Monday, November 26, 2012

दुर्घटना में घायल लोगों को पांच हजार से 25 हजार


 उड़ीसा उच्च न्यायालय ने संबलपुर स्थित बिना फाटक की रेलवे क्रासिंग पर गत 25 अगस्त को हुई ट्रेन दुर्घटना के सभी पीडि़तों को सोमवार को मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश दिया जिसमें कम से कम 14 व्यक्तियों की मौत हो गई थी और पांच अन्य घायल हो गए थे।

रेलवे ने इस आधार पर मुआवजे का भुगतान करने से इनकार कर दिया था कि रेलवे कानून के तहत गैर यात्रियों को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का कोई प्रावधान नहीं है। मुख्य न्यायाधीश वी गोपाल गौवड़ा ने वकील प्रबीर दास की ओर से दायर जनहित याचिका का निपटारा करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को 14 पीड़ितों में से प्रत्येक के परिवार को पांच लाख रुपये का भुगतान करने को कहा जिनकी उस समय मौत हो गई थी जब उनके वाहन की एक एक्सप्रेस ट्रेन से टक्कर हो गई।

अदालत ने इसके साथ ही रेलवे को गंभीर रूप से घायल उस महिला को एक लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। दुर्घटना में घायल लोगों को पांच हजार से 25 हजार के बीच मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।

Tuesday, November 20, 2012

मंगलवार सुबह पुलिस को एक सर्राफ का टुकड़ों में बंटा शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला


थाना देहली गेट क्षेत्र में मंगलवार सुबह पुलिस को एक सर्राफ का टुकड़ों में बंटा शव रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला है। शव की जेब से पुलिस ने स्यूसाइड नोट बरामद किया है। शव की पहचान होने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि कर्ज वसूली के लिए कुछ लोग सोमवार शाम उसे जबरन अपने साथ ले गए थे। उन्होंने ही उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। 
मंगलवार सुबह पुलिस को परतापुर रेलवे ट्रैक पर एक शख्स के शव के टुकड़े मिले। शव की तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक स्यूसाइड नोट मिला। इसी नोट के आधार पर शव की पहचान हुई। वह सराय लाल दास निवासी 28 साल रियाजुद्दीन था। पेशे से वह सर्राफ था। पुलिस ने उसके मौत की सूचना उसके परिजनों को दी। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि रियाजुद्दीन की हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार रियाजुद्दीन पर कुछ लोगों के पैसे उधार थे। पैसे की वसूली के लिए वे उस पर कई दिनों से दबाव बना रहे थे। परिजनों के अनुसार सोमवार शाम कुछ लोग उसके घर आए थे। वे उससे पैसे मांग रहे थे। इसी बीच उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। घरवालों के विरोध करने पर उन्हें धमकाते हुए उन लोगों ने रियाजुद्दीन को जबरन कार में डाल लिया और अपने साथ ले गए। रियाजुद्दीन के परिजन पूरी रात उसकी तलाश में लगे रहे। सुबह उन्हें रियाजुद्दीन के मौत की सूचना मिली। परिजन पुलिस से हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि स्यूसाइड नोट फर्जी है। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

Sunday, November 18, 2012

प्रीमियर एक्सेस'


नई दिल्ली रेलवे स्टेशन एक नया एंट्री गेट बनाने पर विचार हो रहा है ताकि पैसेंजर्स भीड़ से बचते हुए आसानी से प्रवेश कर सकें। हालांकि, यात्रियों को इस अलग गेट से स्टेशन में एंट्री करने के लिए कुछ फीस चुकानी होगी।

रेलवे ने इस सुविधा का नाम 'प्रीमियर एक्सेस' रखा है जिसकी फीस फिलहाल तय नहीं है। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने शुक्रवार को स्टेशन का दौरा किया था। इसी दौरान उन्होंने रेलवे के दिल्ली डिविजन को प्रीमियर एक्सेस सिस्टम डिवेलप करने के निर्देश दिए।

नॉर्दर्न रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हम पहाड़गंज की तरफ से एक सीधा एंट्री रोड बनाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। अजमेरी गेट की तरफ से भी इस तरह का अलग गेट बनाने पर विचार किया जा रहा है।

Thursday, November 15, 2012

पनवेल से आपटा स्टेशन तक के दोहरे रेल मार्ग के निर्माण


मध्य रेलवे ने पनवेल से आपटा स्टेशन तक के दोहरे रेल मार्ग के निर्माण के बाद अपना लक्ष्य अब रोहा स्टेशनपर टिका दिया है। बता दें कि पनवेल जंक्शन से आपटा स्टेशन तक के रेल रूट दोहरीकरण के प्रथम चरण केकाम को पूरा करने के बाद पनवेल से करीब 75 किलोमीटर दूर रोहा स्टेशन तक के रेल रूट को डबल करने केकाम को शुरू कर दिया गया है। आपटा से पेण स्टेशन के बीच चल रहे रेल रूट दोहरीकरण के काम को भी काफीहद तक पूरा कर लिया गया है और यदि सब कुछ योजना के मुताबिक़ चलता रहा तो उम्मीद है कि वर्ष 2013 केअंत तक रोहा तक के रेल मार्ग को भी पूरी तरह से डबल कर आम जनता के लिए खोल दिया जायेगा

