Friday, July 31, 2015

वजन अगर 30 किलो से अधिक तो घोड़ा- भारतीय रेलवे

'कु्त्ते का वजन अगर 30 किलो से अधिक है तो उसे घोड़ा माना जाएगा।' सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन भारतीय रेलवे ने ऐसा नियम बना रखा है। जिसके मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते के साथ रेल यात्रा करता है, जिसका वजन 30 किलो से अधिक है तो घोड़े का किराया वसूला जाएगा, जो थर्ड एसी के किराए से भी कुछ ज्यादा है।
बरेली के राजेंद्र नगर इलाके में रहने वाले रोहित वर्मा ने बताया कि उन्होंने बुधवार को अपने डॉगी को दिल्ली ले जाने के लिए रेलवे की ब्रेक बैन में एक सीट बुक कराई थी। रोहित वर्मा आश्चर्यचकित रह गए जब कुत्ते का वजन तौलने के बाद पार्सल ऑफिस क्लर्क ने उन्हें 750 रुपये की रसीद थमा दी।
बरेली से दिल्ली के बीच एसी थर्ड का किराया 680 रुपये है। लेकिन रेलवे ने कुत्ते के किराए के तौर पर 750 रुपये का चार्ज लिया। रेलवे की ओर से रोहित वर्मा को बताया गया कि यदि वह कुत्तो को लगेज वैन में ले जाना चाहते हैं तो 750 रुपये लिए जाएंगे। यदि वह उसे मालगाड़ी के स्पेशल ऐनिमल कैरिज में ले जाते हैं तो 30 रुपये प्रति किलो का किराया देना होगा।
रेलवे के नियमों के मुताबिक 30 किलो से अधिक वजन और सामान्य कुत्तों से अधिक लंबाई वाले डॉगी को घोड़े की कैटेगरी में रखा जाएगा।

Tuesday, July 28, 2015

भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन

पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने जिस वक्त आखिरी सांस ली थी, उस वक्त उनके करीबी सहयोगी सृजन पाल सिंह वहीं थे। उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर डॉक्टर कलाम के आखिरी पलों का जिक्र किया है। हम सृजन पाल सिंह की फेसबुक पोस्ट से उन पलों की कहानी आपके सामने रख रहे हैं:
"
हम लेक्चर हॉल में गए। वह लेट नहीं होना चाहते थे। वह हमेशा कहते थे कि छात्रों से इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए। मैंने तुरंत उनका माइक सेट किया, लेक्चर के बारे में थोड़ा ब्रीफ किया और कंप्यूटर संभाल लिया। जैसे ही मैंने उनका माइक सेट किया, वह मुस्कुराए और बोले, 'Funny Guy! सब ठीक है न?'
जब कभी वह Funny guy कहते, इसके कई मतलब निकलते। इसका मतलब इस बात पर निर्भर करता कि उनकी टोन कैसी थी और आपने क्या अंदाजा लगाया। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुमने बहुत बढ़िया काम किया और यह भी कि तुमने कुछ गड़बड़ कर दी है। पिछले 6 सालों में मुझे 'Funny guy' का मतलब समझ आना शुरू हो गया था। इस बार इसे समझने का आखिरी मौका था।
'Funny guy!
सब ठीक है?', उन्होंने कहा। मैंने मुस्कुराते हुए कहा, 'जी हां।' ये उनके कहे आखिरी शब्द थे। मैं उनके पीछे बैठा था। उनके दो मिनट के भाषण के बाद मैंने कुछ महसूस किया कि उन्होंने कुछ ज्यादा ही लंबा ठहराव ले लिया है। जैसे ही मैंने उनकी तरफ नजर उठाई, तभी वह गिर गए।
हमने उन्हें उठाया। डॉक्टर दौड़ता हुआ आया और हमने वह सब कुछ किया, जो कर सकते थे। मैं उनकी बिल्कुल थोड़ी सी खुली आंखों का वह मंजर नहीं भूल सकता। एक हाथ से मैंने उनका सिर पकड़ा था। उनका हाथ मेरी उंगली पर भिंचा हुआ था। उनके चेहरे पर स्थितरता थी और उनकी उन खामोश आंखों से मानो ज्ञान की आभा बिखर रही थी।
उन्होंने कुछ नहीं कहा। उनके चेहरे पर दर्द का भी नामो-निशान तक नहीं था। पांच मिनट के अंदर हम नजदीकी अस्पताल में थे। कुछ ही मिनटों में उन्होंने हमें बताया कि मिसाइल मैन ने उड़ान भर ली है, हमेशा के लिए। मैंने आखिरी बार उनके चरण स्पर्श किए। अलविदा बुजुर्ग दोस्त! महान परमार्शदाता! विचारों में दर्शन करूंगा और अगले जन्म में मुलाकात।"


