Thursday, September 30, 2010

शख्स पाकिस्तानी नागरिक

चलती मेट्रो के अंदर मोबाइल कैमरे से फोटो खींच रहे एक पाकिस्तानी को हिरासत में लिया गया है। एक युवती को शक हुआ था कि वह उसकी फोटो खींच रहा है। युवती ने इस बारे में पुलिस को सूचना दी। राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ ने उसे मेट्रो से उतार लिया। पूछताछ में पता चला कि वह शख्स पाकिस्तानी नागरिक है। देर रात तक सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी उस शख्स से पूछताछ कर रहे थे। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है, जिससे उस पर संदेह किया जाए। उसे यह पता नहीं था कि मेट्रो के अंदर फोटो खींचने की मनाही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सोमवार दोपहर द्वारका से आ रही मेट्रो ट्रेन में बैठी युवती ने देखा कि उसके सामने वाली सीट पर बैठा शख्स मोबाइल का कैमरा ऑन करके चलती मेट्रो के अंदर फोटो खींच रहा है। कैमरे का रुख उस लड़की की तरफ था, उसे लगा कि वह शख्स शायद उसी की तस्वीरें मोबाइल में खींच रहा है। मेट्रो में लगे कैमरों से इस बात की पुष्टि भी हो गई। राजौरी गार्डन मेट्रो स्टेशन पर सीआईएसएफ के अधिकारियों ने लड़की की निशानदेही पर उस शख्स को मेट्रो से नीचे उतार लिया। पूछताछ में जब पता चला कि मोहम्मद रमजान (35) लाहौर का रहने वाला है, तो सीआईएसएफ के अफसरों ने इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को दी। रमजान को मेट्रो पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर राजा गार्डन स्थित मेट्रो के पुलिस थाने में ले गई। पाकिस्तानी नागरिक के पकड़े जाने की खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, आईबी, स्पेशल ब्रांच, एफआरआरओ और लोकल पुलिस सहित तमाम अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी राजा गार्डन थाने पहुंच गए, जहां रमजान की जॉइंट इंट्रोगेशन हुई। पूछताछ में पता चला कि रमजान तीन-चार दिन पहले ही अपने कुछ अन्य साथियों के साथ जियारत के लिए हजरत निजामुद्दीन दरगाह आया हुआ था और वहीं ठहरा हुआ था। उसके पास से मिला पासपोर्ट भी वैलिड बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें उसके साथ आए अन्य लोगों से भी पूछताछ करने के लिए गई। शिकायत करने वाली लड़की का भी कोई फोटो उसके मोबाइल में नहीं मिला। उधर जब लड़की को भी पता चला कि वह शख्स पाकिस्तानी है, तो पुलिस के चक्कर से बचने के लिए उसने भी इस मामले में कोई लिखित कंप्लेंट देने से इनकार कर दिया। देर रात तक रमजान से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्रों का कहना था कि शायद सुबह तक उसे छोड़ भी दिया जाएगा।

Saturday, September 18, 2010

ट्रेनों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर चलेंगे।

रेलमंत्री ममता बनर्जी देश की सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के अंदर 'पैसेंजर लाइफ सेफ स्कीम' को एक नया मोड़ देने जा रही हैं। कुछ ही दिनों ट्रेनों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर चलेंगे। डॉक्टरों की तैनाती का प्रोसेस लगभग शुरू हो चुका है। इस समय चिकित्सीय सुविधा केवल लंबी दूरी वाली दुरंतो एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध है। इसे शताब्दी-राजधानी और सप्तक्रांति सहित अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू करने के प्रस्ताव को ग्रीन सिग्नल मिल चुका है। सरकार की ओर से पैसेंजरों के लिए यह सुविधा फ्री होगी और इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाएगा। नॉर्दर्न रेलवे के सीएमडी डॉ. आरएन त्रिपाठी ने बताया कि रेल यात्रा के दौरान अक्सर यात्रियों के बीमार होने पर उचित इलाज न मिलने की शिकायतें मिलती रही हंै। ऐसी स्थिति में सिर्फ बड़े स्टेशनों पर इलाज की सुविधा मिल पाती है। उन्होंने बताया कि देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों में मेडिकल शॉप खोलने की योजना को भी अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के अलावा स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के बैठने की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों में डॉक्टरों की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट बेस पर की जानी है। एसी बॉगी में दो बर्थ डॉक्टरों के लिए आरक्षित रहेंगे।