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान पैर स्लिप


 रेलवे स्टेशन : पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान पैर स्लिप होने से एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ट्रेन के नीचे आ गए। हादसे में मौके पर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। 
विजयनगर निवासी सुरेंद्र रेलवे में सेक्शन इंजीनियर पद से रिटायर हुए थे। बुधवार सुबह किसी काम से वह दिल्ली जा रहे थे। करीब 9 बजे संपूर्ण क्रांति ट्रेन स्टेशन पर आई, जिसका यहां स्टॉपेज नहीं है। ट्रेन की रफ्तार कम होते ही सुरेंद्र ने ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उनका पैर फिसल गया और वह ट्रेन के नीचे आ गए। उनकी जेब से मिले कार्ड के आधार पर पहचान के बाद उनके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। 

Sunday, November 11, 2012

रेलवे को अपने सभी प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की जरूरत


 रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि रेलवे को अपने सभी प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी। पूर्वी रेलवे के पलासी-जिआगंज खंड में दोहरी लाइन बिछाने का काम शुरू करने के बाद चौधरी ने कहा, 'सभी घोषित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए रेलवे को 2.5 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसीलिए भविष्य में कोई भी परियोजना घोषित करने से पहले हमें व्यवहारिक होना चाहिए।'

तृणमूल कांग्रेस द्वारा यूपीए सरकार से सितंबर में समर्थन वापस लेने के बाद चौधरी को रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि पूर्व रेल मंत्री ममता बनर्जी और मुकुल राय द्वारा घोषित सभी रेल परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

उन्होंने उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पश्चिम बंगाल की रेल परियोजनाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा, 'ऐसी अफवाह है कि पश्चिम बंगाल की परियोजनाएं रद्द की जाएंगी लेकिन यह सही नहीं है। कोई भी परियोजना प्रभावित नहीं होगी।'

नौकरी दिलाने के बहाने उनसे ठगी


रेलवे में टीटी की नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 15 लाख रुपये ठग लिए जाने का मामला सामने आया है। साहिबाबाद थाना क्षेत्र में तुलसी निकेतन की राजीव कॉलोनी में रहने वाले मनीष ठाकुर ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि नौकरी दिलाने के बहाने उनसे ठगी की गई। 

साहिबाबाद थाना इंचार्ज रामनाथ सिंह यादव ने बताया कि इसी साल जनवरी 2012 में मनीष की जान-पहचान एक बंगाली डॉक्टर एस. भट्टाचार्य(काल्पनिक नाम) से हो गई थी। भट्टाचार्य ने खुद को बंगाल का निवासी बताया था और कहा था कि उसकी रेलवे मंत्रालय में ठीकठाक जान-पहचान है और वह उनको वहां नौकरी दिलवा सकता है। 

भट्टाचार्या ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे खर्च करने होने की बात कही थी। मनीष ने रेलवे में नौकरी मिलने की बात अपने पिता को बताई। पिता भी नौकरी मिलने के नाम पर पैसे खर्च करने को तैयार हो गए। भट्टाचार्य ने मनीष से कई किस्तों में लगभग 15 लाख रुपये ले लिए, लेकिन नौकरी के नाम पर उसे कोई कागज नहीं मिला। भट्टाचार्य इतना शातिर है कि विश्वास दिलाने के लिए वह मनीष और उनके पिता कमलेश ठाकुर को एक बार कोलकाता भी लेकर गया। 

Wednesday, November 7, 2012

रेल किराये में बढ़ोत्तरी करने के संकेत


 रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने रेल किराये में बढ़ोत्तरी करने के संकेत देते हुए कहा कि ऐसा किए बगैर रेलवे को चलाना मुश्किल होगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के लालगंज में स्थित रेल कोच फैक्ट्री में बनने वाले डिब्बों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाने के मौके पर मौजूद बंसल ने बातचीत में एक सवाल पर कहा रेल किराया-भाड़ा बढ़ाना हमारा लक्ष्य नहीं है। हमारा मकसद यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। इसके लिए क्या करना चाहिये, इस पर विचार किया जा रहा है। नि:संदेह किसी समय हमें कोई कदम (किराये में वृद्धि) उठाना पड़ेगा, क्योंकि वैसा किये बगैर रेलवे को चलाना मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा जब भी लोग मुझसे मिलते हैं तो कहते हैं कि सुविधाओं को सुधारिये, भले ही किराया थोड़ा ज्यादा ले लीजिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या रेल किराया अगले साल मार्च से बढ़ सकता है, रेल मंत्री ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। इस बारे में कोई भी फैसला समुचित विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली में रेल कोच फैक्ट्री लगाने के लिये जमीन के बदले नौकरी देने के फार्मूले की रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी द्वारा आलोचना किये जाने के बारे में पूछने पर बंसल ने कहा कि फिलहाल इस तरह की कोई नीति निर्धारित नहीं है।

