इंडियन रेलवे अब ऐसी व्यवस्था करने जा
रहा है कि ट्रेन का चार्ट तैयार होने के बाद भी कंप्यूटर के जरिए
ई-टिकट खरीदा जा सकेगा। मौजूदा व्यवस्था में यह संभव नहीं होता। मौजूदा सिस्टम में
बदलाव करने के लिए क्रिस से कहा गया है ताकि वह सॉफ्टवेयर में जरुरत के मुताबिक
बदलाव कर सके।
इंडियन रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्रिस जैसे ही सॉफ्टवेयर में बदलाव करेगा, नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि क्रिस यह काम दो माह में पूरा कर लेगा। इस बदलाव का रेलवे को भी फायदा होगा और खाली जाने वाली सीटें भी भरकर जाएंगी। अभी ट्रेनों का चार्ट ट्रेन चलने से लगभग तीन-चार घंटे पहले तैयार हो जाता है।
ऐसे में चार्ट बनने और ट्रेन चलने के बीच जो पैसेंजर टिकट रद्द कराते हैं, उसके बारे में तभी पता चल पाता है, जब रेलवे स्टेशन के करंट काउंटर पर जाया जाए। ऐसे में कई बार सीट होते हुए भी लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि ट्रेन में सीट है। इसका फायदा ऐसे लोग उठाते हैं, जिन्हें इस सिस्टम के बारे में पता होता है। नई व्यवस्था होने पर कोई भी देख सकेगा कि ट्रेन में सीट खाली है और वह टिकट भी खरीद सकेगा।
इंडियन रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्रिस जैसे ही सॉफ्टवेयर में बदलाव करेगा, नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि क्रिस यह काम दो माह में पूरा कर लेगा। इस बदलाव का रेलवे को भी फायदा होगा और खाली जाने वाली सीटें भी भरकर जाएंगी। अभी ट्रेनों का चार्ट ट्रेन चलने से लगभग तीन-चार घंटे पहले तैयार हो जाता है।
ऐसे में चार्ट बनने और ट्रेन चलने के बीच जो पैसेंजर टिकट रद्द कराते हैं, उसके बारे में तभी पता चल पाता है, जब रेलवे स्टेशन के करंट काउंटर पर जाया जाए। ऐसे में कई बार सीट होते हुए भी लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि ट्रेन में सीट है। इसका फायदा ऐसे लोग उठाते हैं, जिन्हें इस सिस्टम के बारे में पता होता है। नई व्यवस्था होने पर कोई भी देख सकेगा कि ट्रेन में सीट खाली है और वह टिकट भी खरीद सकेगा।
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