Thursday, October 31, 2013

हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक मगरमच्छ को छुड़ाया

वाइल्डलाइफ स्मगलरों से कब्जे से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर एक मगरमच्छ को छुड़ाया गया। दलदल में पाए जाने वाले इस बेहद यंग मगरमच्छ को स्मगलर कर्नाटक से लाए थे। उनका इरादा इसे एक चीनी व्यापारी को बेचने का था। जहां उसे मारकर चीन की ट्रेडिशनल दवाओं के बनाने में इस्तेमाल किया जाना था। लेकिन इससे पहले कि उनके इरादे कामयाब होते, दिल्ली वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने मगरमच्छ को छुड़ा लिया। अब लीगल प्रोसेस के बाद इसे नैशनल चंबल सेंक्चुअरी में छोड़ा गया है। 
कुछ महीने पहले छुड़ाए गए इसे मगरमच्छ को शुरू में वाइल्डलाइफ कोर्ट के आदेश पर वाइल्डलाइफ एसओएस की देखभाल में ही रखा गया था। डीसीएफ चंबल और उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन से परमिशन मिलने के बाद इसे चंबल नदी में छोड़ा गया। इसे शिफ्ट करने के लिए दिल्ली वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और वाइल्डलाइफ एसओएस ने दिल्ली में कोर्ट से इजाजत ली थी। मगरमच्छ को नैशनल चंबल सेंचुरी ले जाने के लिए वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। इस दौरान दिल्ली वाइल्डलाइफ इंस्पेक्टर भी टीम के साथ थे। मगरमच्छ को इसी रविवार को वन विभाग के अफसरों की मौजूदगी में चंबल नदी के किनारे छोड़ा गया। 
उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्डलाइफ वॉर्डन डॉ. रूपक डे ने बताया कि यह मगरमच्छ कुदरत के तोहफे की तरह है और इसे फिर से कुदरती माहौल में भेजना जरूरी था। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी यह मगरमच्छ अपने आप को नए माहौल के मुताबिक ढाल लेगा। 
डिप्टी कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (वाइल्डलाइफ) एन. के. जानू ने कहा कि चंबल नदी मगरमच्छों के लिए नेचरल घर की तरह है। यहां पर इसे छोड़ना इसे अजादी देने की तरह है। उन्होंने इस जानवर को बचाने के लिए किए गए प्रयासों की भी तारीफ की। अदालत से परमिशन मिलने तक मगरमच्छ को गुड़गांव के रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था। वाइल्डलाइफ एसओएस की कस्टडी में चल रहे इस सेंटर में ऐसे कई जानवर हैं। मगरमच्छ के बारे में जानकारी देते हुए वाइल्डलाइफ एसओएस की को-फाउंडर गीता शेषामणि ने बताया कि जब चंबल नदी के किनारे मगरमच्छ को छोड़ा गया तो पहले उसने रुककर आसपास की जगह का जायजा लेने की कोशिश की। उसके बाद उसने एक नजर हमारी टीम को देखा और तैरते हुए पानी में चला गया। 

Tuesday, October 29, 2013

सोमवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर 3 गैंगमैनों की मौत

दिल्ली-हावड़ा रूट पर करबिगवां स्टेशन के पास सोमवार सुबह ट्रेन की चपेट में आकर 3 गैंगमैनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के आला अफसर और कानपुर से जीआरपी मौके पर पहुंची। शवों को तुरंत हटवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। तीनों गैंगमैन इलाहाबाद के रहने वाले हैं। 
जीआरपी इंस्पेक्टर के मुताबिक, गैंगमैन महेंद्र सिंह (इलाहाबाद), इंद्रपाल (कौशांबी) और विमलेश (इलाहाबाद) करबिगवां स्टेशन के आउटर पर खंभा नंबर 985/18 के पास काम कर रहे थे। इस दौरान सुबह 11:50 बजे अचानक तीनों को डाउन लाइन पर जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस आती दिखी। तीनों काम रोककर अप-लाइन पर आए तभी इस ट्रैक पर चौरीचौरा एक्सप्रेस आ गई। इसकी चपेट में आकर तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन ड्राइवर से मिली सूचना के बाद रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। तुरंत ही फतेहपुर और कानपुर से रेलवे के सीनियर अफसरों के अलावा जीआरपी की एक टीम मौके के लिए रवाना हुई। 