Tuesday, November 6, 2012

कोच में रईस यात्रियों का महंगा सामान होने की उम्मीद


 कानपुर से संस्कृत और हिंदी में डबल एमए।अच्छा परिवार। लेकिन काम फिल्म 'बंटी-बबली' की बबली जैसा। ट्रेनों में 28 चोरियों को अंजाम देने वाली इस 'बबली' को पुलिस ने उसके 'बंटी' के साथ आखिर धर दबोचा। मोनीसिंह उर्फ यासमीन (23) नाम की यह युवती लंबी दूरी की ट्रेनोंके एसी कोच में अपने पार्टनर मोहम्मद नौशाद उर्फ अहमदरजा (31) के साथ महंगे सामानों पर हाथ साफ करतीथी।इन वारदातों के लिए वह लखनऊ से दिल्ली आती थी। गुड़गांव सेक्टर 56 में रहने वाली स्नेहाअजमेरा (25) अपनी सास और हाउस कीपर के साथ पूजाएक्सप्रेस में जयपुर से लुधियाना जा रही थीं।रात में पुरानीदिल्ली रेलवे स्टेशन पर किसी ने एसी कोच में उनका हैंड बैगचोरी कर लिया। उसमें छह लाख रुपये कीमत की दो डायमंडचूड़ियां, 45 हजार रुपये का आईपॉड, 40 हजार रुपये कासेलफोन, अन्य मोबाइल फोन, तीन क्रेडिट कार्ड, आईडी प्रूफ, 20 हजार रुपये का प्राडा कंपनी का धूप का चश्मा और 20 हजार रुपये कैश था। स्नेहा ने एफआईआर दर्ज कराई।

डीसीपी
 (रेलवे) संजय भाटिया की टीम ने उस रात पूजा एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों केपीएनआर नंबरों से तहकीकात शुरू की। तत्काल का एक टिकट शास्त्री पार्क में एजेंट रवि ने इंटरनेट से बुककराया था। उसने पुलिस को बताया कि वह टिकट शास्त्री पार्क में रहने वाले अहमद रजा ने बुक कराया था। यहभी पता चला कि पिछले तीन महीने में अहमद रजा 28 टिकट खरीद चुका था। यह टिकट दिल्ली से झांसी,जम्मू, रतलाम, भोपाल, जयपुर आदि शहरों के लिए जम्मू राजधानी एक्सप्रेस, यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस,मालवा एक्सप्रेस, पूजा एक्सप्रेस, बैंगलोर राजधानी आदि रेलगाड़ियों में बुक कराए गए थे।
पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि अहमद रजा के साथ यासमीन नामक महिला भी ट्रेनों में यात्रा करती है।इतनी बड़ी संख्या में यात्राओं की वजह साफ नहीं थी। आखिरकार संदिग्ध कपल को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन परपकड़ा गया। दोनों उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एसी कोच में जम्मू के लिए रवाना होने वाले थे।

डीसीपी
 (क्राइम ब्रांच) एस. बी. एस. त्यागी के मुताबिक मुलजिमों के असली नाम मोनी सिंह उर्फ यासमीन (23)और मुहम्मद नौशाद उर्फ अहमद रजा (31) हैं। मोनी सिंह लखनऊ के चारबाग की रहने वाली है।

किशनगंज
 (बिहार) का निवासी नौशाद शास्त्री पार्क में रहता है। इन्होंने बताया कि फर्जी नामों पर दोनों एसीकोच में यात्रा करते थे, क्योंकि इन कोच में रईस यात्रियों का महंगा सामान होने की उम्मीद रहती थी। रात मेंयात्रियों के सोने के बाद दोनों उनके महंगे सामान और खास तौर पर लेडीज हैंडबैग चुराते थे। मोनी सिंह को इसमाल में से हिस्सा मिलता था। चोरी से मिले माल से नौशाद ने शास्त्री पार्क में फ्लैट खरीद लिया था। वह चोरीका हिस्सा अपनी पत्नी इस्मत के बैंक खाते में जमा कराता था। इन दोनों से स्नेहा अजमेरा का सामान बरामद हो गया।