Thursday, February 21, 2013

रेल बजट में एसी डबल डेकर ट्रेन समेत 100 नई ट्रेनों का तोहफा


 रेल मंत्री ने रेल बजट से पहले किराया बढ़ाकर भले यात्रियों पर बोझ डाल दिया हो, लेकिन रेल बजट में यात्रियों की सहूलियतें बढ़ाने की पूरी-पूरी कोशिश किए जाने के संकेत हैं। खबर है कि 26 फरवरी को पेश होने वाले रेल बजट में एसी डबल डेकर ट्रेन समेत 100 नई ट्रेनों का तोहफा मिल सकता है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों की सेवाओं का विस्तार भी किया जा सकता है। जहां तक इंजन, रेल डिब्बे और वैगन मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम का सवाल है, बजट में 600 एलएचबी डिब्बों समेत 4200 नए डिब्बों के निर्माण की घोषणा की जा सकती है। साथ ही 20 एलएनजी इंजन समेत 670 नए इंजन बनाए जाने की घोषणा के साथ करीब 16,000 नए वैगन की मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान किया जा सकता है।

रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया, 'इस साल रेल बजट में यात्रियों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा सकता है। ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं जिससे पूर्वोत्तर समेत सभी क्षेत्रों की मांग को पूरा किया जाए क्योंकि विभिन्न राज्यों से नई ट्रेनों के लिए अनुरोध किए गए हैं।

सूत्रों ने कहा कि बजट में करीब 100 नई ट्रेनों की घोषणा की जाएगी। लोगों की मांग को देखते हुए कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों का विस्तार तथा कुछ लोकप्रिय ट्रेनों के फेरे भी बढ़ाए जा सकते हैं। पिछले साल रेलवे ने 175 ट्रेनों को शुरू किये जाने की घोषणा की थी।

Sunday, February 17, 2013

2011 में 736 लोगों की मौत ट्रेन से गिरकर हुई


मुंबई में हर साल रेलवे ट्रैक पर होने वाली मौतों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आते हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है। रेलवे पुलिस से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 2011 के मुकाबले 2012 में ट्रैक पर मौत के शिकार हुए लोगों की संख्या ज्यादा में वृद्धि हुई है। 2012 में वेस्टर्न और सेंट्रल पर सर्विस की संख्या बढ़ाने, कोच की संख्या बढ़ाने के बावजूद ओवर क्राउडिंग से होने वाली मौतों के आंकड़े में कमी नहीं आई है। 2011 में 736 लोगों की मौत ट्रेन से गिरकर हुई, जबकि 2012 में यह आंकड़ा 834 तक पहुंच गया। ट्रेन से गिरकर मरने वाले हादसे सबसे ज्यादा कुर्ला में होते हैं, पिछले साल कुर्ला में 128 लोगों की मौत ट्रेन से गिरकर हुई। 
मुंबई सबर्बन रेल नेटवर्क पर सबसे ज्यादा मौत कुर्ला और कल्याण स्टेशन पर होती है। पिछले साल इन दोनों स्टेशनों पर मरने अलग-अलग हादसों में मौत के शिकार हुए लोगों की कुल संख्या 888 थी। 2011 में इन दोनों स्टेशनों पर हादसे का शिकार हुए लोगों की संख्या थी 867
 रेल की पटरी पार करने का मतलब मौत को गले लगाना है, ये बात जानते हुए भी लोग इसके प्रति गंभीर नहीं है। इस विषय पर समीक्षा करने पर कई कारण सामने आते हैं, आरोप-प्रत्यारोप होते हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति कान में इयरफोन डालकर पटरी पर चलता है या स्लो प्लैटफॉर्म से उतरकर फास्ट ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी करता है तो कारण स्पष्ट हो जाने चाहिए। 2011 में ट्रैस पासिंग करने की वजह से 2,023 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2012 में 1979। ट्रैक पर हादसे का शिकार होने वालों में सबसे ज्यादा संख्या ट्रैस पासिंग करने वालों की होती है