Monday, October 28, 2013

अत्याधुनिक और लक्जरी सुविधाओं से लैस लोकल ट्रेन

मुंबई की लाइफलाइन मुंबई लोकल का कायाकल्प होने वाला है। महानगर की पटरियों पर अब दौड़ेगी अत्याधुनिक और लक्जरी सुविधाओं से लैस लोकल ट्रेन। इस तरह का पहला रैक मुंबई पहुंच चुका है। ऐसे कुल 72 रैक्स मंगाए जा रहे हैं। इन रैक्स को तैयार किया है जर्मन कंपनी बंबार्डीयन ने। इन नए रैक का उद्  घाटन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने उपनगरीय लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रविवार को एक भव्य कार्यक्रम के दौरान किया। 
नए रेल डिब्बों की खास बातें:
 
- सभी डिब्बे स्टीलनेस स्टील के होंगे
 
- एनर्जी एफिशिएंट
 
- प्रति घंटे 16 हजार क्यूबिक मीटर हवा सप्लाई
 

- सामान रखने के लिए स्टील के रैक 
- पॉलीकार्बोनेट लूअर्स के साथ चौड़ी खिड़कियां
 
- डिब्बों में जॉइंट पर रीजनरेटिव ब्रेकिंग
 
- गाड़ी से 35 पर्सेंट ईंधन की बचत
 
- स्टील के साइड वॉल और पेनल रूफ
 
- एयरोडायनामिक ड्राइवर केबिन
 
- गर्मी से बचाने के लिए रूफ माउंटेड वेंटीलेशन सिस्टम
 
- डिब्बे में डबल साइड सूचना डिस्प्ले प्रणाली
 
- दरवाजों में कांच के पारदर्शी दरवाजे
 
- लाइट वेट स्लाइडिंग दरवाजे
 
- स्टीलनेस स्टील की सीटें
 
- पकड़ के लिए पॉलीकार्बोनेट स्टील हैंडल
 
यह विकास कार्य एमयूटीपी (मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रॉजेक्ट) के दूसरे चरण के तहत किया जा रहा है। इसके लिए 12 कार रैक (रेल डिब्बे) के 72 नगों (864 डिब्बों) का निर्माण चेन्नै स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में किया जा रहा है। इस परियोजना के कुल लागत 3041 करोड़ रुपये है।
 
इस
 कार्यक्रम में मुंबई के 12 उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर ट्रेस पास कंट्रोल लगाए जाने की भी घोषणा की गई।यह ट्रेस पास कंट्रोल लोगों को पटरी पार करने से रोकने के लिए होगा। इसके अतिरिक्त ऊपरी मार्ग परप्लैटफॉर्मों के बीच इंटरकनेक्शन , चार दिवारी का निर्माण , एस्केलेटर , ग्रीन पैच , रेलवे ट्रैक की बारकेडिंगशामिल है। मुंबई के वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन के छह स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव है। ये स्टेशन हैं - दादर , कुर्ला , कांजूर मार्ग , ठाणे , ठाकुर्ली , कल्याण ( सेंट्रल लाइन ) और दादर , कांदिवली ,बोरिवली , भाईंदर , वसई रोड और नालासोपारा। 
मुख्यमंत्री
 ने मंच पर उपस्थित मेयर सुनील प्रभु से उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर महिला शौचालय का प्रबंधकरने की भी गुजरिश की। कार्यक्रम के दौरान रेलवे इलेक्ट्रिकल बोर्ड के मेंबर सुबोध जैन , कुलभूषण , रेलवे बोर्डअध्यक्ष अरुणेन्द्र कुमार और मंडल प्रमुख मुकेश निगम ने मुख्यमंत्री और रेल मंत्री को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। 

