Friday, August 30, 2013

फर्स्ट क्लास कोच में एक महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत

हार्बर लाइन पर मानखुर्द से वाशी स्टेशन के बीच फर्स्ट क्लास कोच में एक महिला यात्री के सामने अश्लील हरकत करने और उसे छेड़ने वाले विकृत मानसिकता वाले एक युवक को वाशी रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकडे़ गए युवक का नाम सोलोमन शेवियार (29) बताया गया है। सोलोमन वाशी सेक्टर-9 का निवासी बताया गया है। सूत्रों के अनुसार महिला यात्री कुर्ला से चढ़ी थी और वाशी जा रही थी। 
पुलिस के अनुसार महिला कुर्ला से प्रथम श्रेणी की बोगी में बैठी, उस वक्त उस कोच में एक बुजुर्ग दंपति के अलावा इक्का-दुक्का यात्री थे। सभी यात्री मानखुर्द स्टेशन पर उतर गए। मानखुर्द से गाड़ी चलते ही आरोपी युवक फर्स्ट क्लास कोच के लेडीज कंपार्टमेंट में चढ़ गया। उस समय कोच में न तो कोई यात्री था, न ही कोई पुलिसकर्मी। गाड़ी के मानखुर्द स्टेशन से निकलते ही युवक महिला के सामने आ खड़ा हुआ और अपनी पेंट व अंडरवियर निकालकर नंगा खड़ा हो गया। इससे महिला बुरी तरह डर गई और भागकर दरवाजे की ओर जाने लगी, तभी युवक ने महिला को पीछे से पकड़ा और छेड़ने की कोशिश करने लगा।
 
इधर, लेडीज फर्स्ट क्लास कोच से सटे दूसरे कोच में सवार यात्रियों ने महिला की आवाज सुनी और सहायता के लिए तत्पर हो गए। जैसे ही लोकल ट्रेन वाशी स्टेशन में घुसी, पास की बोगी के पुरुष यात्री दौड़ पड़े और भागने से पहले ही आरोपी को धर दबोचा। बाद में आरोपी युवक को वाशी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
 

रानीखेत एक्सपे्रस को ब्यावर स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया

राजस्थान में लगने वाले रामदेवरा मेले की भीड़ के चलते गुड़गांव के रास्ते चलने वाली रानीखेत एक्सपे्रस को ब्यावर स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। यह ठहराव गुरुवार से 22 सितंबर तक दिया गया है। अप और डाउन में अब यह ट्रेन प्रतिदिन 2 मिनट के लिए रुकेगी। 
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरूण जैन ने बताया कि राम देवरा मेले के चलते ट्रेनों में काफी अधिक भीड़ चल रही है। यह मेला ब्यावर स्टेशन के पास लगाया जाता है। ऐसे में गुड़गांव व एनसीआर के अन्य जगहों से ट्रेनों में जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए इस ट्रेन को दो मिनट का स्टॉपेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार 15013 भगत की कोठी-काठगोदाम रानीखेत एक्सपे्रस अब ब्यावर स्टेशन पर 10.35 बजे पहुंचेगी और वहां से 10.37 बजे चलेगी। इसी तरह गाड़ी 15014 काठकोदाम-भगत की कोठी रानीखेत एक्सपे्रस ब्यावर स्टेशन पर 14.23 बजे पहुंचेगी औरे 14.25 बजे प्रस्थान करेगी। 

