Wednesday, October 29, 2014

ट्रेन में लूटपाट

मुंबई के बांद्रा से मुजफ्फरपुर जा रही अवध एक्सप्रेस में मंगलवार सुबह कुछ बदमाशों ने भरथना और इटावा स्टेशनों के बीच ट्रेन में लूटपाट की और विरोध कर रहे एक युवक को गोली मार दी। घायल युवक को कानपुर के हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
सेंट्रल रेलवे स्टेशन के जीआरपी इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पांडे ने बताया कि अवध एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में सुबह करीब चार बजे आठ लोग भरथना रेलवे स्टेशन से चढ़े और यात्रियों से लूटपाट की। कुशीनगर के एक युवक आशु (उम्र 26 साल) ने जब इसका विरोध किया तो लुटेरो ने उसे तंमचे से गोली मार दी जो उसके पैर में लगी। बदमाशों ने यात्रियों से करीब 30 हजार रुपए और एक दर्जन मोबाइल लूटे। सभी इटावा जिले के अच्छलदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चेन खींच कर उतर गए।
सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब ट्रेन कानपुर रेलवे स्टेशन पहुंची तो यात्रियों ने जीआरपी पुलिस को लूट की घटना बताई । लूट का शिकार 12 यात्री हुए जो दीपावली मनाने अपने घर जा रहे थे। इन यात्रियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घायल यात्री आशु को जीआरपी पुलिस ने हैलट हॉस्पिटल में भर्ती कराया है जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है। 

Monday, October 27, 2014

जवानों की ट्रेन में शनिवार को इलाहाबाद के छिवकी जंक्शन के पास आग लग गई

महाराष्ट्र में चुनाव कराकर लौट रहे पैरा मिलट्री फोर्स के जवानों की ट्रेन में शनिवार को इलाहाबाद के छिवकी जंक्शन के पास आग लग गई। आग से बचने के लिए कई जवान चलती ट्रेन से कूद गए। आग से चार जवान झुलस गए हैं, जबकि ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है।
ट्रेन मुंबई से दीमापुर (असम) जा रही थी। इंजन से 10वीं बोगी में जवानों के लिए खाना बन रहा था। इसके लिए ट्रेन में एक दर्जन सिलिंडर रखे हुए थे। अचानक एक सिलिंडर में रिसाव हुआ और आग लग गई। इसके बाद खाना बनाने में जुटे कई जवान चलती ट्रेन से कूद गए। छिंवकी स्टेशन से फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने से पहले जवान आग बुझाने के लिए धूल और मिट्टी का सहारा लेते रहे। घटना की सूचना पाने के बाद एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी का पानी खत्म हो गया, जिससे एक बोगी तो पूरी तरह से जलकर खाक हो गई। आग बुझाने के लिए ट्रेन की इस बोगी को काटकर अलग कर दिया गया।
दो घंटे की अफरातफरी के बीच आग पर काबू पाने के बाद ट्रेन में एक अतिरिक्त कोच जोड़ा गया। उसके बाद ट्रेन आगे रवाना हुई।

Friday, October 24, 2014

17 साल के सुवन डीयू से ग्रैजुएशन कर रहे हैं

हिमाद्रिश सुवन की सक्रियता से भारतीय रेलवे की तेज़ रफ्तार ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस के पुराने कोच जल्द नए नज़र आने लगेंगे। सुवन हर बार गर्मियों में राजधानी एक्सप्रेस से रांची यात्रा करते थे। पुराने आईएफसी कोच देखकर उसके मन में आया कि क्यों न यह मामला आरटीआई के तहत उठाया जाए।  17 साल के सुवन डीयू से ग्रैजुएशन कर रहे हैं। इस बार उन्हें 'इंटरनैशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस ऑन रिकमेंडेशन ऑफ कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़' यंग अचीवर सम्मान के लिए चुना गया है। वह 15 साल की उम्र से ही आरटीआई डाल रहे हैं।