Tuesday, September 14, 2010

इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की।

इंदौर में एक युवक यात्री ने रेलगाड़ी लेकर भागने की कोशिश की। यह तो ठीक रहा कि गाड़ी रफ्तार नहीं पकड़ पाई और राजकीय रेलवे पुलिस की मदद से युवक को पकड़ लिया गया। मामला इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक का है। मंगलवार की सुबह गाड़ी नंबर 326 महू-रतलाम पैसेंजर के इंजन में गोलू नामक युवक चढ़ा और गाड़ी को आगे बढ़ा दी। रेलगाड़ी से नीचे उतरे दोनों चालक जब गाड़ी को चलते देखा तो उन्होंने दौड़ लगाई और जीआरपी जवानों की मदद से गोलू को पकड़ लिया। जीआरपी थाने के उपनिरीक्षक आर. एन. एस. जाट ने बताया कि रेलगाड़ी बमुश्किल से 30 मीटर ही आगे बढ़ पाई थी तभी गोलू को पकड़ लिया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है। गोलू के खिलाफ रेल सुरक्षा बल कार्रवाई करेगा। बताया गया है कि इस पैसेंजर रेलगाड़ी से बड़ी तादाद में कर्मचारी यात्रा करते हैं और मंगलवार को भी यह गाड़ी खचाखच भरी थी। अगर रेलगाड़ी रफ्तार पकड़ लेती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

Friday, September 10, 2010

सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया।

दिल्ली मेट्रो की द्वारका लाइन पर सफर करने वाले पैसेंजरों का सफर गुरुवार को फिर लंबा हो गया। इस लाइन के सिग्नल सिस्टम में खराबी आ जाने से पैसेंजरों का आधे घंटे का सफर एक घंटे का हो गया। सिस्टम की खराबी को कुछ देर में दुरुस्त कर लिया गया लेकिन उसका असर लगभग दो घंटे तक रहा। दो घंटे बाद तक ट्रेनें रुक-रुक कर ही चल रही थीं। जिसकी वजह से पैसेंजरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि यह खराबी यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल सिस्टम में आ गई थी। सिस्टम की खराबी को दूर करने के लिए उसे दोबारा सेट करना पड़ा। जिसमें कुछ वक्त लगा। जब तक सिग्नल सिस्टम रिसेट होता, तब तक इस लाइन पर चलने वाली ट्रेनें बीच में ही रुक गईं। सिग्नल सिस्टम को जब ठीक किया गया तो उसके बाद ट्रेनें तो चलीं लेकिन काफी धीमी स्पीड में। दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले एक पैसेंजर के मुताबिक, सुबह लगभग 11.45 बजे जब वह शादीपुर स्टेशन पहुंचे तो उन्हें स्टेशन पर मेट्रो खड़ी तो दिखी लेकिन यह मेट्रो करीब 20 मिनट तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद भी मेट्रो हर स्टेशन पर लगभग पांच से दस मिनट तक रुकती रही। नतीजा यह हुआ कि प्रगति मैदान तक जो सफर कुछ मिनटों का था, वह एक घंटे का हो गया। यह गड़बड़ी बाद में भी चलती रही। लगभग पौने एक बजे जब पैसेंजर कनॉट प्लेस की ओर रवाना हुए तो भी ट्रेनें ठिठक-ठिठक कर चल रही थीं।