Wednesday, October 23, 2013

रेलवे ट्रैक पर मिले घायल ने दम तोड़ा, हत्या का मामला दर्ज

शहबाजपुर खालसा से अपहृत व राजस्थान के रेलवे ट्रैक पर गंभीर रूप से घायल मिले युवक ने जिंदगी और मौत से जूझते हुए आखिरकार जयपुर के अस्पताल में बीती रात को दम तोड़ दिया। इस युवक का अपहरण एक सप्ताह पहले किया गया था और मृतक की पत्नी ने तीन साथियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था लेकिन युवक की मौत के बाद उसकी पत्नी ने अब हत्या का मामला दर्ज करा दिया है। पुलिस ने तीनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या रुपयों के लेन-देन को लेकर की गई। 
गौरतलब है कि गांव शहबाजपुर खालसा निवासी युवक हरीश कुमार प्रजापत रेहड़ी पर अंडे बेचने का काम करता था। उसकी पत्नी पिंकी देवी के अनुसार 13 अक्टूबर की रात को गांव के दो युवक रामोतार, सोनू यादव और विकास उर्फ मूसा निवासी बैरियावास उसके पति को उसके घर के सामने से जबरन उठा कर ले गए थे। वह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उसकी तलाश करती रही। राजस्थान के समाचार पत्र में छपी एक खबर के बाद उसके रिश्तेदारों ने फोन करके हरीश की शिनाख्त करने के लिए बुलाया। हरीश को मरणासन्न व बेहोशी की हालत में 16 अक्तूबर को अजरका रेलवे ट्रेक पर पड़ा हुआ पाया गया था और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। उसे लेकर वह जयपुर के सवाई मानसिक अस्पताल पहुंची, जहां बीती रात को उसने दम तोड़ दिया। उसके सिर पर लोहे की रॉड से गंभीर चोटें मारी गई थी। तब पत्नी की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था और अब हरीश की मौत के बाद हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है। इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ब्रह्मजीत ने बताया कि इस हत्या में शामिल हरीश के तीनों साथियों रामोतार, सोनू व विकास को कसौला थाना के गांव साल्हावास से गिरफ्तार कर लिया गया है। जिनसे कड़ी पूछताछ की जाएगी।
 

Friday, October 18, 2013

कई चीजों की खुलेआम अनदेखी

 इन दिनों दिल्ली के कई इलाकों में मेट्रो के फेज-3 का काम चल रहा है। डीएमआरसी पर तय डेडलाइन तक काम पूरा करने का दबाव है और ऐसे में इस बार कई चीजों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। कई जगह मेट्रो लाइन और मेट्रो स्टेशन बनाने का जिम्मा संभाल रहे कॉन्ट्रैक्टर लापरवाही रवैया अपना रहे हैं। खासतौर से ईस्ट और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में बड़े पैमाने पर ऐसा देखने को मिल रहा है।
आमतौर पर डीएमआरसी कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए जहां कहीं भी सड़क को कवर करती है, वहां जनरल ट्रैफिक के लिए दूसरा रास्ता भी मुहैया कराती है। डीएमआरसी की यही कोशिश होती है कि उसके काम के चलते ट्रैफिक पर ज्यादा असर ना पड़े। लेकिन इस बार कॉन्ट्रैक्टर डीएमआरसी की इस इमेज खराब करने का काम कर रहे हैं। कई जगह मेट्रो की कंस्ट्रक्शन साइट्स के आसपास सड़क की हालत इतनी खस्ता है कि वहां से गुजरना लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है।
ईस्ट दिल्ली में मयूर विहार फेज-1 के मेट्रो स्टेशन से लेकर मयूर विहार पुलिस थाने के बीच की रोड इसका सबूत है। यहां डीएमआरसी की ओर से की गई बैरिकेडिंग के दोनों तरफ सड़क की हालत बेहद खराब है। सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्टेशन के ठीक नीचे रोड के बीचोंबीच सॉयल टेस्टिंग के लिए जो गड्ढा खोदा गया था, उसे भी ऐसे ही मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जिसकी वजह से यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।

