Monday, May 12, 2014

कई महीने से अपराधी लूटपाट, स्नेचिंग और लूट के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दे रहे थे

हिसार रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों, रेल कर्मचारियों और राहगीरों को लूटने की 25 वारदात को अंजाम देने वाले गैंग के सरगना और उसके एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले कई महीने से अपराधी लूटपाट, स्नेचिंग और लूट के लिए हत्या की वारदात को अंजाम दे रहे थे। 4 महीने में लूटपाट और छीना-झपटी की 25 से अधिक वारदात हुई हैं। इन दोनों आरोपियों को हिसार रेलवे स्टेशन पर 4 मई को ईश्वर नामक एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। 
पुलिस ने जब इन दोनों अपराधियों से पूछताछ की तो दोनों ने पिछले 4 महीनों में 25 से अधिक वारदात कबूल कर ली। अरेस्ट किए गए दोनों आरोपियों के नाम पंकज और सूरज हैं 
आरोपियों ने बताया कि रात को रेलवे रोड पर अकेले किसी रेलवे कर्मी या राहगीर से वारदात की जाती थी। लूटपाट के बाद सभी अपने-अपने घर चले जाते थे। सुबह सभी रेलवे स्टेशन परिसर में तफरी करते थे। किसी को यह अनुमान नहीं था कि यही युवक रात को वारदात करते रहे हैं। कहने को पंकज एक परचून की दुकान पर काम करता था और सूरज बाजार में नौकरी करता था, पर 4-5 महीने में वह गिरोह बनाकर वारदात करने में सक्रिय हो गए। 
डीएसपी ने बताया कि घटना के दिन मीरान ढाणी का ईश्वर उर्फ इस्सर रेलवे स्टेशन पर टहलने आया था। पंकज ने उससे बीड़ी मांगी। जिस पर ईश्वर झल्ला गया। पंकज ने उसे भड़कने से रोका तो मामूली झगड़ा हो गया। ईश्वर का पीछा करते पंकज और सूरज बाहर रेलवे रोड पर आ गए। वहां पंकज ने चाकू निकाल कर ईश्वर के पेट में घोंप दिया। गले पर घूंसा मारते हुए चाकू हाथ में होने के कारण गला कट गया। दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। 
पंकज व सूरज ने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद वे घर चले गए थे। अगले दिन सुबह 9 बजे स्टेशन पर पहुंचे तो पता चला कि रात को उक्त व्यक्ति की मौत हो गई। पता चलते ही दोनों ने 5-6 हजार रुपये उधार लिए और भिवानी होते हुए दिल्ली चले गए। मोबाइल ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम ने हिसार स्टेशन पर दोनों को दबोच लिया गया। 

Thursday, May 8, 2014

मॉनसून पूर्व नालों की सफाई में सेंट्रल रेलवे पिछड़ती जा रही है

मॉनसून पूर्व नालों की सफाई में सेंट्रल रेलवे पिछड़ती जा रही है। कुछ वक्त पहले नालों की सफाई का जायजा लेने पहुंचे बीएमसी अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया। बीएमसी कमिश्नर सीताराम कुंटे ने अपने दौरे में पाया कि रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आनेवाले नालों की सफाई बेहद धीमी गति से चल रही है। कुंटे ने इसके बाद रेलवे प्रशासन को सफाई की गति बढ़ाने आदेश दिया है।
पूर्व उपनगर में सायन, कुर्ला, विद्याविहार, घाटकोपर, भांडुप, मुलुंड रेलवे स्टेशनों की हद में कई बड़े नाले आते हैं। पटरियों के नीचे से नाले निकाले गए हैं, जिनके माध्यम से बारिश का पानी बड़े नालों में छोड़ा जाता है। हालांकि, ये नाले पूरी तरह कचरों से भरे हुए हैं। ऐसे में बारिश हो जाती है, तो पानी बाहर निकालने का रास्ता ही नहीं रह जाएगा, नतीजन हर साल की तरह इस बार भी रेलवे पटरियां पानी में डूबी होंगी। कुंटे पिछले हफ्ते पूर्वी उपनगर में स्थित नालों की सफाई का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
रेलवे कल्वर्ट की सफाई काफी धीमी पाकर कमिश्नर ने कहा कि यदि मॉनसून के पहले सफाई पूरी नहीं होती तो आसपास के इलाकों में पानी भरने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। बीएमसी ने रेलवे की हद में मौजूद नालों की सफाई के लिए 2 करोड़ रुपये दिया है। बीएमसी स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज डिपार्टमेंट की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, नालों की सफाई करीब 45 फीसदी पूरी हो चुकी है। वहीं, 2005 में मुंबई में बाढ़ का कारण बनी मीठी नदी की सफाई करीब 45 फीसदी पूरी की जा चुकी है।
 

