Monday, January 11, 2016

कल निरस्त रहेंगी यह ट्रेनें

दिल्ली और मुंबई की यात्रा पर आज लखनऊ से निकलने वालों को मुख्य ट्रेन का विकल्प आज नहीं मिलेगा। ट्रेन के साथ ही यात्री को अन्य विकल्प भी तलाशना होगा।
आज दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस और मुंबई की पुष्पक एक्सप्रेस सहित 26 महत्वपूर्ण ट्रेनें कोहरे के कारण निरस्त हो गई हैं। रेलवे नेे वैसे तो आठ जनवरी से एक मार्च तक लखनऊ की 94 ट्रेनों को सप्ताह में दो दिन निरस्त करने का निर्णय किया है। इसका सबसे अधिक असर आज की ट्रेनों में दिखाई देगा। आज दिल्ली के लिए लखनऊ से एकमात्र आरंभिक ट्रेन लखनऊ मेल ही होगी जबकि शताब्दी एक्सप्रेस के साथ एसी एक्सप्रेस आज रवाना नहीं होंगी। सुबह जाने वाली गोमती एक्सप्रेस को भी कोहरे के कारण रेलवे ने रद कर दिया है। चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी निराशा होगी।
लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को भी कोहरे के कारण रेलवे ने आज निरस्त कर दिया है। इसके अलावा गोरखपुर जाने वाली कृषक एक्सप्रेस व जबलपुर की एकमात्र ट्रेन चित्रकूट एक्सप्रेस भी सोमवार को नहीं चलेगी। इन 26 ट्रेनों के करीब 40 हजार यात्रियों के लिए आज सफर बहुत दिक्कतों भरा हो सकता है। आज लखनऊ से नई दिल्ली जाने के लिए लखनऊ मेल पर सबसे अधिक दबाव होगा।
पर्वतीय क्षेत्र के लिए कोई विकल्प नहीं
देहरादून जाने के लिए आज सबसे अधिक दिक्कत होगी। 14265 जनता एक्सप्रेस लंबी अवधि के लिए निरस्त चल रही है जबकि 13009 दून एक्सप्रेस भी रद रहेगी। चंडीगढ़ एक्सप्रेस के निरस्त होने से लस्कर तक पहुंचने का रास्ता भी समाप्त हो जाएगा।
रविवार को भी रही दिक्कत
कोहरे के कारण रविवार को भी 19 ट्रेनें निरस्त रहीं। इनमें गोरखधाम एक्सप्रेस, उत्सर्ग एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें शामिल हैं। वाराणसी-बरेली एक्सप्रेस के निरस्त होने से हरदोई की तरफ जाने वाले दैनिक यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह 12237 बेगमपुरा एक्सप्रेस के निरस्त होने से जम्मूतवी जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा निरस्त करनी पड़ी।
आज रद होने वाली ट्रेनें
12533 पुष्पक एक्सप्रेस
12004 शताब्दी एक्सप्रेस
12003 शताब्दी एक्सप्रेस
12429 एसी एक्सप्रेस
12565 बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस
13009 दून एक्सप्रेस
13050अमृतसर एक्सप्रेस
13152 सियालदह कोलकाता
11016 कुशीनगर एक्सप्रेस
11110 झांसी इंटरसिटी
11123 ग्वालियर मेल
11124 ग्वालियर मेल
12226 कैफियत एक्सप्रेस
12231 चंडीगढ़ एक्सप्रेस
12232 चंडीगढ़ एक्सप्रेस
12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस
12419 गोमती एक्सप्रेस
12420 गोमती एक्सप्रेस
15008 कृषक एक्सप्रेस
15205 चित्रकूट एक्सप्रेस
15708आम्रपाली एक्सप्रेस
12542 एलटीटी-गोरखपुर
22454 मेरठ लखनऊ राज्यरानी
13307 गंगा सतलज एक्सप्रेस
14207 पदमावत एक्सप्रेस
15909 अवध आसाम एक्सप्रेस
कल निरस्त रहेंगी यह ट्रेनें
12225 कैफियत एक्सप्रेस
12541 गोरखपुर-एलटीटी
12555 गोरखधाम एक्सप्रेस
12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस
12566 बिहार संपर्कक्रांति एक्सप्रेस
13020 बाघ एक्सप्रेस
13151 सियालदह एक्सप्रेस
12238 बेगमपुरा एक्सप्रेस
14205 फैजाबाद-दिल्ली
14206 दिल्ली-फैजाबाद
14221 फैजाबाद इंटरसिटी
14222 फैजाबाद इंटरसिटी
15011 चंडीगढ़ एक्सप्रेस