उधर मौजपुर से सीलमपुर के बीच भी रोड की हालत बेहद खस्ता है। यहां भी कॉन्ट्रैक्टर ने सड़क के बीच में बैरिकेडिंग तो कर दी, लेकिन वैकल्पिक रोड दुरुस्त नहीं की जिसके चलते यहां जाम लगता रहता है। खास बात यह है कि एक तरफ जहां रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर चल रहे मेट्रो के काम के लिए व्यस्त रास्तों पर बैरिकेडिंग करने के बावजूद नई वैकल्पिक रोड बनाकर दी गई है, वहीं यमुनापार के इन इलाकों में वैकप्लिक रास्तों को ऐसे ही छोड़ दिया गया है।
इतना ही नहीं, कई जगह फुटपाथ पर ही बैरिकेड्स रख दिए गए हैं और उन पर कंस्ट्रक्शन मटीरियल और डिमोलिशन से निकला मलबा और सामान छोड़ दिया गया है, जिसके चलते राहगीरों को भी यहां से निकलते वक्त बेहद सावधानी रखनी पड़ती है। मयूर विहार फेज-1 में रहने वाले जगदीश ठाकुर का कहना है कि हमने कभी नहीं सोचा था कि डीएमआरसी यहां इस तरह से काम करेगी। घर से निकलकर बाहर अक्षरधाम की तरफ जाने वाली मेन रोड तक पहुंचने में भी काफी वक्त लग जाता है।

Tuesday, October 15, 2013

राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग

नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में असम के मोरिगांव जिले में धरमतुल रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार तड़के भीषण आग लग गई। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

ट्रेन की पैन्ट्री में सुबह करीब साढ़े चार बजे आग लग गई जिसने ट्रेन को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद ट्रेन धरमतुल रेलवे स्टेशन पर रुक गई। पुलिस और रेल विभाग के सू़त्रों ने बताया कि राजधानी में आग लगने के कारण रेल यातायात तीन घंटे तक बाधित रहा।

सूत्रों ने बताया कि अग्निशमन विभाग के कर्मी दो घंटे की मशक्कत के बाद आग को काबू कर पाए।उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद सुबह आठ बजे यातायात सुचारू हो पाया। रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

Friday, October 11, 2013

काडर का पुनर्गठन प्रस्ताव मंजूर

रेलवे बोर्ड ने दशहरे पर अपने साढ़े छह लाख कर्मचारियों को उनके काडर का पुनर्गठन प्रस्ताव मंजूर करके तोहफा दिया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू होगी। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री एस. जी. मिश्र ने इसे कर्मचारियों के संघर्ष का नतीजा बताया है। पुनर्गठन स्कीम का फायदा सभी अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा। इससे ओपन लाइन पर काम करने वाले, कारखानों और आरडीएसओ के कर्मचारियों को फायदा होगा। 
नॉर्दर्न रेलवे मेंस फेडरेशन के मंडल मंत्री आर. के. पांडेय ने बताया कि एक नवंबर के पहले चल रहे सिलेक्शन भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए जाएंगे। काडर पुनर्गठन से जिन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, उन्हें लिखित परीक्षा पास करने की जरूरत नहीं है। इसके दायरे में आने वाले कर्मचारी सामान्य औपचारिकता पूरी करने के बाद अगले वेतनमान का फायदा ले सकेंगे। इस आदेश से उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के 24000 में से 13000 और एनईआर के 15000 में से 8500 कर्मचारियों को उच्च वेतनमान का फायदा मिलेगा।
 