Monday, May 5, 2014

कम से कम 19 यात्रियों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कोंकण रेल खंड पर एक पैसेंजर ट्रेन के पटरी से उतर जाने से कम से कम 19 यात्रियों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हादसा नीदी गांव के पास एक सुरंग के ठीक बाहर उस समय हुआ, जब दिवा-सावंतवाडी ट्रेन का इंजन और उसके चार डिब्बे नगोथाने और रोहा रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी से उतर गए। हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ।
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक, राहत अभियान जारी है और बचावकर्मी डिब्बों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने रेल हादसे में 19 यात्रियों की मौत की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, शवों को नागोथने प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। कुछ शवों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि घायल यात्रियों को इलाज के लिए रोहा भेजा गया है।
रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने हादसे में मारे जाने वालों के लिए दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये और मामूली रूप से जख्मी व्यक्ति को 10,000 हजार रुपये दिए जाएंगे।
इस हादसे के बाद कोंकण रेलखंड पर रेल सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। पिछले महीने भी इस मार्ग पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी। रेल विभाग ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अरूणेंद्र कुमार ने कहा कि आयुक्त (रेल सुरक्षा) चेतन बक्शी इस घटना की जांच करेंगे।

कैबिनेट के अधिकार क्षेत्र की उपेक्षा कर अधिकारियों को प्रमोट करते पाए गए

रेलवे बोर्ड में दो सचिवालय संबंधी सेवाओं में प्रमोशन में बड़ी अनियमितता सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रेल मंत्रालय के कुछ अधिकारी रेलवे की दो कम जानी पहचानी सेवाओं- रेलवे बोर्ड सचिवालय सेवा (आरबीएसएस) और रेलवे बोर्ड सचिवालय लिपिकीय सेवा (आरबीएससीएस) में उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना और कैबिनेट के अधिकार क्षेत्र की उपेक्षा कर अधिकारियों को प्रमोट करते पाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को सेवा के न्यूनतम 16 साल के अनुभव के मानक को पूरा किए बिना इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजिनियर (आईआरएसएमई), इंडियन रेलवे पर्सनल सर्विस (आईआरपीएस) और यहां तक कि आईएएस जैसी ग्रुप '' की रेलवे सेवाओं की उपेक्षा कर उच्च प्रशासनिक ग्रेड (एचएजी) और वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (एसएजी) में प्रमोट किया जा रहा है। एचएजी और एसएजी को क्रमश: एक अतिरिक्त सचिव और संयुक्त सचिव स्तर का अधिकारी दिया जाता है।
सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में सामान्य तौर पर केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) से ताल्लुक रखने वाले किसी अधिकारी को सेवा के 23 साल पूरे करने के बाद, ग्रुप '' के रेलवे सेवा अधिकारी को सेवा के 23 साल बाद और आईएएस अधिकारी को सेवा के 20 साल बाद एसएजी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आरबीएसएस में कई अधिकारियों को आवश्यक जरूरतों को पूरा किए बिना एसएजी ग्रेड दिया जा रहा है, जबकि उन्हें ग्रुप 'बी' सेवा में भर्ती किया गया था। इसे एक 'गंभीर गलती' करार देते हुए वित्त मंत्रालय ने हाल में रेलवे को लिखा है कि वह इन अधिकारियों को प्रमोट करने के अपने फैसले को रद्द करे, जिसके लिए लगभग एक साल पहले आदेश जारी किए गए थे।
वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग ने उल्लेख किया कि 'आरबीएसएस और आरबीएससीएस के कैडर का पुर्नगठन करते समय रेल मंत्रालय ने मामला स्वीकृति के लिए इस विभाग को नहीं भेजा और उल्टे मंत्रिमंडल की मंजूरी के बिना एसएजी स्तर के पांच अतिरिक्त पद सृजित कर दिए।' इसने रेलवे को लिखे कड़े शब्दों वाले आधिकारिक पत्र में कहा, 'यह निर्णय लेने वाले प्राधिकारी के समक्ष तथ्यात्मक स्थिति और नियम एवं शर्त रखने के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से एक गंभीर खामी है।' नियमों के मुताबिक, एसएजी स्तर से नीचे के पद सृजित करने के लिए वित्त मंत्री और स्तर से उपर के संयुक्त सचिव तथा अन्य पद सृजित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होती है।
संदेश में कहा गया, 'यह उल्लेख करना उपयुक्त होगा कि कैडर समीक्षा में वित्तीय जटिलताएं होती हैं, जिसके लिए व्यय विभाग (डीओई) से सहमति लेना आवश्यक होता है। रेलवे बोर्ड को पूर्व में भी इस बारे में अवगत कराया जा चुका है।' डीओई ने दूसरे उदाहरण का जिक्र किया, जिसमें रेलवे बोर्ड ने रेल मंत्रालय में ग्रुप 'सी' और ग्रुप 'डी' कर्मियों के इन-हाउस कैडर पुनर्गठन की प्रक्रिया के लिए इसकी सहमति मांगी है। संदेश में कहा गया है कि तब ग्रुप 'सी' कर्मियों के इन-हाउस कैडर पुनर्गठन की मंजूरी देते हुए, 'रेल मंत्रालय को स्पष्ट रूप से कहा गया था कि ग्रुप '' और ग्रुप 'बी' सेवाओं की कैडर समीक्षा लगातार इस मंत्रालय को भेजी जाती रहे।'
गौरतलब है कि आरबीएसएस और आरबीएससीएस के ये अधिकारी रेलवे में ग्रुप '' के कैडर प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं। आरबीएसएस और आरबीएससीएस कर्मी, जिनकी संख्या करीब 500 है, रेल मंत्रालय में सामान्य प्रशासन स्टाफ के रूप में काम करते हैं।