15707 आम्रपाली एक्सप्रेस।

Friday, January 8, 2016

संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका की गला रेतकर हत्या

गोरखपुर के विंध्यवासिनी नगर में घर के अंदर पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण विभाग में चीफ इंजीनियर संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी तूलिका की गला रेतकर हत्या। दोनों के शव बेड पर पाया गया।
तूलिका श्रीवास्तव शहर के प्रतिष्ठित एचपी चिल्ड्रन अकादमी के जूनियर सेक्शन के प्रधानाचार्य थीं। हत्या के कारण का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। घटनास्थल की परिस्थितयों के अनुसार दोनों की हत्या रात में सुनियोजित ढंग से की गई।
उनकी हत्या की जानकारी लोगों को शुक्रवार को उस समय हुई जब तूलिका को स्कूल ले जाने के लिए स्कूल वाहन लेकर चालक पहुंच। रोज की तरह उसने कालबेल बजाय लेकिन काफी देर तक कोई घर से बाहर नहीं निकला। लगभग आधा घण्टे तक इन्तजार के बाद वाहन में बैठीं दो शिक्षिकाएं भी उनके घर पर पहुँची।
उन्होंने भी आवाज लगाई, लेकिन जब कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति को अंदर जाकर पता करने को कहा। पड़ोसी ने अंदर जाकर दोनों को मरा हुआ देखा तो बदहवास हालत में भागते हुए अपने घर की ओर चला गया।

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजय श्रीवास्तव की छवि मिलनसार अधिकारी के रूप में रही है। हत्या की जानकारी मिलने पर पुलिस अफसरों के अलावा बड़ी संख्या में रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे हैं। छानबीन जारी है।

Thursday, January 7, 2016

मुंबई एसएस (स्टेशन सुप्रीटेंडेंट) से रतलाम मंडल को राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की सूचना

राजधानी और अगस्त क्रांति एक्सप्रेस में बुधवार रात बम की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना पर बम डिस्पोजल, डॉग स्क्वॉड और पुलिस बल स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने ट्रेन आने से पहले स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर सूक्ष्मता से जांच की। इसमें किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।

जानकारी के अनुसार मुंबई एसएस (स्टेशन सुप्रीटेंडेंट) से रतलाम मंडल को राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की सूचना मिली थी। इस पर रात करीब 11 बजे बम डिस्पोजल, डॉग स्क्वॉड और पुलिस प्रशासन हरकत में आया। सभी तत्काल स्टेशन पहुंचे। रतलाम स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12952 दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस और 12954 हजरत निजामुद्दीन-मुंबई अगस्त क्रांति एक्सप्रेस की जांच की गई। रात 12.12 बजे राजधानी एक्सप्रेस रतलाम पहुंचे। ट्रेन के कोच बी-6, 7 और 8 की जांच की गई। हालांकि इस दौरान ट्रेन में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु नहीं पाई गई। रात 12.18 बजे ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हुई। सीएसपी पीएस राणावत, टीआई राजेश चौहान, आरपीएफ थाना प्रभारी सत्यदीप कुमार, डॉग हैंडलर राकेश पुनिया, बम स्क्वॉड के रामकिशोर शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल स्टेशन पर मौजूद रहा। बम की सूचना से ट्रेन में सवार और प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्री भी डरे-सहमे नजर आए।

Tuesday, January 5, 2016

हावड़ा-कालका मेल 150 वर्ष पूरे कर लिए

अंग्रेजों के शासन में शुरू हुई हावड़ा-कालका मेल देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित रेल है। इस ट्रेन ने अपनी मौजूदगी के 150 वर्ष पूरे कर लिए हैं।

ईस्ट इंडियन रेलवे ने एक जनवरी 1866 को हरी झंडी दिखाकर हावड़ा-कालका मेल को वन अप व टू डाउन नाम से शुरू किया था। तब हावड़ा-कालका मेल को कोलकाता से दिल्ली तक चलाया गया था। उस दौर में अंग्रेजी हुकूमत के आला अधिकारी सफर करते थे।

Monday, January 4, 2016

ट्वीट और उससे मिलने वाली मदद को गलत साबित

ट्रेन से ट्वीट करने वाले यात्री की मदद करने के लिए रेलवे ने कभी बच्चे के लिए दूध पहुंचाया तो कभी यात्री की मदद भी की। यह बात तक सामने आई की यात्रियों के ट्वीट में सीधे रेल मंत्री सुरेश प्रभु नजर रखे हुए हैं, लेकिन शनिवार रात को जो हुआ, उनसे ट्वीट और उससे मिलने वाली मदद को गलत साबित कर दिया।
मुंबई से जबलपुर आ रही गरीब रथ के कोच नंबर 9 पर बैठे यात्री सिद्धार्थ मिश्रा ने रेल मंत्री को ट्वीट कर बताया कि कोच नंबर 9 की सीट नंबर 40 और 42 पर चीफ टिकट इंस्पेक्टर राजेश श्रीवास कई लोगों के साथ ट्रेन में शराब पी रहे हैं, तत्काल इस पर एक्शन लिया जाए, लेकिन इस ट्वीट पर रेलवे ने एक्शन नहीं लिया।
इस ट्वीट को भुसावल से इटारसी के बीच किया गया था। देर रात कोई भी रेल अधिकारी और कर्मचारी ट्वीट करने वाले पैसेंजर के पास नहीं पहुंचा। सुबह तकरीबन 6 बजे ट्रेन जबलपुर स्टेशन पहुंची, लेकिन इस दौरान ने एक भी रेल अधिकारी और कर्मचारी ट्रेन के पास नजर नहीं आया।