Wednesday, August 28, 2013

रेल्वे के रिटायर्ड डीजीएम (राजभाषा)की पत्नी की गला घोटकर हत्या

प्रताप विहार सेक्टर-12 में सोमवार सुबह बदमाशों ने रेलवे के रिटायर्ड डीजीएम (राजभाषा) की पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और घर में रखा कुछ सामान लूट ले गए। उनकी नौकरानी जब घर पहंुची तो वहां वृद्धा मृत मिलीं। उनके गले में दुपट्टे का फंदा लगा हुआ था। पुलिस इस वारदात में एजीएम के परिवार के किसी नजदीकी का हाथ मान रही है। एसओ विजय नगर हरिदयाल यादव ने दावा किया कि पुलिस इस हत्याकांड का जल्द खुलासा कर देगी। उन्होंने कहा कि अब तक की छानबीन में लूट का सबूत नहीं मिला है। 
प्रताप विहार सेक्टर-12 में रहने वाले आशुतोष मनुज रेलवे से डीजीएम (राजभाषा)  की पोस्ट से रिटायर हुए हैं। घर में उनके साथ उनकी पत्नी बिमला (60) रहती थीं। उनके दो पुत्र हैं अमित और राजीव। अमित चेन्नई में और राजीव मुंबई में रह रहे हैं।
 
रेलवे से रिटायर होने के बाद आशुतोष ने कॉन्ट्रैक्ट पर एमटीएनएल, दिल्ली में जॉइन किया था। आशुतोष ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार सुबह करीब 8:12 पर दिल्ली के लिए निकले थे। घर की नौकरानी शशि के अनुसार, सुबह जब वह आशुतोष के घर पहुंची तो बिमला और आशुतोष रसोई में थे। इसके चलते शशि मकान के फर्स्ट फ्लोर पर रहने वाले किराएदार के घर काम करने चली गई। करीब 15 मिनट बाद जब वह लौटी तो आशुतोष के मकान का मेन गेट खुला हुआ था जबकि घर के अंदर बाथरूम के दरवाजे के पास बिमला बेसुध पड़ी थीं। उनकी गर्दन पर दुपट्टे का फंदा लगा था। घर का सामान बिखरा हुआ था। शशि के मुताबिक, आशुतोष वहां नहीं थे। इसके बाद शशि ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। पड़ोसियों ने फोन कर डॉक्टर और आशुतोष को जानकारी दी। डॉक्टर ने जांच के बाद बिमला को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद आशुतोष भी घर लौट आए।
 
इस बीच पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दे दी थी। पुलिस ने मौके पहंुचकर बिमला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
 
पुलिस की पूछताछ में आशुतोष ने किसी भी व्यक्ति से दुश्मनी होने से इनकार किया। उन्होंने घर कर छानबीन करने पर दो मोबाइल फोन और कुछ अन्य सामान के गायब होेने की जानकारी दी। हालांकि वह पुलिस को यह नहीं बता सके कि मोबाइल के अलावा क्या सामान गायब हुआ है।
 

कोई शोर नहीं, विरोध के निशान भी नहीं पुलिस के अनुसार, मौके पर कोई ऐसा निशान नहीं मिला, जिससे पता लगे कि किसी अनजान व्यक्ति के घर में घुसने पर बिमला ने विरोध किया हो। महिला के मकान के ऊपरी हिस्से में चार स्टूडेंट्स किराए पर रहते हैं। नौकरानी शशि उन्हीं के घर में काम करने गई थी। शशि और स्टूडेंट्स ने बताया कि उन्होंने सुबह किसी तरह का शोर नहीं सुना था। एसओ के मुताबिक, बिमला कि पति ने बताया कि वह सुबह करीब 8:12 पर घर से निकले थे और सुबह 8.32 पर उन्हें वारदात की जानकारी मिली। इस तरह 20 मिनट में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। 

Tuesday, August 20, 2013

सिंगला और अन्य आरोपियों की जुडिशल रिमांड बढ़ी

10 करोड़ रुपये के रेल घूसकांड मामले में अदालत ने आरोपी विजय सिंगला और अन्य की जुडिशल रिमांड 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी गई है। सिंगला पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल के भांजे हैं और इस मामले में पद दिलाने के लिए 10 करोड़ की रिश्वत मांगने के आरोपी है।

इस मामले में सिंगला समेत 6 आरोपियों की जुडिशल रिमांड की अवधि पूरी होने पर सीबीआई के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। सिंगला के अलावा इस मामले में रेलवे बोर्ड के तत्कालीन मेंबर (स्टाफ) महेश कुमार, बेंगलुरु स्थित जी जी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नारायण राव मंजुनाथ, कथित बिचौलिया संदीप गोयल, एम. वी. मुरली कृष्णा और सी. वी. वेणुगोपाल को अदालत में पेश किया गया था।