Friday, May 2, 2014

कुछ लोगों को रेलगाड़ी से दूर भागते देखा था

चेन्नै सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को हुए धमाकों के बारे में एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि उसने कुछ लोगों को रेलगाड़ी से दूर भागते देखा था, जिसके बाद उसे अंदेशा हो गया था कि कुछ गड़बड़ है।
प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, 'विस्फोट की आवाज बहुत तेज नहीं थी। हमने कुछ लोगों को रेलगाड़ी से दूर भागते देखा, जिसके बाद हमें अंदेशा हो गया था कि कुछ गड़बड़ है।' उसने बताया कि रेल के डिब्बों को बहुत नुकसान नहीं पहुंचा है, केवल एक सीट क्षतिग्रस्त हुई है। रेल के डिब्बे के भीतर एक यात्री का सामान बिखरा पड़ा था। बाद में पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेर लिया।
चेन्नै रेलवे स्टेशन पर बेंगलुरु-गुवाहाटी रेलगाड़ी के दो डिब्बों में गुरुवार को हुए दो विस्फोटों में एक युवती की मौत हो गई, जबकि 11 घायल हो गए। विस्फोट रेलगाड़ी के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के 10 मिनट के भीतर हुए।

सीएसटी रेल्वे स्टेशन पर बुधवार रात तीन ट्रेनों के कुछ डिब्बों में आग

गुरुवार को चेन्नै में टि्वन बम ब्लॉस्ट और सीएसटी रेल्वे स्टेशन पर बुधवार रात तीन ट्रेनों के कुछ डिब्बों में आग लगने के बाद मुंबई पुलिस ने शहर की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी डा. महेश पाटील ने पत्रकारों को बताया कि हालांकि इन दो घटनाओं को एकसाथ देखना फिलहाल जल्दबाजी होगा, लेकिन पुलिस कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती।
चेन्नै बम ब्लॉस्ट में एक महिला की मौत हो गई है और कुछ पैसेंजर घायल हुए हैं। मुंबई के सीएसटी स्टेशन पर बुधवार को डेक्कन क्वीन, सहयाद्रि एक्सप्रेस और हावडा मेल में कुछ कोच में आग लग जाने से सनसनी फैल गई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने शहर की अन्य सरकारी धर-पकड़ एजेंसियों- नेवी, रेल्वे पुलिस, कस्टम, हवाईअड्डा प्रॉधिकरण आदि के साथ मिलकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर ताजा विचार-विमर्श किया और सबको अलर्ट रहने को कहा है।

