडरग्राउंड है इसलिए अंडरग्राउंड सिस्टम की भी ट्रायल के दौरान जांच की जाएगी। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सिविल स्ट्रक्चर की तो जांच की ही जा रही है , साथ ही सिग्नलिंग सिस्टम , ट्रैक और ट्रेन की स्पीड , ब्रेकिंग सिस्टम आदि की जांच की जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि इस सेक्शन में ट्रेन चलने के दौरान किसी तरह की कोई दिक्कत तो नहीं आती। इस ट्रायल की ऑपरेशनल कंट्रोल सिस्टम से भी निगरानी की जा रही है ताकि इससे ट्रेन और ओसीसी के सिस्टम के इंटीग्रेशन की भी जांच हो जाएगी। ट्रायल के दौरान ट्रेन को पावर सप्लाई करने वाले ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम की भी कई बार जांच की जाएगी। मेट्रो का कहना है कि यह ट्रायल कुछ सप्ताह तक चलेगा और उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने जब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी अपनी क्लीयरेंस दे देंगे तो इस लाइन पर को पैसेंजर सर्विस के लिए चालू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि गुड़गांव और कुतुब के बीच मेट्रो सर्विस पहले से ही चल रही है। अब केंद्रीय सचिवालय और कुतुब के बीच लिंक पूरा होने के बाद यह लाइन जहांगीरपुरी से गुड़गांव तक पूरी हो जाएगी और ट्रेनें उत्तरी दिल्ली के अंतिम छोर से शुरू होकर गुड़गांव तक सीधे आ - जा सकेंगी। दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि पहले से चल रही इस मेट्रो रेल लाइन को केंद्रीय सचिवालय - कुतुब लाइन से इंटीग्रेट करने के लिए गुड़गांव - कुतुब लाइन पर मेट्रो सर्विस एक घंटा देर से शुरू की जाएगी। यह बंदोबस्त 17 जुलाई से होगा यानी उस दिन से गुड़गांव - कुतुब के बीच चलने वाली मेट्रो ट्रेनें सुबह छह बजे की बजाय सात बजे शुरू होंगी। यह व्यवस्था अगले महीने तक जारी रहेगी। मेट्रो का कहना है कि सर्विस में एक घंटे की कटौती का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा , क्योंकि सुबह के वक्त इस लाइन पर पैसेंजरों की संख्या बेहद सीमित होती है। दिल्ली मेट्रो की केंद्रीय सचिवालय - कुतुब लाइन के 9 अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। ये हैं : उद्योग भवन , रेसकोर्स रोड , जोरबाग , आईएनए , एम्स , ग्रीन पार्क , हौज खास , मालवीय नगर और साकेत। जब यह लिंग जुड़ जाएगा तो दिल्ली मेट्रो के पैसेंजर हुडा सिटी सेंटर से केंद्रीय सचिवालय तक महज 52 मिनट में पहुंच जाएंगे। इसी तरह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब मीनार तक जाने में पैसेंजरों को महज 25 मिनट ही लगेंगे।

Tuesday, July 13, 2010

कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए।

उत्तर प्रदेश के आंबेडकर नगर जिले में सोमवार तड़के कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना जिले के टांडा रेलवे स्टेशन के पास हुई। कोयले से लदी मालगाड़ी स्थानीय राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की इकाई की ओर जा रही थी। आंबेडकर नगर के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी प्रभारी राम आसरे ने संवाददाताओं को बताया कि घटना में मालगाड़ी के पीछे के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे रेलमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। मालगाड़ी धनबाद से कोयला लेकर आ रही थी। आसरे ने बताया कि रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचकर रेलमार्ग को ठीक कर रहे हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाकर रेलमार्ग जल्दी दुरुस्त कर लिया जाएगा। उनके मुताबिक दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

Saturday, July 10, 2010

चांदनी चौक और राजीव चौक स्टेशनों पर अधिक एस्केलेटर लगाने का निर्देश

मेट्रो मेन श्रीधरन ने चांदनी चौक और राजीव चौक स्टेशनों पर अधिक एस्केलेटर लगाने का निर्देश दिया है। पैसेंजरों की सुविधा के लिए टिकट के ज्यादा काउंटर बनाने और चावड़ी बाजार स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए भी कहा है। ये सभी सुविधाएं कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले उपलब्ध हो जाएंगी। श्रीधरन इन तीनों स्टेशनों का मुआयना करने गुरुवार को पहुंचे। उन्होंने चांदनी चौक स्टेशन पर पैसेंजरों की भीड़ देखकर कई फेरबदल के निर्देश दिए। चांदनी चौक स्टेशन पर पांच गेट हैं। गेट नं। 1 टाउन हाल की तरफ निकलता है और गेट नं. 5 चांदनी चौक की तरफ, गेट नं. 1 पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और गेट नं. 5 पर सबसे कम। उन्होंने कहा है कि अब गेट नं. 1 को केवल प्रवेश के लिए इस्तेमाल किया जाए और गेट नं. 5 को बाहर निकलने के लिए। इस तरह पैसेंजरों को इन स्टेशनों का वन-वे इस्तेमाल करना होगा और दोनों गेट का समान इस्तेमाल होगा व भीड़ भी नहीं होगी। श्रीधरन ने देखा कि चांदनी चौक स्टेशन पर टिकट खरीदने के लिए भारी भीड़ रहती है और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि इस स्टेशन पर टिकट के 14 काउंटर और खोले जाए। ये काउंटर गेट नं. 1 के पास होंगे। वहां दो नए एस्केलेटर भी लगाए जाएंगे। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर करीब 3.75 लाख पैसेंजर रोज आते-जाते है उन्होंेने ए और बी ब्लाक में एक-एक नए एस्केलेटर चालू किए। दो अन्य अगले दस दिनों में चालू हो जाएंगे। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन पर उन्होंने एक हाई कपैसिटी की लिफ्ट लगाने के लिए कहा है जो हौज काजी साइड पर लगाई जाएगी। दिल्ली की महिला और बाल कल्याण मंत्री किरण वालिया ने सुझाव दिया है कि मेट्रो में एक कोच महिलाओं के लिए रिजर्व होनी चाहिए क्योंकि भीड़ के कारण महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने मेट्रो चेयरमैन ई. श्रीधरन को इस बारे में एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में लोकल ट्रेन में भी महिलाओं के लिए एक कोच रिजर्व रहता है।

भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए कम से कम 63 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी।

उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए कम से कम 63 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। यह जानकारी एक अधिकारी ने शनिवार को दी। ईसीआर के मैनेजर संजीव गर्ग ने बताया, 'उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। ये पुरी के लिए रोजाना आने-जाने वाली रेलगाड़ियों के अलावा होंगी।' उन्होंने बताया कि पुरी में देवताओं के संध्या दर्शन, बहुदा यात्रा और सुनाबेसा के समय यात्रियों की अतिरिक्त भीड़-भाड़ को कम करने के लिए भी विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। इसके अलावा 14 रेलगाड़ियों का रास्ता पुरी के लिए बदल या बढ़ा दिया गया है। यह पर्व भारतीय कैलेंडर के अनुसार अषाढ़ महीने में मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 13-21 जुलाई तक मनाया जाएगा।

5 स्कूली छात्रों की मौत

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में शुक्रवार को एक पुल पार करते समय एक यात्री रेलगाड़ी की चपेट में
आने की वजह से 5 स्कूली छात्रों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना पूर्वाह्न 11.30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच में हुई। अमलनेर गांव में बोरी नदी पर यह पुल बना हुआ है।

Monday, July 5, 2010

नोएडा पुलिस को राजीव चौक और उत्तमनगर मेट्रो स्टेशन उड़ाने की धमकी

नोएडा पुलिस को राजीव चौक और उत्तमनगर मेट्रो स्टेशन उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी दोपहर 1
बजकर 23 मिनट पर मोबाइल फोन से दी गई। नोएडा पुलिस ने दिल्ली पुलिस को सूचना दे दी है और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकालने में जुट गई है। फिलहाल फोन करने वाले की कोई सूचना पुलिस कलेक्ट नहीं कर पाई है। रविवार दोपहर को नोएडा पुलिस के अल्फा कंट्रोल रूम पर अज्ञात मोबाइल फोन से राजीव चौक और उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की धमकी दी गई। एपी सिटी अशोक त्रिपाठी ने बताया है कि पुलिस ने तुरंत सूचना दिल्ली पुलिस को रेफर की। इसके बाद मोबाइल नंबर को सविर्लांस पर लगा दिया है। कॉल डिटेल निकाली जा रही है। धमकी देने वाले की जांच की जा रही है। फिलहाल उसकी कोई सूचना नहीं मिल पाई है।

Saturday, July 3, 2010

शहर में मेट्रो के विस्तार में पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी।

शहर में मेट्रो के विस्तार में पैसे की कमी आड़े नहीं आएगी। जीडीए ने विकास शुल्क में505 रुपये प्रति वर्ग मीटर का इजाफा कर दिया है। यह विकास शुल्क नया मैप स्वीकृत करने वालों से वसूल किया जाएगा। साथ ही , दस वर्षों तक अवस्थापना निधि का 50 पर्सेंट हिस्सा भी जीडीए को मिलेगा। यह फैसला शुक्रवार को जीडीए की बोर्ड बैठक में किया गया। इस बैठक में यूपी के प्रमुख सचिव ( आवास ) जगन्नाथ चैंबर , वीसी एन . के . चौधरी और अन्य अफसर भी मौजूद रहे। जीडीए बोर्ड की बैठक में कुल 24 प्रस्ताव रखे गए , जिनमें से बीस प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। जीडीए बोर्ड के अध्यक्ष जगन्नाथ चैंबर ने बताया कि मेट्रो रेल परियोजना पर होने वाले खर्च की पूर्ति करने के लिए विकास शुल्क मेेें 505 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की गई है। अब मैप स्वीकृत कराने वालों से 1840 रुपये के बजाए 2345 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से वसूली की जाएगी। नए मास्टर प्लान के अनुसार अभी तक आठ हजार हेक्टेयर एरिया के 25 पर्सेंट हिस्से का डिवेलपमेंट हुआ है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जब 75 पर्सेंट हिस्से का काम पूरा हो जाएगा , जीडीए को विकास शुल्क के रूप में ही 4500 करोड़ जीडीए को मिल जाएंगे। इसके अलावा दस वर्षों तक अवस्थापना निधि का 50 पर्सेंट हिस्सा भी अथॉरिटी को मिलेगा। गौरतलब है कि किसी भी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने पर प्रति वर्ष दो प्रतिशत राशि ( लगभग 150 करोड़ रुपये ) अवस्थापना निधि के रूप में शासन से आती है। यह राशि जीडीए , नगर निगम और आवास विकास परिषद को बराबर - बराबर दी जाती है।