इस मामले में सीबीआई ने जिन 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है, उनमें से 4 को जमानत मिल चुकी है। आरोपी राहुल गर्ग, समीर संधीर और सुशील डागा को अदालत ने 12 अगस्त को जमानत दे दी हालांकि सीबीआई ने इसका विरोध किया था जबकि कथित मिडलमैन अजय गर्ग को अदालत ने 8 जुलाई को जमानत दे दी।
 


Monday, August 19, 2013

राज्यरानी एक्सप्रेस से कटकर 35 लोगों की मौत हो गई

 बिहार के खगड़िया जिले से दिल दहला देने वाली खबर आ रही है। खगड़िया जिले में राज्यरानी एक्सप्रेस से कटकर 35 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना समस्तीपुर रेलवे डिविजन के धमाराघाट के पास हुई है। हादसे के बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण है। लोगों ने ट्रेन के ड्राइवर को बंधक बना लिया है। कई बोगियों में आग लगा दी है। इतने बड़े हादसे के लिए रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। 35 मौतों की पुष्टि खगड़िया के सांसद दिनेश चंद्र यादव ने की है।
सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के पास कात्यायनी मंदिर है। श्रावण माह के आखिरी सोमवार होने के कारण वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा थी। वहां कांवरिए मंदिर में जल चढ़ाने आए थे। यहां प्रसिद्ध सोमवारी मेला भी लगता है। लोग ट्रैक पार कर दूसरी तरफ मंदिर की ओर जा रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, धमाराघाट एक छोटा स्टेशन है। यहां राज्यरानी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है। ट्रेन की स्पीड भी काफी ज्यादा थी। ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए। करीब 35 लोगों की मौत हो गई है। करीब 25 अन्य घायल भी हैं।
हादसे के बाद लोगों ने ट्रेन के ड्राइवर को बंधक बना लिया है। कई बोगियों में आग लगा दी है। पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

हादसे के बाद रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जब वहां मेले का आयोजन होता है तो स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था क्यों नहीं संभाली थी। उन्होंने कहा कि मैं आम लोगों को इसके लिए जिम्मेदार नहीं मानता। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है 10 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
समस्तीपुर के डीआरएम ने बताया कि आक्रोशित लोगों ने पूरे स्टेशन को बंधक बना लिया है। रेलवे ने मेडिकल रिलीफ वैन रवाना कर दिया है। उन्होंने कहा धमाराघाट रेलवे स्टेशन पर सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है।