गौरतलब है कि पुलिस ने इस काम के लिए नैशनल कॉउंटर टेररिजम सेंटर (एनसीटीसी) की सहायता भी ली है और इसकी सहायता से शहर के संवेदनशील जगहों पर व्याप्त खामियों पर निगाह रखी जाएगी।
चेन्नै की घटना के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री ने सुरक्षा से संबंधित अनेक अधिकारियों से बातचीत कर अलर्ट रहने को कहा है। मुंबई हमेशा से आतंकियों के हमलों का केंद्र रहा है, क्योंकि यह इंडिया की कॉर्पोरेट, फाइनैंशल और कमर्शल कैपिटल भी है।
हालांकि सूत्रों के अनुसार, पुलिस को किसी हमले या विस्फोट की आशंका की कोई धमकी मिलने की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन पुलिस डिपार्टमेंट ने सरकार से पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर-शोर से काम करने को कहा है। रेल्वे स्टेशनों पर भी इंटीग्रेटेड सिक्युरिटी सिस्टम लगवाना भी उनकी योजना में शामिल मद है। इस समय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पास स्निफर डॉग्स भी पर्याप्त संख्या में नहीं है और एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम डिपार्टमेंट ने इस कमी की और सरकार का ध्यान कई बार खींचा है।
गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई पुलिस ने खुलासा किया था कि कुछ आतंकियों ने अपने टार्गेट के लिए मेक्डोनेल स्टोर्स, खासकर अंधेरी वेस्ट स्थित के दो आउटलैटों की रेकी की थी। इन आउटलैटों पर भारी संख्या में युवा वर्ग आता है जिसमें विदेशी कस्टमर भी होते हैं।
बीएमसी ने भी मेक्डोनेल आउटलैट मैनेजमेंट को अपनी सुरक्षा व्यवस्था और किचन में काम आने वाले गैस सिलिंडरों के स्टोर्स करने के सिस्टम को पूल प्रूफ करने को कहा है। इनके अलावा, मार्केट, मॉल, डिपार्टमेंटल स्टोर्स, मूवी हॉल, आदि पर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संबंधित एजेंसियों को कहा गया है।

Thursday, May 1, 2014

जांच एजेंसियों के हाथ लगे दो संदिग्धों और कुछ अहम सुराग

चेन्नै सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह गुवाहाटी-बेंगलुरु एक्सप्रेस के दो डिब्बों में ब्लास्ट बेहद सुनियोजित तरीके से स्टेशन पर ही बम प्लांट कर किए गए थे और तीन से चार लोगों की टीम ने इसे अंजाम दिया था? जांच एजेंसियों के हाथ लगे दो संदिग्धों और कुछ अहम सुराग से यही निकलकर सामने आ रहा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जांच एजेंसियों ने इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इसमें से एक को ट्रेन से ही दबोचा गया। वह ब्लास्ट वाली ट्रेन में ही छिपा बैठा था। उससे पूछताछ के बाद दूसरे शख्स को एयरपोर्ट के रास्ते से दबोचा गया। जांच एजेंसियां को इस ब्लास्ट में तीन से चार लोगों के शामिल होने का शक है।
 
इसके अलावा पुलिस को रेलवे स्टेशन से एक संदिग्ध बैग मिला है। इसमें पाइप बम बनाने का सामान रखा था। इससे जांच एजेंसियां इस नतीजे पर पहुंच रही हैं कि दोनों बमों को स्टेशन पर ही ट्रेन में प्लांट किया गया था। इसकी वजह यह भी है कि किसी भी यात्री ने सीट के नीचे संदिग्ध वस्तु होने का जिक्र नहीं किया है।
जांच एजेंसिया मान रही हैं कि तीन से चार लोगों की टीम ने बेहद जल्दबाजी में बम को सीट के नीचे फिट किया। इसके बाद सभी अलग-अलग दिशा में भाग गए। खुफिया एजेंसिया अब इसकी जांच कर रही हैं कि क्या ये दोनों ब्लास्ट पाइप बम से किए गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी पाइप बम से धमाकों को अंजाम दिया जा चुका है।