इस शहर के लिए वक्त
बड़ा कीमती है। शायद वक्त की पाबंदी ने ही मुंबई को मुंबई बनाया है। ये बात भी हम
सब जानते हैं कि मुंबईकर अपनी घड़ियां लोकल के टाइम टेबल से मिलाते हैं। पिछले कुछ
समय से शहर में ट्रैफिक का बोझ बढ़ने से मुंबई की लोकल समय पाबंदी में पिछड़ रही है, खासतौर से
वेस्टर्न रेलवे। वैसे एक जमाने में वेस्टर्न रेलवे की सबर्बन लोकल को इंडियन रेलवे
की सबसे पाबंद सर्विस माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों
में इस नेटवर्क पर ट्रैफिक बढ़ने से इंडिकेटर का टाइम लोकल के टाइम से मैच नहीं हो
रहा है। वेस्टर्न रेलवे की मानें, तो सितंबर 2014 तक वेस्टर्न रेलवे पर होने वाले तीन बड़े काम के बाद गाड़ी पटरी पर लौट
आएगी।
विरार से चर्चगेट की तरफ जाने वाले लोकल ट्रेनों को कई बार बोरिवली स्टेशन के प्लैटफॉर्म के बाहर हॉल्ट पर रखा जाता है। दरअसल यहां से रेलवे को एक इंटरलोक हटाना है, जिसके लिए तकरीबन 3-4 साल से इंतजार हो रहा है। रेलवे के अनुसार बोरिवली के ईस्ट साइड में एक प्राइवेट प्रॉपर्टी हटाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन अब इस प्रॉपर्टी को बिना छेड़े रेलवे ने दूसरा सॉल्यूशन निकाल लिया है। नई योजना के तहत रेलवे को 1400 वर्गफुट जमीन की जरूरत है, जो बीएमसी देने के लिए तैयार हो गई है। इसके बदले रेलवे बीएमसी को इतनी ही जमीन देगी और इसकी भी इजाजत रेलवे बोर्ड द्वारा मिल चुकी है। इंटरलॉकिंग का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद विरार से चर्चगेट की ओर जाने वाली ट्रेनों को प्लैटफॉर्म के बाहर हॉल्ट नहीं करना पड़ेगा।
सांताक्रुज से माहिम के बीच 5वीं लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे के अनुसार इस हिस्से छोटे-मोटे टेक्निकल काम बाकी है। ये काम पूरा होने के बाद इस पांचवीं लाइन को पीक ऑवर्स में यूज किया जाएगा, जिससे सर्विस समय पर चलाने में काफी मदद मिलेगी। दरअसल पांचवीं लाइन पर भी एक गेट बंद करने का काम है, जिसके कारण रेलवे को विलंब हो रहा है, लेकिन इस काम के लिए भी उपाय ढूंढ लिया गया है और अब इस ट्रैक को भी जल्द ही उपयोग में लाया जाएगा।
विरार से चर्चगेट की तरफ जाने वाले लोकल ट्रेनों को कई बार बोरिवली स्टेशन के प्लैटफॉर्म के बाहर हॉल्ट पर रखा जाता है। दरअसल यहां से रेलवे को एक इंटरलोक हटाना है, जिसके लिए तकरीबन 3-4 साल से इंतजार हो रहा है। रेलवे के अनुसार बोरिवली के ईस्ट साइड में एक प्राइवेट प्रॉपर्टी हटाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन अब इस प्रॉपर्टी को बिना छेड़े रेलवे ने दूसरा सॉल्यूशन निकाल लिया है। नई योजना के तहत रेलवे को 1400 वर्गफुट जमीन की जरूरत है, जो बीएमसी देने के लिए तैयार हो गई है। इसके बदले रेलवे बीएमसी को इतनी ही जमीन देगी और इसकी भी इजाजत रेलवे बोर्ड द्वारा मिल चुकी है। इंटरलॉकिंग का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद विरार से चर्चगेट की ओर जाने वाली ट्रेनों को प्लैटफॉर्म के बाहर हॉल्ट नहीं करना पड़ेगा।
सांताक्रुज से माहिम के बीच 5वीं लाइन बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे के अनुसार इस हिस्से छोटे-मोटे टेक्निकल काम बाकी है। ये काम पूरा होने के बाद इस पांचवीं लाइन को पीक ऑवर्स में यूज किया जाएगा, जिससे सर्विस समय पर चलाने में काफी मदद मिलेगी। दरअसल पांचवीं लाइन पर भी एक गेट बंद करने का काम है, जिसके कारण रेलवे को विलंब हो रहा है, लेकिन इस काम के लिए भी उपाय ढूंढ लिया गया है और अब इस ट्रैक को भी जल्द ही उपयोग में लाया जाएगा।
सीएसटी से अंधेरी तक चलने वाली हार्बर लाइन सर्विस
सितंबर तक गोरेगांव तक दौड़ेगी। इस काम को मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन
(एमआरवीसी) कर रही है। लेकिन इस से प्रॉजेक्ट में वेस्टर्न रेलवे को अतिरिक्त लाइन
मिलेगी, जिस
पर धीमी गति की सर्विस को डायवर्ट किया जाएगा। फिलहाल धीमी गति के सर्विस को फास्ट
लाइन पर चलाया जाता है, लेकिन इसके कारण दोनों दिशाओं में
सेवाएं प्रभावित हो रही है। वेस्टर्न रेलवे को पीक ओवर्स में तकरीबन 10-15 मिनट वास्तविक वक्त से पिछड़ना पड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सर्विस
की संख्या बढ़कर 1305 कर दी गई है, लंबी
दूरी की गाड़ियों का ट्रैफिक भी बढ़ चुका है, लेकिन ट्रैक की
स्थिति वही है। इस तरह बोझ बढ़ने के कारण कई स्टेशनों पर बोटल नेक बन चुके हैं,
जहां रोजाना कई सर्विस को प्लैटफॉर्म तक भेजने के लिए इंतजार करना
पड़ता है।
' वेस्टर्न रेलवे पर उपनगरीय सेवाओं की पाबंदी सुधारने के लिए कुछ मुख्य काम शुरू हो चुके हैं। इसके अलावाअंधेरी में एक बड़ा काम होना बाकी है , जिसे पूरा होने में तकरीबन 2 साल लगेंगे। अंधेरी से बोरिवली की ओरजाने वाली सर्विस को जब फास्ट लाइन से स्लो लाइन पर डायवर्ट किया जाता है , तब उन्हें 15 किमी प्रति घंटाकी गति से चलाना पड़ता है। हम चाहते हैं कि इस गति को बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा कर दिया जाए। इसकेलिए ट्रैक पर इंटरलॉक और रीले का काम करना है , जिसमें तकरीबन दो साल का वक्त लग सकता है। '
' वेस्टर्न रेलवे पर उपनगरीय सेवाओं की पाबंदी सुधारने के लिए कुछ मुख्य काम शुरू हो चुके हैं। इसके अलावाअंधेरी में एक बड़ा काम होना बाकी है , जिसे पूरा होने में तकरीबन 2 साल लगेंगे। अंधेरी से बोरिवली की ओरजाने वाली सर्विस को जब फास्ट लाइन से स्लो लाइन पर डायवर्ट किया जाता है , तब उन्हें 15 किमी प्रति घंटाकी गति से चलाना पड़ता है। हम चाहते हैं कि इस गति को बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा कर दिया जाए। इसकेलिए ट्रैक पर इंटरलॉक और रीले का काम करना है , जिसमें तकरीबन दो साल का वक्त लग सकता है। '
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