Thursday, July 31, 2014

बस और ट्रेन की टक्कर में 25 बच्चों समेत 26 लोगों की मौत

तेलंगाना में स्कूल बस और ट्रेन की टक्कर में 25 बच्चों समेत 26 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना मेडक जिले में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से स्कूल बस पार करने के दौरान हुई। टक्कर इतनी तेजे थी कि ट्रेन बस को घसीटती हुई एक किलोमीटर तक ले गई।
स्कूल बस में सवार सभी बच्चे तूपरान के ककातिया स्कूल में पढ़ते थे। चश्मदीद के मुताबिक हादसे के वक्त बस में करीब 40 बच्चे सवार थे। सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर बच्चों को लेकर जा रही स्कूल बस जैसे ही क्रॉसिंग पर पहुंची नांदेड़-हैदराबाद पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बिना गार्ड वाली इस क्रॉसिंग पर रेड सिग्नल के बावजूद बस ड्राइवर ने पार करने की कोशिश की और बस ट्रेन की चपेट में आ गई। कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। बस के भीतर और आसपास कई बच्चों के शव और कटे अंग पड़े हैं। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

सबसे लंबे खंभे पर टिके रेल पुल का निर्माण

उत्तर पूर्व सीमांत रेल निर्माण संगठन ने दुनिया के सबसे लंबे खंभे पर टिके रेल पुल का निर्माण मणिपुर में शुरू कर दिया है। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि नोनी के पास 141 मीटर की ऊंचाई पर प्रस्तावित पुल खंभे की ऊंचाई के मामले में दुनिया का सबसे लंबा पुल होगा। इस सिलसिले में यह यूरोप में बेलग्रेड बार रेलवे लाइन पर माला रीजेका पुल को पछाड़ देगा जो मौजूदा लंबा पुल है।
मणिपुर में बन रहा यह पुल 111 किलोमीटर लंबे जिरीबाम, तुपुल, इंफाल रेलवे लाइन का हिस्सा होगा जो इंफाल को देश के शेष हिस्से से बड़ी लाइन से जोड़ेगी। उन्होंने बताया कि यह रेल लाइन पटकाई क्षेत्र की घुमावदार पहाडि़यों से गुजरेगी। 

Monday, July 28, 2014

महिला टीसी निलंबित

वेस्टर्न रेलवे पर 65 वर्षीय महिला के साथ टीसी द्वारा कथित तौर पर की गई बदसुलूकी वाले मामले में आरोप में शामिल दोनों महिला टीसी को निलंबित किया गया है। यह घटना 25 जुलाई की थी, जब एक 65 वर्षीय महिला गलती से प्रथम दर्जे की बोगी में चढ़ गई थी, जबकि उसके पास दूसरे दर्जे का टिकट था। इस वाकये में सामने आया कि महिला टीसी ने टिकट जांच के दौरान 65 वर्षीय महिला के साथ बदसुलूकी की गई।
इस मामले में महिला की बेटी और दामाद ने लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई। महिला के दामाद ने कहा, 'मेरी सास को जब टिकट दिखाने को कहा गया तो उनके पास दूसरे दर्जे का टिकट था। इसके बाद उन्हें मीरा रोड स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया, और टिकट जांचकर्ताओं के स्टाफ रुम में उन्हें ले जाया गया।'
उन्होंने आरोप लगाए, 'जब उनसे जुर्माना भरने को कहा गया, तो मेरी सास ने कहा कि उनके पास 25 रुपये से ज्यादा नहीं हैं। इसके बाद उनसे गालीगलौज की गई और कपड़े उतारने को कहा गया।' वेस्टर्न रेलवे के डिविजनल रेल प्रबंधक शैलेंद्र कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद दोनों टीसी को निलंबित कर दिया गया है।