सुवन ने भारतीय रेलवे को आरटीआई फाइल कर पूछा कि इतने पुराने कोचों की वज़ह से यदि कोई दुर्घटना होती है तो कौन ज़िम्मेदार होगा। सुवन ने बताया कि ''डिब्बे खतरनाक हालत में थे, वॉशरुम आदि भी खराब हालत में थे। इतना ही नहीं, सिर्फ दिल्ली-रांची राजधानी ही एकमात्र ट्रेन थी जिसमें एलएचबी कोच नहीं थे।
सुवन ने बताया कि 'मैंने अप्रैल 2012 को आरटीआई फाईल की थी। जवाब मिला कि बुकारो रूट पर कोच बदलने की तैयारी चल रही है। इससे पहले सुवन ने पीएमओ को आरटीआई फाइल कर पूछा था, ''2004 से पूर्व पीएम ने कितने भाषण दिए? ''मुझे हास्यास्पद जवाब मिला।
उन्होंने कहा कि 1300 भाषणों की सूची क्रमवार उपलब्ध करवाई। इतना ही नहीं उन्हेंने उसमें प्रेस के सवाल-जवाब भी जोड़ दिए थे। सुवन सीबीएसई को कम्प्यूटर व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी आरटीआई फाइल कर चुके हैं।

Wednesday, October 22, 2014

शुभेच्छा

सभी पाठकों को दीपावली की हार्दिक शुभेच्छा । 

मेट्रो भी ओवरक्राउडेड

फेस्टिवल सीजन में मेट्रो भी ओवरक्राउडेड हो गई। मंगलवार को शहर के कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ के चलते मेट्रो लेने वाले यात्रियों की लाइन नीचे सड़क तक पहुंच गई। सिटी सेंटर, सेक्टर-18 और बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की इस मारामारी से निपटने में मेट्रो स्टाफ के भी पसीने छूट गए। टिकट लेने के लिए लगी लाइनों में कुछ ने शॉर्टकट मारकर बीच से घुसने की कोशिश की, जिससे कुछ जगह हंगामा भी हो गया। मेट्रो से जुड़े एक स्टाफ ने बताया कि होली और दीपावली पर इस प्रकार की भीड़ हर साल होती ही है। इस भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हम मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सिस्टम को अलग-अलग करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि इस बार की भीड़ संभालने के लिए स्टेशंस पर कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई।
उधर, धनतेरस पर मंगलवार को शहर के बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों की भारी भीड़ रही। इसके चलते सेक्टर-18, नया बांस, हरौला, निठारी, सेक्टर-29, सेक्टर-41-50, भंगेल जैसी सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चलने को मजबूर हुए।

Tuesday, October 21, 2014

एक ही ट्रेन में 2nd AC का रेलवे टिकट 3rd AC के टिकट से कम में

एक ही ट्रेन में 2nd AC का रेलवे टिकट 3rd AC के टिकट से कम में मिल सकता है, वह भी कोई 10-20 रुपये नहीं, पूरे नौ सौ रुपये। चौंकिए नहीं, यह कमाल है रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों के लिए बनाए गए डाइनामिक फेयर प्राइसिंग सिस्टम का। त्योहार पर दूर-दराज की जगहों से अपने घर आने के लिए रेल आरक्षण की तलाश में यात्री इस ट्रेन से उस ट्रेन में सीटें ढूढ़ने के लिए घंटों IRCTC की साईट खंगाल रहे हैं ताकि घर पहुंचने के लिए जगह मिल सके। पर सामान्य ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट बड़ी लम्बी होने के कारण परेशान होकर व्यक्ति ज्यादा किराए वाली प्रीमियम ट्रेनों में सीटें तलाशते हैं। वहां जगह तो मिल जाती है क्योंकि इसमें वेटिंग का कोई विकल्प नहीं होता, कन्फर्म टिकट ही मिलता है। हां, यदि आप स्मार्ट यात्री हैं तो 3rd AC से भी बहुत कम दाम में 2nd AC का टिकट ले सकते हैं! ऐसा ही वाकया हुआ एक नामी आईटी कंपनी में काम करने वाले मंदसौर के इंजीनियर देवांश के साथ।

दिवाली पर पुणे से विक्रमनगर (नीमच) आने के लिए रिजर्वेशन तलाश रहे देवांश ने जब 23.10.14 को प्रीमियम ट्रेन नंबर 04407 पुणे-निजामुद्दीन सिलेक्ट की, तब 2nd AC कोच में 179 सीटें उपलब्ध थीं और किराया 3115 रुपये। इसी ट्रेन के 3rd AC कोच में 154 सीटें उपलब्ध थीं और किराया था 2325 रुपये। साथ में एक चेतावनी यह थी कि बुकिंग के वक्त किराया बढ़ सकता है।
चूंकि डाइनामिक फेयर प्राइसिंग सिस्टम में सीटें कम होने पर किराया बढ़ता जाता है, लेकिन इससे कई बार किराए में उल्टा अंतर भी आ जाता है जिससे ऊंची श्रेणी का रेलवे टिकट नीची श्रेणी के टिकट से कम दाम में भी मिल सकता है। 

