Monday, April 25, 2011

गुवाहाटी-दादर एक्सप्रेस की एक वातानुकूलित बोगी पटरी से उतर गई।

बिहार में खगड़िया जिले के मानसी रेलवे स्टेशन के समीप गुवाहाटी-दादर एक्सप्रेस की एक वातानुकूलित बोगी पटरी से उतर गई। इससे इस रेलमार्ग पर आवागमन ठप हो गया। दुर्घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार सोमवार को मानसी रेलवे स्टेशन के समीप गुवाहाटी-दादर एक्सप्रेस की एक एसी बोगी पटरी से उतर गई। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद कटिहार-बरौनी रेल मार्ग के अप लाइन पर आवागमन रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि दोपहर बाद तीन बजे तक आवागमन प्रारंभ होने की सम्भावना है। अधिकारी के अनुसार दुर्घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।

बढ़ती आबादी की वजह से लोकल ट्रेनों में भी भीड़

वसई-विरार क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी की वजह से लोकल ट्रेनों में भी भीड़ बढ़ती जा रही है। ऐसे में पश्चिम रेल ने लोगों को राहत देने के कई प्रयास किए हैं। लेकिन वे सभी प्रयास विरार-चर्चगेट मार्ग पर चलने वाले यात्रियों के लिए हुए हैं। मगर वसई से लोकल यात्रियों के लिए एक और सेवा संचालित होती है, जिसके यात्रियों की सुविधा के लिए न तो कोई प्रयास हुआ है और न किसी ने इसके लिए आवाज ही उठाई है। यह सेवा है वसई-दिवा के बीच चलने वाली डीएमयू (डीजल मल्टीपल यूनिट) सेवा, जिसकी शुरूआत जुलाई 1995 में हुई थी। जब यह सेवा शुरू हुई थी जब इस रूट पर एक ही लाइन थी जिसपर अप और डाउन दोनों ट्रेनें चलती थीं, साथ ही दिल्ली व गुजरात से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनें भी। कुछ माल गाडि़या भी इस रूट पर चलती थीं। इस वजह से सिर्फ एक ही डीएमयू ट्रेन चल पाती थी। पुश-पुल सिस्टम से चलने वाली इस ट्रेन में कुल आठ डिब्बे होते हैं। बीच में इंजन और चार डिब्बे आगे जिसे इंजन धकेलता है और चार डिब्बे पीछे जिन्हें वह खींचता है। अब इस रूट पर डबल लाइन है और डीएमयू सेवा की में भी बढ़ोतरी हुई है, मगर इस रूट पर सफर करने वालों की संख्या को देखते हुए इसे अपर्याप्त कहा जा सकता है। अभी हालत यह है कि ट्रेन की संख्या कम होने की वजह से लोग 'रिटर्न जनीर्' का तरीका अपनाते हैं। खास तौर पर जो ट्रेन दिवा से वसई रोड स्टेशन आ कर वापस जाती है, उसमें लोग जूचंद स्टेशन ही बैठ कर आते हैं। नतीजा यह होता है कि वसई से इस ट्रेन में सवार होने वालों को शायद ही कभी बैठने की जगह मिलती है। इस मार्ग पर दो स्टेशनों के बीच की दूरी अधिक है, इसलिए यात्रियों को सफर के बीच किसी तरह की राहत मिलने की संभावना न के बराबर होती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रूट पर सबसे ज्यादा यात्री कोपर स्टेशन के होते हैं। यात्रियों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 2 लाख की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर 2009 के आंकड़े बताते हैं कि तब यहां से 5 लाख 86 हजार 230 यात्री सफर करते थे, जिनसे रेलवे को 27 लाख 28 हजार 59 रुपये की आय हुई थी। पिछले साल सितंबर के आंकड़े के अनुसार यात्रियों की संख्या बढ़ कर 7 लाख 48 हजार 614 हो गई। इनसे रेलवे को प्राप्त हुए 36 लाख 44 हजार 477 रुपये। इस रूट पर सफर करने वालों में ऑफिस में काम करने वाले सरकारी और गैर सरकारी अधिकारियों- कर्मचारियों के अतिरिक्त व्यापारी वर्ग के लोग अधिक हैं। कोपर से वसई की दूरी 36 किलो मीटर है और इस दूरी को तय करने में करीब 45 मिनट लगते हैं। इस मार्ग पर डीएमयू के दस फेरे होते हैं। कोपर से इन यात्रियों को मध्य रेल के सीएसटी व कल्याण, उल्हासनगर आदि स्टेशनों की लोकल ट्रेन मिल जाती है। अगर ये दादर हो कर इन स्टेशनों की यात्रा करें तो काफी समय लगेगा, क्योंकि वसई रोड स्टेशन से फास्ट ट्रेन से दादर तक आने में ही लगभग 50 मिनट लग जाते हैं। आगे की यात्रा का वक्त अलग से लगता है। इन लाखों यात्रियों की परेशानी को आवाज देने की पहल की है ठाणे जिला वसई-विरार शहर (ग्रामीण) के अध्यक्ष गोविंद गुंजालकर ने। इन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिख कर इस रूट पर 12 डिब्बों की लोकल ट्रेनें चलाने और इसकी सेवाएं बढ़ाने की मांग की है।