हमारी ओर से उस महान हस्ती को भावपूर्ण श्रद्धांजलि – शत शत नमन 

Monday, July 27, 2015

दीनानगर में रेलवे ट्रैक से 5 जिंदा बम मिले

पंजाब के गुरदासपुर में आज सुबह हुए आतंकी हमले के बाद अब दीनानगर में रेलवे ट्रैक से 5 जिंदा बम मिले हैं। पुलिस का मानना है कि गुरदासपुर की आतंकी घटना के पीछे जिन आतंकियों का हाथ है, दीनानगर में रेलवे ट्रैक पर बम प्लांट करने के पीछे भी उन्हीं आतंकियों का हाथ हो सकता है।
प्रशासन ने इलाके के सभी स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है। इस रुट की सभी ट्रेनों को भी फिलहाल अनिश्तकालीन समय तक के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस आस-पास के इलाके की सघन तलाशी ले रही है। लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

Thursday, July 23, 2015

रेलवे ट्रैक पर लोहे का डिब्बा पड़ा देखा

बुधवार सुबह दिल्ली-अंबाला अप रेलवे ट्रैक के बाईं ओर जिंदा मोर्टार बम मिलने से दहशत फैल गई। सुरक्षा की दृष्टि से प्रात: लगभग साढ़े 9 बजे अंबाला-दिल्ली रेल मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया। बाद में 11 बजकर 45 मिनट पर पूरी जांच के बाद ट्रैक पर यातायात शुरू हुआ। इसी ट्रैक से शताब्दी समेत कई ट्रेनें गुजरती है। रूट बंद होने की वजह से कई ट्रेनें दो घंटे तक कुरुक्षेत्र जंक्शन पर अटकी रहीं थीं।
बुधवार सुबह लगभग 8 बजे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे बिट्टू, पवन और प्रिंस ने वहां लोहे का डिब्बा पड़ा देखा था। उसी के पास एक काले रंग की चीज मिली जिसे बच्चों ने इसे स्प्रे सेंट समझकर उठाया लेकिन उसके बीच में से जिंदा मोर्टार बम देखकर उन्होंने उसे वहीं फैंक दिया। बच्चों ने घर आकर कॉलोनी के प्रधान अमरीक सिंह और बलविंद्र सिंह को बताया जिन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम में दी और इसी बीच स्टेशन पर जाकर स्टेशन मास्टर को सूचित किया गया। पुलिस ने उस जगह को चारों ओर से घेर लिया और अंबाला-दिल्ली रेल मार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया। इसके बाद जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
अंबाला के बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। किसी अनहोनी को टालने के लिए विशेष ड्रैस में बम टेक्निशियन जसबीर सिंह भी मौके पर तैनात हो गए। बम निरोधक दस्ते की सीनियर साईंटिफिक अधिकारी डॉ. प्रोमिला राठी ने जिंदा बमों की जांच की और ट्रैक से उठाकर बमों को पूर्वी दिशा में खेतों के बीच रख दिया। पुलिस को मौके से प्लास्टिक के डिब्बे में पैक 6 जिंदा मोर्टार बम और 1 खुला बम मिला। खुले बम का डिब्बा बाद में पास में जमा पानी में से मिला।