किराए में इतने उलटे अंतर की जानकारी यात्री को तभी पता चलेगी जब वह टिकट के लिए जरुरी जानकारी मसलन नाम, उम्र, लिंग, बर्थ प्राथमिकता, चाहे गए भोजन का प्रकार, परिचय पत्र का क्रमांक, कैपचा और मोबाइल नम्बर भरने के बाद तीसरे पेज पर जाकर पेमेंट का विकल्प चुनेगा। तब पता चलेगा कि आपको वास्तविक किराया इस श्रेणी के लिए कितना ऐड करना है। फिर अंतर करने के लिए उसे दूसरी श्रेणी को सिलेक्ट करके वापस फिर यह सब दोहराना पड़ेगा। हो सकता है टिकट कम दाम में ही ऊंची श्रेणी का मिल जाए। पर यदि आप लकी हैं और फायदा लेना चाहते हैं तो इतना तो तलाशना ही पड़ेगा हो सकता है, आपको बड़ा फायदा भी हाथ लग सकता है। 

किराए में यह उलटा अंतर रेलवे की डाइनामिक फेयर प्राइसिंग सिस्टम की एक बड़ी विफलता ही है। एक ही ट्रेन में एक थर्ड एसी में सफर करने वाले यात्री को सेकंड एसी (ऊंची श्रेणी) में यात्रा करने वाले यात्री की तुलना में ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।

Monday, October 20, 2014

पैसेंजर्स की सुविधा के लिए अलीगढ़ तक की एक स्पेशल ईएमयू

रेलवे की ओर से दिवाली पर लोकल पैसेंजर्स की सुविधा के लिए अलीगढ़ तक की एक स्पेशल ईएमयू की व्यवस्था की गई है। यह ट्रेन सोमवार से शुरू हो जाएगी। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 से यह ट्रेन जाएगी। 30 अक्टूबर तक के लिए इस ट्रेन की व्यवस्था की गई है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक दिन में 10:35 बजे पर यह ट्रेन अलीगढ़ के लिए प्रस्थान करेगी और वहां से 1:15 बजे पर अलीगढ़ से वापसी के लिए चलेगी। फेस्टिव सीजन के मद्देनजर ट्रेनों और बसों में दबाव काफी बढ़ गया है। रेलवे का मानना है कि इस स्पेशल ईएमयू से अलीगढ़ तक जाने असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए पुलिस और जीआरपी सक्रिय हो गई है। जीआरपी की ओर से दूसरे स्टेशनों की जीआरपी को वॉट्सऐप के माध्यम से सूचना भी दी जा रही है। जीआरपी का मानना है कि इससे अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।

Thursday, October 16, 2014

बेकार पड़ा कैंटीन का स्थाई स्ट्रक्चर हटाया

फरीदाबाद न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर- 2 3 पर काफी सालों से बेकार पड़ा कैंटीन का स्थाई स्ट्रक्चर हटाया जाएगा। जिसके बाद प्लैटफॉर्म पर यात्रियों के लिए स्पेस पहले से बेहतर हो जाएगा। इसको लेकर दिल्ली डिविजन के डीआरएम ने इंजीनियरिंग व कमर्शल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि स्टेशन पर जितनी भी नए खोले जाएंगे, उनका स्ट्रक्चर अस्थाई होना चाहिए, ताकि ठेका खत्म होने के बाद वहां से स्ट्रक्चर को आसानी से हटाया जा सके। डीआरएम के निर्देश के बाद इंजीनियरिंग विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। फरीदाबाद न्यूटाउन रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर- 2 3 पर करीब 6 साल पहले कैंटीन बंद हो गई थी, लेकिन कैंटीन का स्ट्रक्चर बेकार पड़ा हुआ है। पिछले दिनों साफ-सफाई का जायजा लेने के लिए दिल्ली डिविजन के अनुराग सचान ने इंस्पेक्शन किया था। डीआरएम अनुराग सचान का कहना है कि यात्रियों की परेशानी को देखते हुए इस स्ट्रक्चर को तोड़ने के निर्देश दे दिए गए हैं।