Sunday, April 24, 2011

एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन ने पैसेंजरों को तीन दिन के लिए आधी दरों पर सफर कराने का फैस

उम्मीद के मुताबिक अब तक नाकाम रही एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन ने पैसेंजरों को तीन दिन के लिए आधी दरों पर सफर कराने का फैसला किया है। गुड फ्राइडे के मौके पर मेट्रो ने न सिर्फ शुक्रवार, बल्कि शनिवार और रविवार को भी एयरपोर्ट लाइन के किराए में 50 फीसदी की कटौती कर दी है। लेकिन दिल्ली मेट्रो की अन्य लाइनों पर किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि नई दिल्ली से एयरपोर्ट होते हुए द्वारका सेक्टर 21 तक जाने वाली इस लाइन पर अगले तीन दिन में जो भी पैसेंजर सफर करेंगे, उन्हें सामान्य किराए के मुकाबले आधे पैसे देने होंगे। मसलन, अगर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कोई पैसेंजर एयरपोर्ट तक जाता है, तो उसे सामान्य तौर पर 80 रुपये का टिकट लेना होता है लेकिन इन तीन दिनों में उसे 40 रुपये ही देने होंगे। इसी तरह द्वारका सेक्टर 21 तक जाने के लिए 100 रुपये के बजाय 50 रुपये ही किराए के रूप में देने होंगे।
यही नहीं, अगर कोई पैसेंजर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से शिवाजी स्टेडियम जाता है, तो भी उसे 20 रुपये के बजाय 10 रुपये का टिकट लेना होगा। लेकिन चूंकि द्वारका सेक्टर 21 और एयरपोर्ट के बीच आने-जाने वालों के लिए किराया 30 रुपये तय किया गया है, इसलिए सिर्फ उन दो स्टेशनों के बीच आने जाने वाले पैसेंजरों को सिर्फ 15 रुपये किराया देना होगा। इस तरह से इन तीन दिनों में इस लाइन पर न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम 50 रुपये होगा। किराए पर डिस्काउंट 22-24 अप्रैल के बीच न सिर्फ सिंगल जर्नी टोकन लेने वालों पर, बल्कि इस लाइन के लिए जारी पास पर भी लागू होगा। गौरतलब है कि इस लाइन पर मेट्रो 105 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है और नई दिल्ली से एयरपोर्ट के बीच इसका सफर महज 18 मिनट में पूरा हो जाता है।

Thursday, April 14, 2011

राजधानी एक्सप्रेस को 10 मिनट तक जबरन रुकवा लिया।

बिहार में झंझारपुर के सांसद मंगनीलाल मंडल (जेडीयू) के बॉडीगार्ड्स ने मंगलवार रात राजधानी एक्सप्रेस को 10 मिनट तक जबरन रुकवा लिया। पटना जंक्शन के स्टेशन इंचार्ज ने इस मामले की एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अनुसार सांसद के बॉडीगार्ड्स ने मंगलवार रात राजेन्द्रनगर-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन (नंबर-12309) पटना जंक्शन पर करीब 10 मिनट तक जबरन रोक ली। इस दौरान गार्ड से भी दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस के मुताबिक गार्ड से यह कहकर ट्रेन रोकी गई कि सांसद अभी आ रहे हैं, उनके आने पर ट्रेन चलाना। पटना जीआरपी के निरीक्षक सिराजुल अहमद ने बुधवार को बताया कि स्टेशन इंचार्ज के लिखित बयान पर पटना रेल थाना में एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें राजधानी एक्सप्रेस को जबरन 9.11 मिनट तक रोकने की बात कही गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जब तक राजधानी एक्सप्रेस के गार्ड से पूछताछ नहीं हो जाती तब तक पूरा मामला स्पष्ट नहीं हो सकेगा।