सेना व पुलिस के अधिकारियों से बातचीत में बिट्टू, पवन और प्रिंस ने बताया कि उन्हें मौके पर एक लोहे का डिब्बा भी मिला था जिसे उन्होंने नीचे फैंक दिया था। उनकी शिनाख्त पर पुलिस ने लोहे का डिब्बा निकाला और पता किया तो जानकारी मिली कि इस डिब्बे में 10 मोर्टार शैल होते हैं। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपना सर्च अभियान दोबारा चलाया और पास में ही खड़े पानी से 8वां मोर्टार शैल भी मिल गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस का सर्च अभियान जारी था।
ट्रैक बंद होने के लगभग 2 घंटे बाद मौके से सभी मोर्टार शैल उठा लिए गए और शाहाबाद-ढोलामाजरा स्टेशन के बीच के ट्रैक को जांचने के बाद ट्रैक खोलने को कहा। लेकिन ट्रैफिक इंस्पेक्टर एसके गुप्ता ने पुलिस से ट्रैक सुरक्षित होने के लिखित आदेश मांगे तब जीआरपी अंबाला के डीएसपी के लिखित आदेश के 15 मिनट बाद 11 बजकर 45 मिनट पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई।
एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि 51 एमएम के 7 मोर्टार शैल मौके से बरामद हुए हैं और यह कहां से आए और कैसे यहां पहुंचे यह जांच का विषय है और आर्मी के अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता पाएंगे। आर्मी भी सकते में है कि यहां पर जिंदा बम कैसे पहुंचे।
ट्रेन नं. 14732 बठिंडा एक्सप्रेस मोहड़ी में, 12029 स्वर्ण जयंती शताब्दी एक्सप्रेस ढोलामाजरा स्टेशन पर, 12716 सचखंड एक्सप्रेस, शानेपंजाब, 12011 शताब्दी एक्सप्रैस व उचाहार एक्सप्रेस गाडिय़ां लगभग दो घंटे देरी से पहुंची। रूट पर यातायात इसलिए ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ क्योंकि अधिकांश मुख्य गाडि़यां निकल चुकी थी।

Wednesday, July 22, 2015

पैसा खुद ही अकाउंट में वापस

अगर ई-टिकट आरएसी या फिर कन्फर्म टिकट है और इस बीच ट्रेन रद्द हो जाती है तो अब टिकट का पैसा वापस लेने के लिए कोई कागजी कार्यवाही करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पैसा खुद ही अकाउंट में वापस आ जाएगा। इस नियम को रेलवे ने लागू कर दिया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रेलवे ने इस बारे में आदेश लागू करने का ऐलान किया था, लेकिन अब इसे लागू कर दिया गया है। रेलवे के अफसरों का कहना है कि कई मामलों में ऐसा होता है कि यात्रियों के पास टिकट कन्फर्म या आरएसी में होता है, लेकिन किसी ऐक्सिडेंट या मौसम की वजह से ट्रेन को रद्द कर दिया जाता है। इन हालत में पैसेंजर को टिकट की रकम वापस लेने के लिए टीडीआर भरना पड़ता था, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है।
रेलवे के मुताबिक टिकट की राशि खुद-ब-खुद उसी तरह वापस यात्री के अकाउंट में चली जाएगी, जिस तरह से टिकट कन्फर्म न होने पर ई-टिकट की राशि चली जाती है। रेलवे ने यह भी साफ किया है कि अगर टिकट रिजर्वेशन सेंटर से खरीदा गया है तो उस मामले में टिकट की रकम वहीं से वापस मिलेगी।