Tuesday, October 14, 2014

अनारक्षित टिकटों की बिक्री के लिए प्राइवेट फर्म आमंत्रित

रेलवे ने आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बिक्री के लिए प्राइवेट फर्मों को आमंत्रित किया है। रेलवे के इस कदम पर कर्मचारियों की यूनियन ने कड़ी आपत्ति जतायी है। कर्मचारी यूनियन ने रेलवे के एक और फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। इसमें 50 बड़े स्टेशनों की सफाई के काम को कॉन्ट्रैक्ट पर देने का फैसला किया गया है। इसके तहत प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से 'गेट मित्रों' की नियुक्ति होगी। हालांकि रेलवे में सफाई के काम का जिम्मा ट्रैकमैन के हवाले होता है। यूनियन का कहना है कि मोदी सरकार पिछले दरवाजे से रेलवे के निजीकरण के लिए ऑपरेशन चला रही है।
रेलवे ने इससे पहले पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अनारक्षित कम्प्युटारइज्ड टिकट बेचने का फैसला किया था। अभी सभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काउंटर को देश भर में रेलवे कर्मचारी संचालित करते हैं। इसके साथ ही अधिकृत ट्रैवेल एजेंटों को ई-टिकट बेचने की अनुमति है।
अब नए रिजर्वेशन सेंटर को यात्री सुविधा केंद्र कहा जाएगा। प्राइवेट फर्मों को टिकट बेचने के लिए आमंत्रित करने पर रेलवे का कहना है कि इस कदम से पैसेंजर्स को टिकट खरीदने में सुविधा होगी। शुरुआत में रेलवे उन एजेंटों को टिकट बेचने का जिम्मा सौंपेगा जिनके पास पांच साल का अनुभव है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन से बाहर उसके पास ऑफिस हो और यात्री सुविधा केंद्र के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा हो।
प्राइवेट फर्मों को जिम्मेदारी चार टर्मिनलों तक टिकट बिक्री की जिम्मेदारी कम्युटरीकृत पीआरएस सेंटर के आधार पर दी जाएगी। हालांकि यात्री सुविधा केंद्र पर टिकट बेचने का वक्त रेलवे काउंटर से एक घंटे बाद होगा ताकि किसी तरह के कदाचार रोका जा सके। रेलवे द्वारा संचालित पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम सेंटर से नॉर्मल टिकट की बुकिंग 8 बजे सुबह और तत्काल की बुकिंग 10 बजे दिन से शुरू होती हैं। वहीं प्राइवेट फर्मों से संचालित यात्री सुविधा केंद्र से नॉर्मल टिकट 9 बजे से और तत्काल टिकट की बुकिंग 11 बजे से होंगी।
रेलवे यूनियन का कहना है कि रेलवे में आउटसोर्ट गतिविधियों पहले से ही सवालों को घेरे में है। इसके परिणाम अच्छे नहीं आए हैं। इसमें कई तरह की खामियां, धोखाधड़ी और पब्लिक की सख्त आपत्तियां सामने आई हैं। यहां तक की अधिकृत एजेंटों को उनकी हरकतों के कारण बैन करना पड़ा है। यूनियन ने कहा कि इन्हीं एजेंटों के कारण रेलवे की बदनामी हुई है। वहीं रेलवे ने यूनियन की इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस कदम से यात्रियों को टिकट खरीदने में ज्यादा सुविधा होगी।