हालांकि रेलवे के इस रवैए ने एक बार फिर रेलवे की इस सुविधा की पोल खोल दी है। पिछले दिनों ट्वीट सुविधा का पैसेंजर को शानदार फीडबैक मिला, लेकिन गरीब रथ से की गई शिकायत पर एक्शन न होने पर सवाल खड़े हो गए

Friday, January 1, 2016

रेलवे का धन्‍यवाद

बुधवार को रेलवे मंत्री ने भागलपुर-बेंगलौर अंगा एक्‍सप्रेस में आसनसोल स्‍टेशन पर आपतकालीन चिकित्‍सा सेवा उपलब्‍ध कराकर दो साल की बच्‍ची की जिंदगी बचाई। यह बच्‍ची गंभीर डिहाइड्रेशन से पीड़‍ित थी जिसे आसनसोल में डिविजनल रेलवे हॉस्पिटल के बाल चिकित्‍सा वार्ड में भर्ती कराया गया था।
विप्रो में सॉफ्टवेयर इंजीरियर शंकर पंडित बेंगलुरू से बिहार के किऊल में अपने अंकल के घर एक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। अपनी पत्‍नी और दो साल की बेटी बंगासिखा के साथ वे यात्रा कर रहे थे। उन्‍हें 2 जनवरी, 2016 को बेंगलुरू लौटना था और अंगा एक्‍सप्रेस से बुधवार को शाम 4.10 बजे किऊल से सवार होना था। ए1 कोच में एसी द्वितीय श्रेणी में टिकट बुक किया था।
शंकर पंड़ित ने बताया 'किऊल से जब ट्रेन चलना शुरू हुई तब बच्‍ची की तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्‍टी-दस्‍त होने लगे। हमारे पास ऐसा कुछ नहीं था कि इसे कंट्रोल कर सकें। अन्‍य पैसेंजर्स और ट्रेन स्टाफ ने मदद करने की कोशिश की लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ती गई। आप कल्‍पना कर सकते हैं कि हमारे क्‍या परिस्थिति थी। हमारे पास बहुत सारा सामानथा और हम चिकित्‍सा सुविधा की तलाश में अनजान जगह उतर भी नहीं सकते थे। मेरे पास कोई चारा नहीं था तब मैंने रेलवे मंत्री को ट्वीट किया। कुछ ही मिनटों में मुझे रेलवे मंत्री के कार्यालय से कॉल आया। उसे बाद मेरी लोकेशन और अन्‍य जानकारियों के लिए कार्यालय से प फोन आते रहे। मुझे इस रह के रिस्‍पॉन्‍स की बिलकुल उम्‍मीद नहीं थी।'
पूर्वी रेलवे के सीपीआरओर आर एन महापात्र ने बताया ' ट्वीट मिलने के तत्‍काल बाद प्रभु कोलकाता में पूर्वी रेलवे के अधिकारियों से संपर्क में थे और उन्‍हें आसनसोल स्‍टेशन पर बच्‍ची के लिए चिकित्‍सा सहायता उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिए। जब ट्रेन 8.50 बजे आसनसोल पहुंची तब चिकित्‍सा दल एम्‍बुलेंस के साथ मौजूद था।'
आसनसोल के एसिस्‍टेंट डिविजनल मेडिकल ऑफि‍सर सुखेन गोराई ने कहा ' बच्‍ची की स्थिति गंभीर थी। वह डिहाइड्रेटेड थी और बेहोशी की स्थिति में आ गई थी। इस उम्र के बच्‍चे के लिए यह बहुत खतरनाक है। प्रारंभिक जांच के बाद, मैंने उसके माता-पिता को रेलवे हॉस्पिटल में भर्ती कराने के लिए कहा। हॉस्पिटल के डॉक्‍टर्स को पहले ही इस स्थिति के बारे में जानकारी दे दी गई थी और जब एम्‍बुलेंस पहुंची तब वह पूरी तरह तैयार थे। बच्‍ची को उचित उपचार मिला और वह रिकवरी कर रही है।'
शंकर पंडित ने बताया ' हमारी बेटी अब ठीक है। रेलवे का धन्‍यवाद। हमने बुधवरीर रात हॉस्‍पिटल में गुजारी और गुरूवार को होटल में रूके। रेलवे ने केवल हमारी बच्‍ची को ही जिंदगी नहीं बचाई बल्कि आसनसोल से बेंगलुरू के हमारे टिकट्स की भी व्‍यवस्‍था की