Tuesday, July 21, 2015

जाको राखे साइयां, मार सके न कोय

यूं तो सड़क किनारे नशे में धुत लोगों को हम अक्सर देखते रहते हैं पर एक शराबी के साथ ऐसा भी करिश्मा हो सकता है, किसी ने कल्पना नहीं की होगी। घटना न्यू यॉर्क की है, जहां नशे में धुत एक व्यक्ति रेल ट्रैक पर ही सो गया 
रात में उसके ऊपर से मालगाड़ी गुजरी पर भारत की यह कहावत सिद्ध निकली कि 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय '। जानकारी के मुताबिक मालगाड़ी के दो डिब्बे ऊपर से गुजर जाने के बाद भी शराबी का न तो नशा उतरा और न ही उसे रत्ती भर चोट आई।
पुलिस के मुताबिक 38 साल का ऐरोन कोलिंस नशे में धुत होकर रेल पटरियों पर सो गया। रात में मालगाड़ी इसी पटरी से गुजरी और कोलिंस को लेटा देख आननफानन ट्रेन रोक दी। दिलचस्प बात यह कि ट्रेन के दो इंजन उसके ऊपर से गुजर गए और उसे खरोंच तक नहीं पहुंची।
बाद में उसे जांच के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया और सामने आया कि कॉलिंस नशे में ही रहा और उसे रत्ती भर चोट नहीं आई।

Monday, July 20, 2015

रेल हादसों में 25,006 लोगों की जान गई

बीता साल रेल हादसों के लिहाज से थोड़ा सा बेहतर रहा। 2014 में हुए रेल हादसों में थोड़ी कमी आई, लेकिन इसके बावजूद इन हादसों में 25,006 लोगों की जान गई और 3,882 लोग घायल हुए।
नैशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक, 2014 में रेल हादसों के 28,360 मामले दर्ज हुए। इनमें 2013 के मुकाबले 9.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 2013 में 31,236 हादसे दर्ज किए गए थे।
इसमें से ज्यादातर मामले (करीब 61.6 फीसदी) लोगों के ट्रेन से गिरने या रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने के रहे। कुल 28,360 में से 17,480 हादसे ऐसे ही मामलों के थे।
दुर्घटनाओं के मामले सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में हुए। ट्रेन से गिरने या टक्कर के कुल हादसों में से 42.5 फीसदी मामले इसी राज्य के हैं। रेलवे के एक अधिकारी का कहना था कि इस तरह के ज्यादातर मामले शहर के बाहरी इलाकों में हुए। उन्होंने कहा कि लोगों को रेलवे ट्रैक पार न करने के बारे में जागरुक किया जा रहा है, ताकि ऐसे हादसों को कम किया जा सके।
आंध्र प्रदेश में 469 रेल हादसे तकनीकी खामी की वजह से हुए। इसमें खराब डिजाइन, ट्रैक में खराबी, पुल या सुरंग में खराबी जैसी वजहें प्रमुख हैं। इन हादसों में 385 लोगों की मौत हुई।
उग्रवादियों, आतंकियों और दूसरे लोगों द्वारा तोड़-फोड़ से मध्य प्रदेश में 13 और उत्तर प्रदेश में पांच ऐक्सिडेंट हुए, जिनमें कुल 18 लोगों की मौत हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 60 ऐक्सिडेंट ड्राइवरों की गलती से हुए, जिनमें 67 लोगों की जान गई। आश्चर्यजनक तौर पर ज्यादातर रेल हादसे (28,360 में से 4,966 ऐक्सिडेंट) सुबह 6 से 9 बजे के बीच हुए। यह कुल हादसों का 17.5 फीसदी है।