Thursday, October 9, 2014

प्राइवेट फर्मों को टिकट बेचने के लिए आमंत्रित किया

रेलवे ने आरक्षित और अनारक्षित टिकटों की बिक्री के लिए प्राइवेट फर्मों को आमंत्रित किया है। रेलवे के इस कदम पर कर्मचारियों की यूनियन ने कड़ी आपत्ति जतायी है। कर्मचारी यूनियन ने रेलवे के एक और फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। इसमें 50 बड़े स्टेशनों की सफाई के काम को कॉन्ट्रैक्ट पर देने का फैसला किया गया है। इसके तहत प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से 'गेट मित्रों' की नियुक्ति होगी। हालांकि रेलवे में सफाई के काम का जिम्मा ट्रैकमैन के हवाले होता है। यूनियन का कहना है कि मोदी सरकार पिछले दरवाजे से रेलवे के निजीकरण के लिए ऑपरेशन चला रही है।
रेलवे ने इससे पहले पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अनारक्षित कम्प्युटारइज्ड टिकट बेचने का फैसला किया था। अभी सभी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम काउंटर को देश भर में रेलवे कर्मचारी संचालित करते हैं। इसके साथ ही अधिकृत ट्रैवेल एजेंटों को ई-टिकट बेचने की अनुमति है।
अब नए रिजर्वेशन सेंटर को यात्री सुविधा केंद्र कहा जाएगा। प्राइवेट फर्मों को टिकट बेचने के लिए आमंत्रित करने पर रेलवे का कहना है कि इस कदम से पैसेंजर्स को टिकट खरीदने में सुविधा होगी। शुरुआत में रेलवे उन एजेंटों को टिकट बेचने का जिम्मा सौंपेगा जिनके पास पांच साल का अनुभव है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन से बाहर उसके पास ऑफिस हो और यात्री सुविधा केंद्र के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा हो।
प्राइवेट फर्मों को जिम्मेदारी चार टर्मिनलों तक टिकट बिक्री की जिम्मेदारी कम्युटरीकृत पीआरएस सेंटर के आधार पर दी जाएगी। हालांकि यात्री सुविधा केंद्र पर टिकट बेचने का वक्त रेलवे काउंटर से एक घंटे बाद होगा ताकि किसी तरह के कदाचार रोका जा सके। रेलवे द्वारा संचालित पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम सेंटर से नॉर्मल टिकट की बुकिंग 8 बजे सुबह और तत्काल की बुकिंग 10 बजे दिन से शुरू होती हैं। वहीं प्राइवेट फर्मों से संचालित यात्री सुविधा केंद्र से नॉर्मल टिकट 9 बजे से और तत्काल टिकट की बुकिंग 11 बजे से होंगी।
रेलवे यूनियन का कहना है कि रेलवे में आउटसोर्ट गतिविधियों पहले से ही सवालों को घेरे में है। इसके परिणाम अच्छे नहीं आए हैं। इसमें कई तरह की खामियां, धोखाधड़ी और पब्लिक की सख्त आपत्तियां सामने आई हैं। यहां तक की अधिकृत एजेंटों को उनकी हरकतों के कारण बैन करना पड़ा है। यूनियन ने कहा कि इन्हीं एजेंटों के कारण रेलवे की बदनामी हुई है। वहीं रेलवे ने यूनियन की इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि इस कदम से यात्रियों को टिकट खरीदने में ज्यादा सुविधा होगी।

Wednesday, October 8, 2014

सफर सुहाना

फरीदाबाद से ताज एक्सप्रेस में ताज नगरी आगरा और झांसी जाने के लिए आज से सफर सुहाना होने वाला है। फेस्टिव सीजन के चलते ट्रेन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ट्रेन में एक्ट्रा कोच लगाने का निर्णय लिया है। इसका फायदा अनरिजवर्ड कैटगिरी के पैसेंजरों को होगा। क्योंकि रेलवे सेकंड क्लास का एक्ट्रा कोच लगाने जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बुधवार से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी और पूरे फेस्टिव सीजन तक यात्री को इस फायदा मिलता रहेगा। ताज नगरी आगरा व ऐतिहासिक नगरी झांसी के लिए फरीदाबाद से ताज एक्सप्रेस सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन है। ट्रेन फरीदाबाद रेलवे स्टेशन से सुबह 7:20 बजे रवाना होकर 10:00 बजे आगरा व दोपहर 2 बजे झांसी पहुंच जाती है।
कई व्यापरी इस ट्रेन से आगरा तक डेली अप डाउन भी करते है, लेकिन फेस्टिव सीजन के चलते ट्रेन में लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समस्या से निजात दिलाने व यात्रियों के सफर को सुहाना बनाने के लिए रेलवे ट्रेन में जरनल क्लास का अतिरिक्त कोच लगाने जा रहा है। नॉर्दर्न

रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा का कहना है कि बुधवार से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी और 15 नवंबर तक यात्रियों को इसका लाभ मिलता रहेगा।

