Saturday, October 30, 2010
गोरखपुर से मुंबई के बीच चलने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के सेकंड क्लास कंपार्टमेंट में सफर
बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्टेशनों पर लोगों की एंट्री रोक दी गई।
Thursday, October 21, 2010
मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला
मध्य रेल ने अपने यात्रियों को अधिक सुविधा देने के इरादे से अब हर रविवार तथा दूसरी छुट्टियों के दिन मेन लाइन रूट पर सिर्फ 12 डिब्बों की लोकल चलाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर से हो जाएगी। चूंकि संडे और अन्य छुट्टियों के दिन कम संख्या में ट्रेनें चलाईं जाती हैं, अत: इस दिन 12 डिब्बों की लोकल चलाए जाने से यात्रियों को काफी राहत होगी। इसी दिन से मध्य रेल अपनी 12 डिब्बों वाली सेवाओं का विस्तार करते हुए 19 और सेवाएं जोड़ने का फैसला किया है। अब सेंट्रल पर प्रतिदिन चलने वाली 12 डिब्बों की सेवा 594 से बढ़कर 613 हो जाएगी। जबकि 9 डिब्बों और 12 डिब्बों की सेवा मिलाकर 24 अक्टूबर के बाद से संडे तथा अन्य छुट्टियों के दिन चलने वाली कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1,240 से बढ़कर 1,259 हो जाएगी। रेलवे के इस कदम का यात्री संघ मुंबई के अध्यक्ष और रेल कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता ने स्वागत किया है और कहा है कि इससे मेगा ब्लाक का प्रेेशर भी कम होगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी सो अलग। मध्य रेल के मुख्य प्रवक्ता श्रीनिवास मुडगेरिकर के अनुसार, हमने वांगनी और कल्याण सेक्शन के बीच डीसी से एसी कंवर्जन का काम पूरा कर लिया है, अब इसका फायदा यात्रियों को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अब हम 12 कार वाली सेवाएं 782 से बढ़ाकर 785 करने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हम अपनी मेल गाडि़यों के कोचों में बेहतर रख-रखाव के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लगा रहे हैं।
Friday, October 15, 2010
सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी।
तीसरा फेज पूरा होने के बाद रोज 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर किया करेंगे। अभी यह तादाद औसतन 12-13 लाख है। यही नहीं, अगर मेट्रो के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो एक लाइन को छोड़कर बाकी सभी पांच लाइनें स्टैंडर्ड गेज की ही बनाई जाएंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो ने तीसरे फेज के लिए एक सर्वे किया है। इसके मुताबिक, अनुमान लगाया गया है कि 2016 में फेज तीन पूरा होने पर 43 लाख से ज्यादा पैसेंजर मेट्रो में सफर करेंगे। इस तरह तीसरा फेज पूरा होने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में मेट्रो ही दिल्ली का सबसे बड़ा साधन बन जाएगा। दिल्ली मेट्रो ने अपनी जो सर्वे रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक तब तक दिल्ली मेट्रो के तीनों फेज पूरे हो चुके होंगे। यानी उस वक्त पहले फेज में बनाई गई तीन लाइनों पर ही 7.5 लाख से ज्यादा पैसेंजर सफर किया करेंगे। इसके बाद दूसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 16.87 लाख से ज्यादा हो जाएगा, लेकिन सबसे ज्यादा सफर करने वालों की तादाद तीसरे फेज की लाइनों पर होगी। तीसरे फेज की लाइनों पर सफर करने वालों का आंकड़ा 18 लाख 85 हजार से ज्यादा हो जाएगा। इस तरह कुल मिलाकर उस वक्त सिर्फ दिल्ली के हिस्से में ही बनी मेट्रो रेल लाइनों पर सफर करने वालों की संख्या 43.31 लाख से ज्यादा हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि इसके पांच साल बाद इन लाइनों पर ही सफर करने वालों की तादाद बढ़कर 51 लाख से भी ज्यादा हो चुकी होगी। उस वक्त मेट्रो का औसत ट्रिप लगभग 15.41 किमी का हो जाएगा। तीसरे फेज की रिपोर्ट में दिल्ली मेट्रो ने कहा है कि अगर मेट्रो की प्रस्तावित छह लाइनें बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है, तो जहांगीरपुरी-बादली लाइन के अलावा बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो के मुताबिक, प्रस्तावित नई लाइनों में से अशोक पार्क-दिल्ली गेट, केंद्रीय सचिवालय-लाल किला और जहांगीरपुरी-बादली मौजूदा लाइनों का ही एक्सटेंशन होंगी। लिहाजा इन तीनों लाइनों का वही गेज होगा, जो मौजूदा लाइनों का है। इस तरह से जहांगीरपुरी-बादली लाइन ही ब्रॉडगेज होगी, जबकि बाकी सभी लाइनें स्टैंडर्ड गेज की होंगी। मेट्रो का कहना है कि नई लाइनों में आनंद विहार - धौला कुआं , मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और मालवीय नगर - कालिंदी कुंज नए कॉरिडोर होंगे , लिहाजा ये तीनों लाइनें भी स्टैंडर्ड गेज की ही होंगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइनें बनाने का सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि इससे मेट्रो लाइनों की लागत में कमी आएगी। स्टैंडर्ड गेज की लाइन के लिए पटरी की चौड़ाई भी कम होती है। ऐसे में मेट्रो रेल लाइन बनाने के लिए भी जगह की कम जरूरत पड़ती है। इसके अलावा स्टैंडर्ड गेज के लिए तकनीक और कोच भी आसानी से उपलब्ध हैं। मेट्रो का कहना है कि अगर सरकार वक्त पर उसकी लाइनों को मंजूरी देती है तो तीसरे फेज की सबसे पहली लाइन जहांगीरपुरी - बादली चालू होगी। यह लाइन जनवरी 2015 में चालू हो जाएगी। इसके बाद केंद्रीय सचिवालय - लाल किला लाइन होगी। इस लाइन को मार्च में चालू करने के बाद उसी साल मई में मुकुंदपुर - राजौरी गार्डन और अशोक पार्क - दिल्ली गेट लाइन तैयार हो जाएगी। अगर सरकार मालवीय नगर - नोएडा सेक्टर 18 लाइन को चालू करती है तो उस लाइन को भी जुलाई 2015 तक तैयार कर लिया जाएगा। सबसे अंतिम लाइन सितंबर 2015 में तैयार होगी। यह लाइन आनंद विहार - धौला कुआं लाइन हो गी।