Sunday, February 10, 2013

टाइम टेबल में बदलाव

गाजियाबाद-कोसीकलां ईएमयू (64902) के टाइम टेबल में बदलाव किया जा रहा है। यह ट्रेन 31 मार्च से पलवल और कोसीकलां के बीच नए समय पर चले लगी। पलवल स्टेशन से यह ट्रेन अपने वर्तमान समय से 12 मिनट की देरी से कोसीकलां के लिए रवाना होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जबलपुर के लिए नई ट्रेन शुरू की जानी है। इसके चलते शटल के टाइमिंग में बदलवा किया गया है। 
बता दें कि रेल बजट 2012-13 में निजामुद्दीन और जबलपुर के बीच नई ट्रेन चलाने की घोषणा की गई थी। नई ट्रेन 31 मार्च से शुरू होगी। इसके चलते गाजियाबाद-कोसीकलां शटल के टाइमिंग में बदलाव किया गया है। नॉर्दर्न रेलवे के प्रवक्ता ए. एस. नेगी का कहना है कि गाजियाबाद-कोसीकलां शटल 31 मार्च से पलवल स्टेशन से 5:50 पर रवाना होगी। इसके चलते अगले सभी स्टेशनों पर ट्रेन की टाइमिंग बदलेगी। गाजियाबाद से पलवल के बीच ट्रेन अपने पुराने टाइम टेबल पर चलेगी। कोसीकलां के डेली पैसेंजर वेलफेयर असोसिएशन के महासचिव योगेश शर्मा का कहना है कि ट्रेन के टाइमिंग में बदलाव से यात्रियों को फायदा होगा

Monday, February 4, 2013

नई ट्रेनों का तोहफा


इस माह के चौथे हफ्ते संसद में पेश होने वाले प्रस्तावित रेल बजट में बिहार-झारखंड, पश्चिम बंगाल के साथ ही यूपी को कई नई ट्रेनों का तोहफा मिल सकता है। एनआर के सबसे महत्वपूर्ण सेंटर माने जाने वाले वाराणसी-लखनऊ के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाने के बाद इस रूट के पैसेंजर रेल बजट से बहुत आस लगाए बैठे है। वाराणसी-दिल्ली के बीच नई दुरांतो एक्सप्रेस और नई दिल्ली से लखनऊ के बीच दूसरी नई शताब्दी एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों के चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के सामने है। वहीं लखनऊ होकर दिल्ली-कोलकाता के बीच ट्रेनों के चलाए जाने की उम्मीद है। साथ ही लखनऊ-वाराणसी के बीच एक और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाने की योजना है। 
इसी तरह दिल्ली से कोलकाता आने-जाने वाले लाखों रेल पैसेंजरों को आने वाले कुछ ही दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि वाराणसी-लखनऊ के बीच इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाने से पैसेंजरों को यात्रा में कम से कम तीन घंटे का समय बचेगा। साथ ही दिल्ली-इलाहाबाद मेन लाइन पर क्षमता से ज्यादा बढ़े लोड में एकदम से कमी आ जाएगी। इससे रूट पर चलने वाली ट्रेनों के अक्सर कई घंटे लेट होने की संभावना पर काफी हद तक अंकुश लग जाने की उम्मीद है। 
एनआर लखनऊ के डीआरएम जगदीप राय ने बताया कि इलेक्ट्रिफिकेशन से दिल्ली-वाराणसी की दूरी काफी कम हो गई है। अभी ज्यादातर ट्रेनें कानपुर-इलाहाबाद, वाराणसी-मुगलसराय होकर आ-जा रही हैं। दिल्ली से आने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन ही मुरादाबाद-लखनऊ रूट पर आ-जा रही हैं। इस रूट पर कम से कम दो-ढाई घंटे की बचत होगी। 
गरीब रथ लखनऊ-रायपुर के बीच हफ्ते में दो दिन चल रही है। उसी दौरान हफ्ते में दो दिन चलने वाली कानपुर-दुर्ग के बीच बेतवा एक्सप्रेस का सोमवार के दिन दोहराव रेल मंत्रालय की नजर में है। उम्मीद है कि सोमवार को चलने वाली इन दो ट्रेनों में किसी एक का दिन बदला जा सकता है। नई दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को लखनऊ तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव बताया गया है। इसी तरह कानपुर-दुर्ग के बीच बेतवा को भी लखनऊ तक बढ़ाया जा सकता है। वैसे योजना इस ट्रेन को गोरखपुर तक ले जाने की पहले से प्रस्तावित है। मेरठ की राज्यरानी एक्सप्रेस को अब वाराणसी तक चलाया जा सकता है। वहीं, झांसी से लखनऊ होकर एक सुपरफास्ट ट्रेन वाराणसी तक आने वाले समय में शुरू की जा सकती है।