Tuesday, October 7, 2014

एफओबी हूडा नहीं बल्कि नगर निगम बनाएगा

हूडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर प्रस्तावित तीन एफओबी हूडा नहीं बल्कि नगर निगम बनाएगा। एमसीजी की ओर से इसके लिए एक कंपनी को काम भी दे दिया गया है। कंपनी ने कंस्ट्रक्शन डिजाइन तैयार कर एमसीजी अफसरों को सबमिट भी करा दिए हैं। 
हूडा ने करीब डेढ़ साल पहले एक एफओबी का प्लान बनाया, बाद में यहां मेट्रो स्टेशन के बाहर तीन साइड में फुट ओवरब्रिज बनाने का प्लान तैयार किया गया। एक एफओबी के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये का एस्टिमेट तैयार किया गया। करीब एक साल तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। करीब 20 दिन पहले हूडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के बाहर एफओबी बनाने का यह प्रोजेक्ट नगर निगम ने टेकओवर कर लिया है। इसके लिए नगर निगम ने हूडा को लेटर भी लिखा है। यहां तीन एफओबी के अलावा एमसीजी पूरे शहर में करीब 27 एफओबी बना रहा है। सूत्रों की मानें तो इन एफओबी को बीओटी बेस पर बनवाया जाएगा। 

Saturday, October 4, 2014

सेंट्रल रेलवे पर लगातार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों की वजह

सेंट्रल रेलवे पर लगातार हो रही तकनीकी गड़बड़ियों की वजह पिछले एक महीने से मेगा ब्लॉक नहीं लिए जाने को माना जा रहा है। शुक्रवार को दोपहर में अंबरनाथ लोकल का पेंटोग्राफ टूटने से यात्रियों को परेशानी हुई, तो शाम तक कल्याण स्टेशन पर एक बार फिर लोकल ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतर गया। खबर लिखे जाने तक रेल प्रशासन को 25 लोकल सर्विस रद करनी पड़ी थी।
दोपहर 2 बजे के करीब कुर्ला स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर एक के पास अंबरनाथ लोकल का पेंटोग्राफ टूट गया। इस घटना के भायखला से विद्याविहार स्टेशन के बीच स्लो लोकल ट्रेनों को फास्ट ट्रैक पर चलाया गया। तकरीबन डेढ़ घंटे बाद 3:30 बजे के करीब मरम्मत कार्य पूरा है, लेकिन इस दौरान विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनों की बंचिंग हुई जिससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
शाम 5 बजे के करीब कल्याण स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर एक से निकलने के बाद लोकल ट्रेन का डिब्बा पटरी से उतर गया। इस घटना से लोकल ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और शाम के वक्त ट्रेनें तकरीबन 30-40 मिनट देरी से चल रही थी।

Wednesday, October 1, 2014

कृषक एक्सप्रेस के इंजन ने टक्कर मार दी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बरौनी एक्सप्रेस के पटरी से उतरे डिब्बों को बगल की पटरी से गुजर रही कृषक एक्सप्रेस के इंजन ने टक्कर मार दी, जिससे कम-से-कम 12 यात्रियों की मौत हो गई और 45 अन्य जख्मी हो गए। घायलों में 12 की हालत नाजुक है। देर रात मृतकों के परिवार वालों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई। दुर्घटना की वजह से ट्रैक बाधित होने के कारण कई रेलगाडियों को रद्द कर दिया गया है और अनेक ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) आलोक सिंह ने बताया कि मंगलवार की रात 10 बजकर 47 मिनट पर गोरखपुर और कैंट रेलवे स्टेशनों के बीच नंदनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास लखनऊ से बरौनी जा रही एक्सप्रेस के पीछे के तीन डिब्बे दुर्घटनावश पटरी से उतर गए थे। बरौनी एक्सप्रेस के इन डिब्बों को बगल की पटरी से गुजर रही मण्डुआडीह-लखनऊ कृषक एक्सप्रेस के इंजन से टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि टक्कर से बरौनी एक्सप्रेस के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 

आलोक सिंह ने बताया कि रैपिड ऐक्शन फोर्स, गोरखा रेजिमेंन्ट और रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डिब्बों से घायल यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। हादसे में घायल यात्रियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसे एक बड़ा हादसा बताया और कहा कि इसमें कई लोगों की मौत हुई है। हादसे की वजह से गोरखपुर-वाराणसी रेलमार्ग पर यातायात ठप हो गया।
रेल हादसे के बाद बाधित ट्रैक को 3 घंटे बाद कृषक एक्सप्रेस को बैक कराकर खाली कराया गया। इसके बाद रेस्क्यू ट्रेन मंगाई गई और दुर्घटनाग्रस्त लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस को निकालकर गोरखपुर भेजा गया।