Friday, July 25, 2014

सीट कुत्तों को अलॉट कर दी जाए, तब आप क्या कहेंगे

भारतीय रेल में सब कुछ संभव है। बुकिंग खुलने के एक ही मिनट में हजारों की वेटिंग, या गाड़ी छूटने के पांच मिनट पहले कन्फर्म सीट। कुल मिलाकर मसला सीट का ही है। जो रेलवे सीट कभीकभार नेताओं की कुर्सियों से भी बड़ी हो जाती है, जिस सीट की बुकिंग के लिए सालभर मारामारी होती है, वही सीट कुत्तों को अलॉट कर दी जाए, तब आप क्या कहेंगे।
सेंट्रल रेलवे पर सरकारी पास का इस्तेमाल कर आरपीएफ ने एसी कोच में कुत्तों के लिए सीटें बुक कराई हैं। 23 जुलाई को आरपीएफ ने अपने स्क्वॉड के कुत्तों को मीरज जंक्शन से मुंबई लाने के लिए ए.सी. टू टियर में बाकायदा सीट बुक कराई। इन टिकटों की बुकिंग 19 जुलाई को दादर से खिड़की क्रमांक-2 से सुबह 8:02 मिनट पर कराई गई। इन टिकटों के लिए पैसे नहीं दिए गए थे।

आमतौर पर कुत्तों को रेलवे से लाया जाता है, लेकिन इसके कुछ नियम है। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार कुत्तों को डॉग बॉक्स में डालकर लगेज कोच से सटे ब्रेक यान से लाना पड़ता है, लेकिन इस तरह कुत्तों को लाने के लिए उसके मालिक को भी कुत्ते की देखभाल के लिए ब्रेक यान में ही यात्रा करनी पड़ती है। ब्रेक यान की यात्रा न तो वातानुकूलित होती है, और न ही आरामदेह।
कुत्तों को वातानुकूलित स्लीपर कोच, वातानुकूलित कुर्सीयान कोच, स्लीपर श्रेणी या द्वितीय श्रेणी कोच में ले जाने की अनुमति नहीं है। इस नियम का उल्लघंन करके कुत्ता ले जाते हुए पकड़े जाने पर उसे तत्काल ब्रेक-यान में पहुंचा दिया जाता है, और लगेज स्केल दर का 6 गुना प्रभार, जो न्यूनतम 50/- रु. होता है, वसूला जाता है।

Thursday, July 24, 2014

70 से 80 पर्सेंट तक किराया बढ़ा

इंडियन रेलवे ने चुपके से 'तत्काल टिकट' का एक ऐसा नियम बदल दिया, जो अब पैसेंजरों की जेब पर भारी पड़ रहा है। इससे ज्यादा नुकसान कम दूरी की यात्रा करने वाले पैसेंजरों को हो रहा है। पहले तत्काल के लिए न्यूनतम किराया 300 किमी तक चार्ज किया जाता था, लेकिन अब उसे 500 किमी कर दिया गया है।
इससे कई जगह पर जनरल कैटिगरी के मुकाबले तत्काल टिकट की कीमत डबल हो गई है, जबकि कुछ जगह के लिए 70 से 80 पर्सेंट तक किराया बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि यह नियम 28 जून को लागू किया गया। पहले तत्काल में जहां तक ट्रेन जाती थी, वहां तक का किराया लिया जाता था। लेकिन 2009 में यह नियम बदल दिया गया।


पिछले महीने तक नियम यह था कि तत्काल कोटे के तहत स्लीपर क्लास के टिकट के लिए कम से कम दो सौ किमी और एसी सेकंड और एसी थर्ड का टिकट लेने पर न्यूनतम 300 किमी तक का किराया लिया जाता था। लेकिन अब यदि पैसेंजर को तीन सौ किमी का सफर करना है तो भी उसे 500 किमी का ही किराया देना पड़ रहा है।
रेलवे अफसरों का तर्क है कि नियम में यह बदलाव कम दूरी की यात्रा करने वालों को तत्काल टिकट से दूर करने के इरादे से किया गया है। उनका कहना है कि यदि ट्रेन एक हजार किमी तक जा रही है और तत्काल के तहत कोई ढाई सौ किमी का टिकट लेता है, तो अक्सर उससे आगे पैसेंजर नहीं मिलते, जिससे रेलवे को नुकसान होता था।
 