Tuesday, October 8, 2013

शताब्दी और राजधानी ट्रेनों के किरायों में 5 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि

 ईंधन समायोजन घटक यानी फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट (एफएसी) लागू होने से सोमवार से सभी श्रेणियों के किराए में दो फीसदी की बढ़ोतरी के चलते यात्रियों को अब अपनी जेब ढीली करनी होगी। नए किराए उन टिकटों पर भी लागू होंगे, जो 7 अक्टूबर या उसके बाद की यात्रा के लिए पहले ही जारी कर दिए गए हैं। हालांकि उपनगरीय रेलों में सेकंड क्लास के टिकटों और मासिक टिकटों के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
रेल किराया भले ही दो फीसदी बढ़ा है, लेकिन राउंड ऑफ सिस्टम का फॉर्म्युला लागू होने से यात्रियों को 66% तक ज्यादा किराया देना होगा। सामान्य टिकटों के लिए राउंट ऑफ 5 रुपये का होगा, जबकि रिजर्व टिकटों का राउंड ऑफ 10 रुपये होगा। मसलन, यात्रियों को अब पैसेंजर ट्रेनों में 11 से लेकर 14 रुपये तक का किराया होने पर 15 रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह 16 से 19 रुपये किराया होने पर 20 रुपये देने होंगे। इससे उन पर दो से लेकर 4 रुपये तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी तरह रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को यह किराया 10 के गुणक में देना होगा। अगर किसी यात्री का टिकट 211 रुपये का है तो उससे 220 रुपये लिए जाएंगे। रेलवे ने भले ही फुटकर की दिक्कत को मूल वजह बताई है, लेकिन यह रेलवे की बाजीगरी है। इससे रेलवे ने कागजों पर जो बढ़ोतरी दिखाई है, उससे कहीं ज्यादा आय होगी।
आज की बढ़ोतरी के बाद मेल/एक्सप्रेस, शताब्दी और राजधानी ट्रेनों के किरायों में 5 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि होगी। इसके अलावा दूरंतो ट्रेनों का किराया राजधानी/शताब्दी ट्रेनों के बराबर हो जाएगा और इसमें 100-120 रुपये तक का अतिरिक्त इजाफा होगा। सेकंड क्लास (गैर उपनगरीय) के किरायों में चुनिंदा दूरियों के लिए पांच रुपये तक की वृद्धि होगी, जबकि बाकी सभी दर्जों (स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी, फस्र्ट एसी और एसी चेयरकार) के किरायों में 10 रुपये से लेकर 95 रुपये तक की वृद्धि की जा रही है। सेकंड क्लास के उपनगरीय और मंथली सीजन टिकट (एमएसटी) के किरायों को एफएसी की वृद्धि से मुक्त रखा गया है। एफएसी के अनुसार किरायों में अगली समीक्षा अब अप्रैल में होगी।
रेलवे ने सोमवार से एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों के किराये बढ़ाने के साथ सेकंड क्लास स्लैब चेंज करने को जो फॉर्म्युला अपनाया है, उससे लोकल ट्रेनों के किराये में भी बढ़ोतरी हो गई है। मसलन, पहले 1 से 30 किलोमीटर तक लोकल ट्रेन का किराया 5 रुपये था, लेकिन नए स्लैब के अनुसार 5 रुपये अब 1 से 20 किलोमीटर तक ही लागू होगा। 20 किलोमीटर से ऊपर जाते ही 10 रुपये अदा करने होंगे। हालांकि एमएसटी के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यात्री किराये में बढ़ोतरी से रेलवे को इस वित्त वर्ष के बाकी छह महीनों में तकरीबन 450 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने की संभावना है। गौरतलब है कि डीजल आौर बिजली की बढ़ी कीमतों की वजह से 1200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ झेल रहे रेलवे ने यात्री किराया और माल भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया। इस बढ़ोतरी को फ्यूल एडजस्टमेंट कंपोनेंट के साथ जोड़ा जा रहा है। एफएसी को यात्री किराये और माल भाड़े के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने 2012-13 के रेल बजट में दिया था। मालभाड़ों पर एफएसी के दूसरे पुनरीक्षण के तहत की जाने वाली 1.7 फीसद की वृद्धि 10 अक्टूबर से लागू होगी। आपको बता दें कि अभी पहली अक्टूबर से ही व्यस्त मौसम अधिभार के तहत मालभाड़ों में 15 फीसद तक की वृद्धि की गई थी।