Friday, September 3, 2010

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे।

केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच मेट्रो की राह देख रहे पैसेंजरों का इंतजार शुक्रवार को खत्म होने जा रहा है। शुक्रवार दोपहर बाद से जहांगीरपुरी से अपना सफर शुरू करने वाले पैसेंजर बिना कहीं रुके सीधे गुड़गांव तक जा सकेंगे। इस तरह नोएडा के बाद गुड़गांव, एनसीआर का दूसरा ऐसा शहर बन जाएगा, जो मेट्रो के जरिए सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। मेट्रो को उम्मीद है कि इस लाइन पर रोजाना कम से कम एक लाख और पैसेंजर सफर करेंगे। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ने इस लाइन पर सेफ्टी इंतजामों की जांच का काम मंगलवार शाम पूरा कर लिया। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क बढ़कर 138 किमी का हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर एक बजे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर इस लाइन का उद्घाटन करेंगे। इसके दो घंटे बाद यानी लगभग तीन बजे से इस लाइन को पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा। यह पहला मौका है, जबकि दिल्ली मेट्रो की लाइन को उसी दिन ही पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा, जिस दिन उसका उद्घाटन होगा। आमतौर पर उद्घाटन से अगले दिन ही मेट्रो रेल लाइन पर पब्लिक सर्विस शुरू की जाती है। इससे पहले दिल्ली मेट्रो की 12.53 किमी लंबी इस लाइन के लिए कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) आर. के. कर्दम ने मंगलवार को भी सेफ्टी इंतजामों की जांच की। उन्होंने दोपहर तक ट्रॉली के जरिए स्टेशनों और लाइन का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने खुद मेट्रो ट्रेन से भी इस लाइन पर सफर किया। वह केंद्रीय सचिवालय से कुतुब तक मेट्रो ट्रेन में गए और फिर वापस लौटे। माना जा रहा है कि सीएमआरएस सभी स्टेशनों और लाइन पर पैसेंजर सेफ्टी के लिए किए गए सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हैं और उन्होंने इस बारे में दिल्ली मेट्रो को जानकारी भी दे दी है। इसके बाद ही दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार से इस लाइन को खोलने की तैयारी की है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता का कहना है कि शुक्रवार दोपहर तीन बजे से पैसेंजर इस लाइन पर सफर कर सकेंगे। इस तरह से जहांगीरपुरी से लेकर गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर तक इस लाइन की लंबाई लगभग 46 किमी हो जाएगी और हुडा सिटी सेंटर से जहांगीरपुरी तक का किराया 29 रुपये होगा। इस तरह से द्वारका के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी मेट्रो रेल लाइन होगी। इस लाइन की खासियत यह है कि इसका लगभग 24 किमी का हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इस लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गुड़गांव के पैसेंजर दिल्ली के लगभग हर हिस्से से जुड़ जाएंगे। इस लाइन के चालू होने के साथ ही दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो का नेटवर्क 138 किमी का हो जाएगा और इसके स्टेशनों की संख्या 117 तक हो जाएगी। इस लाइन के निर्माण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दिल्ली मेट्रो के दूसरे फेज में अब दो बड़ी लाइनें ही बची हैं। इनमें से एयरपोर्ट लाइन को प्राइवेट कंपनी चालू करने की तैयारी में है जबकि केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर लाइन को खुद दिल्ली मेट्रो तैयार कर रही है और उम्मीद है कि यह लाइन भी सितंबर के अंत तक चालू हो जाएगी। इसके बाद दिल्ली मेट्रो के दो सेक्शन ही ऐसे होंगे , जिन पर अभी काम चल रहा होगा। इनमें से एक सेक्शन आनंद विहार से वैशाली और दूसरा कीर्ति नगर से अशोक पार्क स्टेशनों की लिंक लाइनें हैं। इन दोनों का काम कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद ही पूरा होगा।