Wednesday, August 14, 2013

शुभकामनायें

आप सभी को एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें । 

ट्रेन भी आसानी से

दिल्ली में ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में जितना भी डिवेलपमेंट हुआ, उसका फायदा सिर्फ दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के एक बेहद सीमित इलाके में रहने वाले लोगों को ही मिला। रैपिड रेल प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यही होगी कि इसके जरिए दिल्ली और एनसीआर के दूरदराज के इलाके भी एक वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिए आपस में सीधे कनेक्ट हो जाएंगे। इतना ही नहीं, दिल्ली एनसीआर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अन्य साधनों से भी इसका बेहतर ढंग से इंटिग्रेशन किया जाएगा, ताकि रैपिड रेल से आने जाने वाले लोगों को आगे की जर्नी के लिए मेट्रो, इंटर स्टेट बसें, डीटीसी बसें और ट्रेन भी आसानी से मिल जाएंगे। 
दिल्ली एनसीआर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सूरत बदलने वाले इस प्रोजेक्ट के फेज-1 के लिए शुरुआत में तीन प्रायॉरिटी कॉरिडोर की पहचान की गई है। दिल्ली-पानीपत, दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर। ये तीनों ही कॉरिडोर दिल्ली को यूपी, हरियाणा और राजस्थान जैसे तीन पड़ोसी राज्यों के उन इलाकों से जोड़ेंगे, जो वैसे तो एनसीआर के तहत आते हैं लेकिन अभी उनके साथ डायरेक्ट कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए ऐसा कोई मजबूत और मॉडर्न रीजनल ट्रांजिट सिस्टम मौजूद नहीं है, जो कम समय और कम पैसों में आरामदायक तरीके से लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचा सके। रैपिड रेल इसी कमी को दूर करेगी। रीजनल रैपिड रेल प्रोजेक्ट के वैसे तो कई पहलू हैं, लेकिन हम सबसे पहले इस प्रोजेक्ट के उन तीन कॉरिडोर पर रोशनी डालेंगे, जिनसे दिल्ली-एनसीआर के आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। 
मेरठ से दिल्ली नौकरी, बिजनेस और दूसरे कामों के सिलसिले में आने वालों की तादाद अभी भी काफी संख्या में है। इसके भविष्य में भी काफी तेजी से बढ़ने के चांस हैं। इस वक्त लोग ट्रेन या बसों से दिल्ली आते हैं जिसमें 2 से 2.5 घंटे लगते हैं। सड़क से आने में अक्सर जाम में फंसकर लोग कई-कई घंटे फंसे रहते हैं। रैपिड रेल के पहले फेज में मेरठ और दिल्ली की कनेक्टिविटी बेहतरीन होने के पूरे चांस हैं। 


Thursday, August 8, 2013

पब्लिक से पैसा जुटाने का तरीका

इंडिया के सबसे बड़े पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (ओवल मैदान-विरार एलिवेटेड कॉरिडोर) प्रॉजेक्ट के लिए रेलवे ने पब्लिक से पैसा जुटाने का तरीका निकाला है। तकरीबन 22,500 करोड़ रुपये के इस प्रॉजेक्ट के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और रेलवे ने पहले से ही 40 प्रतिशत रकम जुटाने का इंतजाम तो कर लिया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर और दस प्रतिशत रकम बॉन्ड निकालकर पब्लिक से जुटाएगी। पब्लिक के द्वारा जुटाई गई रकम को प्रॉजेक्ट में बिड करने वाली पार्टी को 12 प्रतिशत ब्याज की दर पर दिया जाएगा। 
पब्लिक से पैसे जुटाने का काम इंडियन रेलवे फाइनैंशल कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) करेगी। इस योजना के लिए रेलवे ने नया रिक्विजिशन और क्वॉलिफिकेशन (आरएफक्यू) निकाला है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इंडियन रेलवे में ऐसा पहली बार होगा जब रेलवे निविदा भरने वाली पार्टी को वित्तीय सहायता देगी।
 
नए आरएफक्यू के अनुसार आवेदनकर्ता को 20 सितंबर तक अर्जी देनी होगी, जिन्हें 4 अक्टूबर तक शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा। रेलवे निविदा संबंधी कागजात 10 अक्टूबर से बेचना शुरू करेगी, और 31 दिसंबर, 2013 तक निविदा भरने के लिए योग्य पार्टी का चुनाव कर लिया जाएगा। नए आरएफक्यू के कारण प्रॉजेक्ट की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी से रेलवे ने इनकार किया है।

Wednesday, August 7, 2013

परेल टर्मिनस की राह आसान

सेंट्रल रेलवे के सबसे जरूरी प्रॉजेक्ट्स में से एक परेल टर्मिनस की राह आसान हो गई है। एमयूटीपी -2 के तहत बनाए जाने वाले इसे प्रॉजेक्ट के लिए एसएफए (सब्सिडियरी फाइनैंस अग्रीमेंट) को क्लीयर कर दिया गया है, इससे टर्मिनस बनाने की योजना को गति मिलेगी। सेंट्रल ने एमआरवीसी (मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन)साथ मिलकर एमयूटीपी -2 (5वी-6वीं लाइन) के तहत परेल में टर्मिनस बनाने की योजना बनाई है। इस प्रॉजेक्ट के लिए पहले राज्य सरकार ने फंडिंग रोक दी थी।