Thursday, October 3, 2013

युवती की शिनाख्त नहीं हुई है

 मेवला महाराजपुर से करीब आधा किलोमीटरआगे रेलवे ट्रैक पर एक विदेशी युवती ने ट्रेन के आगे कूदकरजान दे दी। ट्रेन ड्राइवर के सूचना देने पर जीआरपी मौके परपहुंची। जीआरपी का कहना है कि युवती की शिनाख्त नहीं हुईहै। 
फरीदाबाद जीआरपी के अनुसार बुधवार दोपहर को मेवलामहाराजपुर रेलवे फाटक से आगरा की तरफ करीब आधाकिलोमीटर आगे रेलवे ट्रैक किनारे पर एक विदेशी युवती चलरही थी। इस दौरान दिल्ली की तरफ से एक ट्रेन आगरा कीतरफ जा रही थी। जैसे ही ट्रेन विदेशी युवती के पास पहुंची , उसने अचानक ट्रेन के आगे कूद आत्महत्या कर ली। 
जीआरपी ने युवती का कोई सामान या अन्य दस्तावेज तलाशने के काफी प्रयास किए गए , लेकिन कुछ नहींमिला। युवती की उम्र करीब 25 साल है और उसने कोका कोला कलर का राउंड नेक की टीशर्ट और लाल - हरीछापेदार सलवार टाइप पहना हुआ है। 

Tuesday, October 1, 2013

पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरू

 पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही लखनऊ-गोरखपुर इंटरसिटी छह अक्टूबर तक रद्द कर दी गई है। जबकि छपरा-मथुरा जंक्शन एक्सप्रेस (15107/15108) दो व चार अक्टूबर को रद्द रहेगी। दूसरी ओर रविवार को गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस बस्ती से ही रवाना की गई। इससे इन टेनों के यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
एनईआर के सीपीआरओ आलोक सिंह ने बताया कि इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान कुछ ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित किए गए हैं। अवध-असम एक्सप्रेस (15610) दो से पांच अक्टूबर तक लखनऊ-गोण्डा-गोरखपुर-छपरा के बजाए लखनऊ-सुल्तानपुर-वाराणसी-औड़िहार-छपरा के रास्ते जायेगी। रविवार से लेकर 5 अक्टूबर तक आम्रपाली एक्सप्रेस (15708) लखनऊ-गोण्डा-गोरखपुर-छपरा के बजाए लखनऊ-बाराबंकी-फैजाबाद-शाहगंज-मऊ-छपरा के रास्ते चलेगी।
उन्होंने बताया कि पहली एवं तीन अक्टूबर को देहरादून-गोरखपुर एक्सप्रेस (15006) गोरखपुर के बजाए लखनऊ से ही चलेगी। जबकि पहली व चार अक्टूबर को बान्द्रा एक्सप्रेस (19037) गोरखपुर की जगह गोण्डा में ही रद्द कर दी जायेगी। पहली अक्टूबर को गोरखपुर-यशवन्तपुर एक्सप्रेस (15023) गोरखपुर की जगह लखनऊ जं. से चलेगी। जबकि दो से पांच अक्टूबर तक नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (12566) गोरखपुर-सीवान-छपरा के बजाए लखनऊ-प्रतापगढ़-जघंई-वाराणसी-छपरा के रास्ते चलाई जायेगी।