Thursday, July 16, 2015

फ्लिपकार्ट प्लैटफॉर्म से एयर और रेल टिकट्स बुक कर सकेंगे

देश की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक फ्लिपकार्ट ई-टिकटिंग प्लैटफॉर्म शुरू करने के लिए ट्रैवल पोर्टल मेकमायट्रिप के साथ अंतिम दौर की बातचीत कर रही है। फ्लिपकार्ट इस साल के अंत तक कई तरह की कई पेशकश के साथ एक वनस्टॉप शॉप के तौर पर खुद को स्थापित करना चाहती है। इसी कड़ी में यह ई-टिकटिंग जैसी सर्विसेज को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ रही है।
कंपनी की योजनाओं से वाकिफ फ्लिपकार्ट के एक सीनियर एंप्लॉयी ने बताया, 'हम फ्लिपकार्ट के मार्केटप्लेस पर मेकमायट्रिप पावर्ड टिकटिंग को इंटिग्रेड करने की योजना बना रहे हैं। इसका मतलब होगा कि कस्टमर्स फ्लिपकार्ट प्लैटफॉर्म से एयर और रेल टिकट्स बुक कर सकेंगे।'
इस बारे में फ्लिपकार्ट ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और मेकमायट्रिप ने ईटी की ओर से भेजी गई ईमेल का जवाब नहीं दिया। मेकमायट्रिप अमेरिका के नैस्डेक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है। सर्विसेज सेगमेंट में ट्रैवल बुकिंग्स, मोबाइल रीचार्ज और बिल पेमेंट्स आते हैं। यह सेगमेंट तेजी से उभर रहा है और ऑनलाइन रिटेलर्स की ग्रोथ के लिए यह काफी अहम है। इन सर्विसेज में ट्रैवल सबसे बड़ा है। भारत का ई-कॉमर्स मार्केट टिकटिंग सर्विसेज आधारित है, जिसमें सभी ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शंस में एयरलाइन बुकिंग्स की हिस्सेदारी आधी से भी ज्यादा है।
मार्च में ऐमजॉन ने आईआरसीटीसी के साथ दो साल के लिए भारतीय रेलवे के ऑनलाइन टिकटिंग प्लैटफॉर्म के ऑफिशल शॉपिंग पार्टनर के तौर पर जुड़ने का ऐलान किया था। स्नैपडील ने अप्रैल में ऑनलाइन रिचार्ज प्लैटफॉर्म फ्रीचार्ज को अक्वायर किया था और यह पेस्ट कंट्रोल सर्विसेज, मोबाइल और बिल पेमेंट्स के साथ ही होम और पर्सनल लोन जैसी फाइनैंशल सर्विसेज भी ऑफर कर रही है।
फ्लिपकार्ट अपनी सर्विसेज को डायवर्सिफाइड कर रही है। इसके जरिए कंपनी अपना रेवेन्यू बढ़ाने के साथ ही घाटे से बाहर आने की कोशिश में है। एक सूत्र ने बताया कि फ्लिपकार्ट सितंबर तक मेकमायट्रिप के साथ मिलकर टिकट-बुकिंग सर्विस लॉन्च कर सकती है। फ्लिपकार्ट के हेड ऑफ कॉमर्स मुकेश बंसल ने कहा था कि कंपनी सभी कैटिगरीज में रिटेलर्स के साथ पार्टनरशिप करेगी ताकि वह हर शॉपर के लिए एक वन-स्टॉप-डेस्टिनेशन बन सके।

Tuesday, July 14, 2015

रिलायंस इन्फ्रा द्वारा मेट्रो का किराया बढ़ाने पर सरकार कोर्ट जाएगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि रिलायंस इन्फ्रा द्वारा मेट्रो का किराया बढ़ाने पर सरकार कोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि महज 11.4 किलोमीटर मेट्रो का किराया 110 रुपए तक बढ़ाना उचित नहीं होगा।
मौजूदा किराया 10 से 40 रुपए है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि फिलहाल उन्हें किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) द्वारा प्रस्तावित बढ़ोतरी की प्रति नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कैग के विशेष ऑडिट से पहले इस प्रकार कोई फैसला लिया जाता है तो वह यात्रियों के हित में नहीं होगा।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित मुंबई मेट्रो रेल किराया निर्धारण को लेकर पिछले लंबे समय से विवाद में है। किराए को मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उसके बाद ही न्यायालय ने एफएफसी को अपनी सिफारिशें देने के लिए समय निर्धारित किया था।