Wednesday, July 23, 2014

मुगलसराय रेल रूट पर इस्माइलपुर-रफीगंज स्टेशन के बीच विस्फोट कर रेल पटरी उड़ा दी

गया बिहार में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मंगलवार रात पूर्व-मध्य रेलवे के गया-मुगलसराय रेल रूट पर इस्माइलपुर-रफीगंज स्टेशन के बीच विस्फोट कर रेल पटरी उड़ा दी। नक्सलियों के इस हमले में राजधानी एक्सप्रेस बाल-बाल बची। विस्फोट की वजह से राजधानी एक्सप्रेस के आगे चल रही अडवांस पायलट इंजन पटरी से उतर गई। अडवांस पायलट इंजन ड्राइवर सुरक्षित हैं। 
प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माओवादी ने घटना की जिम्मेदारी ली है। घटना के बाद इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया है। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को गोरारो स्टेशन पर रोका गया है। तीन राजधानी एक्सप्रेस सहित कई रेलगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया है। घटना मंगलवार रात करीब 11.35 बजे की है। रेल पटरियों की मरम्मत का कार्य चल रहा है।
 
औरंगाबाद के मदनपुर में 19 जुलाई को हुई पुलिस की गोलीबारी के विरोध में नक्सलियों ने बुधवार को बिहार में 24 घंटे का बंद बुलाया है। पुलिस की गोलीबारी में दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी।
 

गौरतलब है कि पिछले महीने छपरा से दो किलोमीटर दूरी पर दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की 12 बोगियां पटरी से उतर गई थी। ट्रेन के देर रात पटरी से उतर जाने से 4 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 23 अन्य घायल हो गए।

Monday, July 21, 2014

घटिया खाना देने वाले वेंडरों पर जुर्माने की रकम बढ़ाकर पांच हजार से एक लाख रुपये तक करने की योजना

रेलवे ने ट्रेन में घटिया खाना देने वाले वेंडरों पर जुर्माने की रकम बढ़ाकर पांच हजार से एक लाख रुपये तक करने की योजना बनाई है। मामला गंभीर होने या पैसेंजर्स की बड़ी संख्या से जुड़ा होने पर वेंडर को ब्लैकलिस्ट या कहें कि आजीवन बैन करने का भी प्रावधान है। यह व्यवस्था 1 सितंबर से लागू हो जाएगी। फिलहाल खराब खाना देने पर न्यूनतम 300 रु. और अधिकतम 20,000 रुपये जुर्माना किया जा सकता है।
रेलवे मिनिस्ट्री ने सभी रेलवे जोन के चीफ कमर्शल मैनेजरों (सीसीएम) को निर्देश जारी कर दिए हैं। गुरुवार को नई दिल्ली से भोपाल आ रही शताब्दी एक्सप्रेस में भी घटिया खाना दिए जाने पर पैसेंजर्स का ट्रेन के स्टाफ से तीखा विवाद हुआ था। वेस्ट-सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर पीयूष माथुर का कहना है कि पैसेंजर्स के हित में रेलवे मिनिस्ट्री ने यह कदम उठाया है।
वर्तमान में जो मुसाफिर घटिया खाना दिए जाने या कम मात्रा में खाने का आइटम देने की कंप्लेंट करता है, उसे ट्रेन में चुकाए गए खान-पान के पैसे रेलवे वापस देता है। हालांकि, पैसेंजर को इसके लिए समय रहते कंप्लेंट करनी पड़ती है। यदि जांच के बाद कंप्लेंट सही पाई जाती है, तो संबंधित वेंडर पर जुर्माना किया जाता है। राजधानी और शताब्दी सरीखी प्रीमियर ट्रेनों तक में ऐसी शिकायतें कई बार होती रहती हैं।
ट्रैवल करने के एक हफ्ते के भीतर यात्री अपने पीएनआर समेत पूरे विवरण के साथ टोल फ्री नंबर, ट्रेन या स्टेशन की कंप्लेंट बुक में कैटरिंग संबंधित कंप्लेंट करें। यदि कंप्लेंट बुक देने में कोई रेल कर्मचारी आनाकानी करे, तो उसकी शिकायत भी टोल फ्री नंबर पर कर दें। इस कंप्लेंट में संबंधित कर्मचारी की तैनाती का कोच नंबर, उसकी नेम प्लेट पर लिखे नाम समेत दर्ज कराएं।