मंगलवार को एक महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नोएडा से इलाहाबाद जा रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। रेल कर्मियों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली महिला संगीता मंगलवार सुबह इलाहाबाद जाने के लिए अपने पति के साथ हापुड़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और देखते ही देखते महिला ने स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहां मौजूद महिलाओं ने रेलवे कर्मियों की मदद से महिला और बच्ची को मोदी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
Wednesday, December 22, 2010
रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म
मंगलवार को एक महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। नोएडा से इलाहाबाद जा रही एक गर्भवती महिला ने रेलवे स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। रेल कर्मियों की मदद से उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-8 में रहने वाली महिला संगीता मंगलवार सुबह इलाहाबाद जाने के लिए अपने पति के साथ हापुड़ रेलवे स्टेशन पहुंची थी। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी और देखते ही देखते महिला ने स्टेशन पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहां मौजूद महिलाओं ने रेलवे कर्मियों की मदद से महिला और बच्ची को मोदी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
Tuesday, December 21, 2010
139 से अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी
ट्रेनों ने नंबर पांच अंक के होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा लोकल ट्रेनों के पैसेंजरों को हुआ है। अब वे भी भी 139 से अपनी ट्रेन की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अब तक लोकल और पैसेंजर ट्रेनों के बारे में पूछताछ सेवा से जानकारी नहीं मिल पाती थी। उत्तर रेलवे के सूत्रों का कहना है कि पहले लोकल ट्रेनों के नंबर एक आरडी वगैरह होते थे। जिसकी वजह से इनके बारे में सिस्टम पर पूछताछ नहीं हो पाती थी लेकिन अब इन ट्रेनों के नंबर भी पूरी तरह से अंकों में आने से पूछताछ सेवा में इन्हें शामिल किया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले सॉफ्टवेयर में अंग्रेजी के अक्षरों आदि की पहचान नहीं हो पाती थी। लेकिन अब सभी ट्रेनों के नंबर पांच अंक के हो गए हैं। ट्रेन पूछताछ सेवा देने का जिम्मा संभालने वाली इंडियन रेलवे कैटरिंग ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के प्रवक्ता का कहना है कि अब 139 पर किसी भी ट्रेन के लिए पूछताछ संभव हो गई है।
Monday, December 13, 2010
दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के डिब्बे घटा दिए
दिल्ली-रेवाड़ी रेल मार्ग पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के डिब्बे घटा दिए गए हैं। इससे इस रूट पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कई रूटों पर चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की वजह से डिब्बे कम किए गए हैं। इस समय कुल 52 सेपेशल ट्रंनें चल रही हैं। हालांकि रेलवे प्रवक्ता अमर सिंह नेगी का कहना है कि कुछ ही ट्रेनों से डिब्बे कम किए गए हैं। जिन ट्रेनों से डिब्बे कम हुए हैं, उनमें यात्रियों की संख्या कम थी। कुछ दिनों में ये डिब्बे फिर से लगा दिए जाएंगे। दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर सफर करने वाले करीब 1 लाख पैसेंजरों के लिए सिर्फ 12 से 14 लोकल ट्रेनें चलती हैं। राहत की बात यह थी कि एनसीआर के मुकाबले इन लोकल ट्रेनों में डिब्बों की संख्या कहीं अधिक होती थी। जहां एनसीआर के अन्य रूटों पर ईएमयू में 9 से लेकर 12 डिब्बे तक हुआ करते थे, वहीं यहां हर लोकल ट्रेन में करीब 20 से 22 डिब्बे होते थे। पिछले करीब 3 से 4 दिनों तक इस रूट की अधिकांश लोकल ट्रेनों से 2 से 4 डिब्बे कम कर दिए गए हैं। इससे अन्य कोच में भीड़ बढ़ गई है। परिवार के साथ सफर करने वाले तो कई बार ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाते। गुड़गांव स्टेशन पर तो चढ़ने और उतरने में अक्सर मारामारी होती है। धक्का-मुक्की के बीच कई लोग गिर जाते हैं तो कई लोग चैन पुलिंग कर उतर भागते हैं। दिल्ली-रेवाड़ी रेलमार्ग के प्रेस प्रवक्ता बाल कृष्ण अमरसरिया का कहना है कि दिसंबर में लोग छुट्टी के लिए घर जा रहे हैं। इसकी वजह से पहले ही पैसेंजरों की संख्या बढ़ चुकी है। छत पर ट्रैवल करने वाले भी नीचे जगह तलाश रहे हैं। दूसरी तरफ डिब्बे कम कर दिए गए हैं, जिसकी वजह से लोग परेशान हैं।
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