Friday, July 10, 2015

रेलवे स्टेशन को गोद लिया

विल्सन कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन में अपनी भागीदारी निभाने के लिए मुंबई के एक रेलवे स्टेशन को गोद लिया है। 
बुधवार को दक्षिणी मुंबई के चरनी रोड स्टेशन पर पोस्टर लेकर पहुंचे और वहां नुक्कड़ नाटक किया। साथ ही रेलवे स्टेशन को वाटर प्योरीफायर और पौधे गिफ्ट किए। हर हफ्ते करीब पचास छात्र स्टेशन प्लेटफॉर्म की सफाई करेंगे, साथ ही पेंटिंग और आर्ट वर्क स्टेशन पर किया जाएगा।  एक छात्र जैसलीन रोड्रिगॉस ने बताया कि उनका माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट यह भी सुनिश्चित करेगा कि स्टेशन पर कितना शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। छात्रों ने ने कहा कि उन्होंने किसी पब्लिसिटी के लिए इस मिशन में भागीदारी नहीं की है।
एक दूसरे छात्र आरोन डायस ने कहा, 'हमने इसे एकदम ग्राउंड लेवल पर शुरू किया है। इस स्टेशन को हम हफ्ते में सातों दिन इस्तेमाल करते हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे साफ-सुथरा रखें।'
चरनी रोड स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने कहा कि हमारे देश के युवा बेहद जागरुक हैं, यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ी बात है, आशा है हर कॉलेज ऐसे ही स्टेशनों को गोद लेगा।'
इसी तरह पिछले हफ्ते ही मिठीबाई कॉलेज के छात्रों ने विले पर्ले स्टेशन को गोद लिया था।

हार्बर लाइन पर पत्थरबाजी की घटनाएं

हार्बर लाइन पर पत्थरबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गुरुवार शाम एकबार फिर किसी अज्ञात शख्स ने पनवेल लोकल पर पत्थर फेंका जिसमें लोकल का गार्ड घायल हो गया।

सीएसटी से पनवेल जा रही लोकल ट्रेन पर गुरुवार शाम को किसी शख्स ने पत्थर फेंका। ये घटना रे रोड स्टेशन के पास हुई और इसमें गार्ड राजेंद्र पांडुरंग राउत की नाक पर चोट लगी है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल होने के बाद गार्ड ने कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी और ट्रेन आगे लेकर गए। राउत को पनवेल रेलवे पुलिस स्टेशन के सिपाही इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। हाल ही में हार्बर लाइन पर भी पत्थरबाजी की घटना हुई थी जिसमें जीआरपी की एक महिला कॉन्स्टेबल घायल हो गई थी।

इकलौती ट्रेन

देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1959 में एटा से टूंडला के बीच चलने वाली एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। दोनों जिलों को जोड़ने वाली यह इकलौती ट्रेन यहां के ग्रामीणों के लिए सबसे बेहतर साधन है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों के हाथ देने भर से यह ट्रेन रुक जाती है।
यह ट्रेन सिंगल ब्रॉड गेज लाइन पर दिन में दो बार 73.6 किमी की दूरी तय करती है। यह 10 स्टेशनों एटा, जवाहरपुर कामसन हॉल्ट, अवा गढ़, कुसवा, जलेसर सिटी, शाहनगर तिमरुआ, शिवाला तेहू, बरहन जंक्शन, मितावली और टूंडला से होकर गुजरती है। हालांकि, इसकी एवरेज स्पीड 38 किमी प्रति घंटा है, पर अक्सर लेट रहती है। एटा के स्टेशन मास्टर कृपाल सिंह बताते हैं कि सिंगल ब्रॉड गेज लाइन पर दिन में दो बार 73.6 किमी की दूरी तय करने वाली यह इकलौती ट्रेन है। स्थानीय लोग अपने कृषि उत्पादों को ढोने के लिए इस पर निर्भर हैं। खेतों के बीच से गुजरते समय इसकी रफ्तार काफी धीमी हो जाती है, क्योंकि बहुत से किसान इसपर अपने सामान के साथ सफर कर रहे होते हैं। वह बताते हैं कि आज तक इसमें किसी भी तरह की दुर्घटना का सामना नहीं करना पड़ा है। कभी भी किसी यात्री को लोको पायलट से कोई शिकायत नहीं हुई। यह ट्रेन स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराती है।