राज्य सरकार के अनुसार आरएलडीए (रेल लैंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी) के द्वारा की जाने वाले देरी की वजह से बांद्रा लैंड के विकास का काम अटका हुआ है। एमआरवीसी के सूत्रों के अनुसार एसएफए को चीफ मिनिस्टर का क्लीयरेंस मिल जाने के बाद एमयूटीपी -2 को तहत किए जा रहे कार्यों को गति मिलेगी।
 

एमआरवीसी के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से 270 करोड़ रुपये रिलीज नहीं किए जा रहे थे। इस अग्रीमेंट के अनुसार राज्य सरकार द्वारा एमयूटीपी-2 का अपना हिस्सा जारी करती रहेगी और जब बांद्रा लैंड का निबटारा होगा तब संबधित राशि राज्य सरकार को रिफंड कर दी जाएगी। बहरहाल अग्रीमेंट क्लीयर होने के बावजूद हार्बर लाइन पर 12 डिब्बे का रैक चलाने से संबंधित एसएफए अभी राज्य सरकार के पास विचाराधीन हैं।

Friday, August 2, 2013

रेलवे- घटिया खाने को लेकर यात्री खासे नाराज

रेलवे की वीआईपी ट्रेनों की श्रेणी में आने वाली शताब्दी व राजधानी के घटिया खाने को लेकर यात्री खासे नाराज हैं। अप्रैल से लेकर जुलाई तक कई ट्रेनों में पैसेंजर खाना खाते ही बीमार हो गए लेकिन अफसरों पर कोई असर नहीं हो रहा है। शनिवार को लखनऊ-दिल्ली शताब्दी में खराब मील दिए जाने के बाद दिल्ली स्टेशन पर पैसेंजर्स ने काफी हंगामा किया था।

नॉर्दर्न रेलवे की लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी में तीन महीने पहले भी लोगों ने खराब खाना दिए जाने को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद ब्रेकफास्ट की क्वॉलिटी को लेकर भी बवाल हुआ लेकिन अफसरों ने मामले को दबा दिया। अब शनिवार को जब खराब पनीर व घटिया दाल के कारण यात्रियों की तबियत बिगड़ी तो अफसरों ने जांच बैठा दी। अब रेलवे ने कानपुर से खाने की सप्लाई करने वालों पर नजर टेढ़ी कर दी है। अफसर भी मानते हैं सोमवार को जीएम आफिस खुलने के बाद यह मामला गरमा सकता है।
-इसी साल 25 मई को नई दिल्ली से सियालदह जा रही राजधानी एक्सप्रेस में घटिया खाना खाकर थ्री एसी कोच के दो दर्जन यात्री बीमार हो चुके हैं।

-11 मई 2013 को रांची राजधानी के ए-1, ए-2 फर्स्ट एसी कोच के 30 पैसेंजरों के बीमार होने पर काफी हंगामा मचा था। बाद में रेलवे बोर्ड ने ठेकेदार पर जुर्माना लगाकर मामला शांत किया।
-27 अप्रैल 2013 को भोपाल शताब्दी में घटिया खाना खाकर कई यात्री बीमार हुए थे। फूड पॉयजनिंग का शिकार हुए यात्रियों के समर्थन में ट्रेन के अन्य पैसेंजर्स से काफी हंगामा किया था।
-22 अप्रैल 2013 को न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी के कई पैसेंजर्स को फूड पॉयजनिंग हो गई। इस पर भी जोनल रेलवे ने ऐक्शन का भरोसा देकर यात्रियों को शांत कराया था।
वहीं, नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा कहते हैं कि किसी भी ट्रेन में अगर खाने की क्वॉलिटी को लेकर पैसेंजर कंप्लेंट करते हैं तो रेलवे उसकी जांच कराकर ऐक्शन लेता है। रेलवे कभी भी खाने व नाश्ते की क्वॉलिटी से समझौता नहीं करता है। अगर ठेकेदार ने खराब खाना व नाश्ता परोसा है तो उस पर ऐक्शन जरूर लिया जाएगा।