जलेसर सिटी के रहने वाले भंवर सिंह बताते हैं कि यह ट्रेन मेरे लिए फैमिली वीकल से कम नहीं है। इसमें तो लोको पायलट भी स्थानीय लोग ही हैं। छोटे और कमजोर किसानों को जब भी आगरा की मार्केट तक अपने कृषि उत्पादों को पहुंचाना होता है, वे ट्रेन को रोकने के लिए बस अपने खेत से हाथ भर हिला देते हैं। वह कहते हैं कि इस ट्रैक पर कोई भी दूसरी ट्रेन नहीं चलती है, इसलिए यहां एक्सिडेंट का चांस भी जीरो है। शाहनगर तिमरुआ से ट्रेन में सवार हुए एक और यात्री राम चंद्र कहते हैं कि कासगंज जाने के लिए यहां से कोई कनेक्टिविटी ही नहीं है। कासगंज जाने के लिए किसानों को बरेली जाना पड़ता है। जीआरपी एसएसपी गोपेश नाथ खन्ना कहते हैं कि यह सही है कि यात्रियों की डिमांड पर पैसेंजर ट्रेन को रोक दिया जाता है। लेकिन, कभी किसी यात्री ने इसकी शिकायत नहीं की है। बल्कि, लोग तो इसे एटा से 30 किमी आगे कासगंज तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे डिविजन के एक सीनियर ऑफिसर का इस बारे में कहना है कि इस तरह से लोगों के इशारे पर ट्रेन को रोकने की जानकारी हमारे पास नहीं है। यह गलत है और इससे खतरा हो सकता है।

Wednesday, July 8, 2015

सामने से रेल आ रही थी-

ऑस्ट्रेलिया में 62 साल के एक भारतीय ने रेल के ट्रैक पर गिरी 18 महीने की पोती को बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। सामने से रेल आ रही थी, मगर बुजुर्ग ट्रैक से बच्ची को उठाकर प्लैटफॉर्म पर ले आए। यह मामला स्थानीय मीडिया में छाया हुआ है।
डेली टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना सिडनी के वेंटवर्थविल स्टेशन की है। रविवार को बच्ची का प्राम ढलान की वजह से अपने आप चलता हुआ सीधे पटरी पर जा गिरा। बच्ची के दादा ने ट्रैक पर कूदकर बच्ची को उठाया और उसे अपनी पत्नी और बहू के हवाले कर दिया। मगर उनके पास इतना टाइम नहीं था कि खुद ऊपर चढ़ सकें।
ट्रेन तेजी से उनकी तरफ आ रही थी और वक्त बहुत कम बचा था। ऐसे में बुजुर्ग ने दौड़ लगाई और आगे एक तरफ को कूद गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बच्ची के दादा कुछ दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया आए थे और परिवार गुरुद्वारे जा रहा था।
इस स्टेशन के प्लैटफॉर्म में मौसम के हिसाब से ढलान दी गई है, ताकि बारिश का पानी सीधा पटरियों में चला जाए। बच्ची के अंकल ने बाद में रिपोर्टर्स को बताया, 'उन्होंने कमाल कर दिया और अपनी जिंदगी की एक पल के लिए भी फिक्र नहीं की। वह उसकी जान बचाने के लिए सीधे कूद गए।'
बच्ची और उसके दादा थोड़े से जख्मी हुए हैं, मगर उन्हें छुट्टी मिल गई है। सिडनी ट्रेन्स के डायरेक्टकर ऑफ ऑपरेशंस टोनी एड का कहना है कि इस तरह की घटना फिर कभी न हो, इसके लिए स्टेशन को अपग्रेड किया जाएगा।

Monday, July 6, 2015

सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति

वेस्टर्न रेलवे के मुंबई डिविजन द्वारा बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध सघन अभियान से अप्रैल एवं मई, 2015 में अब तक के सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति की गई है। अप्रैल, 2015 में की गई नियमित जांच का यह परिणाम रहा कि बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.3 लाख मामले पकड़े गए। इस माल से 5.68 करोड़ रुपये जुर्माने स्वरूप प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की इसी माह तुलना में 27.04 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार मई, 2015 में किए गए बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.2 लाख मामले पकड़े गए, जिनसे 5.41 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर मिले। अप्रैल तथा मई, 2015 के दौरान 6 फोर्ट्रेस जांच आयोजित की गईं, जिनसे बतौर जुर्माना 36.44 लाख रुपये प्राप्त हुए।

Thursday, July 2, 2015

2015 में अब तक के सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति

वेस्टर्न रेलवे के मुंबई डिविजन द्वारा बिना टिकट यात्रा के विरुद्ध सघन अभियान से अप्रैल एवं मई, 2015 में अब तक के सर्वोच्च राजस्व की प्राप्ति की गई है। अप्रैल, 2015 में की गई नियमित जांच का यह परिणाम रहा कि बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.3 लाख मामले पकड़े गए।
इस माल से 5.68 करोड़ रुपये जुर्माने स्वरूप प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की इसी माह तुलना में 27.04 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार मई, 2015 में किए गए बिना टिकट/अनियमित यात्रा सहित बिना बुक किए गए सामान के 1.2 लाख मामले पकड़े गए, जिनसे 5.41 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर मिले। अप्रैल तथा मई, 2015 के दौरान 6 फोर्ट्रेस जांच आयोजित की गईं, जिनसे बतौर जुर्माना 36.44 लाख रुपये प्राप्त हुए।

Wednesday, July 1, 2015

अगले पांच साल में इसमें 120 अरब डॉलर (करीब 76,33,97,40,00,000 रुपये) का निवेश

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि फंड के अभाव से जूझ रहा रेलवे अपने सुधार और विस्तार की प्रक्रिया में है और अगले पांच साल में इसमें 120 अरब डॉलर (करीब 76,33,97,40,00,000 रुपये) का निवेश किया जाएगा। रेल मंत्री ने आईआईटी और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय एवं लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों और पूर्व छात्रों के एक समूह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि रेलवे में कई चुनौतियां हैं जिनका समाधान किए जाने की जरूरत है। प्रभु ने कहा, 'हमारे सामने बड़ी चुनौतियां हैं और हमें इसका समाधान निकालना है। लेकिन, सवाल यह है कि इसे कैसे किया जाए।' उन्होंने कहा, 'रेलवे में पिछले 20-25 साल में कोई निवेश नहीं हुआ है। अगले पांच साल में 120 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।'
भारतीय रेलवे में युवा सोच को शामिल किए जाने के इरादे से रेल मंत्री ने रेलवे में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अभिनव विचार आमंत्रित किए। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, 'बिना टिकट यात्रा को रोका जा सकता है। इसे कैसे किया जाए? क्या आप इसका कोई पुख्ता समाधान खोज सकते हैं?'
रेल मंत्री ने कहा कि ये सब चुनौतियां हैं और इनके समाधान के लिए युवा सोच को शामिल किया जाना चाहिए। ये रोजमर्रा की समस्याएं हैं और हमें समाधान की जरूरत है। उत्तर रेलवे में 2013-14 में 19 लाख से अधिक यात्रियों ने बिना टिकट या अनुचित टिकट के साथ यात्रा की और इस लिहाज से उत्तर रेलवे सबसे ऊपर रहा। रेल मंत्री ने कहा कि यातायात के अन्य साधनों की अपेक्षा ट्रेन का टिकट सस्ता है। इसलिए बिना टिकट यात्रा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अच्छे विचार पेश करने वालों के लिए रेलवे की ओर से पुरस्कार की घोषणा की जाएगी।