Monday, June 28, 2010

ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी

दिल्ली मेट्रो की दो और लाइनों पर अगले महीने तक ट्रेनें दौड़ती नजर आ सकती हैं। इनमें से केंद्रीय सचिवालय से कुतुब के बीच तो मेट्रो की ट्रायल ट्रेन अगले कुछ ही दिनों में शुरू हो सकती है जबकि बदरपुर लाइन पर यह ट्रायल अगले महीने के पहले पखवाड़े में शुरू हो सकता है। इन दोनों लाइनों पर ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुतुब लाइन पर पैसंेजर सर्विस अगले एक से डेढ़ महीने में शुरू हो जाएगी। गुड़गांव से कुतुब के बीच में मेट्रो सेवा कुछ दिन पहले ही शुरू की गई है लेकिन कुतुब और केंद्रीय सचिवालय के बीच की लाइन पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। लगभग 12 किलोमीटर लंबी इस लाइन पर सिविल कार्य पूरा हो चुका है और ट्रायल व सिग्नलिंग सिस्टम का काम भी पूरा होने जा रहा है। इस तरह अब सिर्फ ट्रायल बाकी है। दिल्ली मेट्रो के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय सचिवालय और कुतुब के बीच मेट्रो का ट्रायल अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकता है। अंतिम तैयारियां चल रही हैं। यह ट्रायल इसी महीने के अंत में या अगले महीने के शुरू में चालू कर दिया जाएगा। लाइन का ज्यादातर हिस्सा अंडरग्राउंड है इसलिए ट्रायल में ट्रेन से जुड़े तकनीकी पहलुओं के अलावा पैसेंजर सेफ्टी सिस्टम की भी पैनी जांच की जाएगी। इस लाइन को पहले दो टुकड़ों में यानी केंद्रीय सचिवालय से ग्रीन पार्क तक अप्रैल में और ग्रीन पार्क से कुतुब लाइन को जून तक चालू किया जाना था लेकिन अब यह डेडलाइन पूरी हो चुकी हैं। माना जा रहा है जल्द ट्रायल के बाद लाइन को पैसेंजरों के लिए अगले एक से डेढ़ महीने में खोलने की उम्मीद है। केंद्रीय सचिवालय से बदरपुर के बीच बनाई जा रही स्टैंडर्ड गेज की लाइन नंबर छह का काम भी तेजी से चल रहा है और उम्मीद है कि ट्रायल अगले महीने कभी भी शुरू किया जा सकता है। इस लाइन पर सिविल कार्य के साथ ही मूलचंद तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। अगले महीने के अंत तक इस लाइन पर भी ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है। इस लाइन को सितंबर में खोलने का टारगेट है। 20.16 किमी लंबी इस स्टैंडर्ड गेज लाइन पर 15 मेट्रो स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम प्रमुख है, जहां कॉमनवेल्थ गेम्स का उद्घाटन और समापन समारोह होना है। मेट्रो को उम्मीद है कि जब यह लाइन चालू हो जाएगी तो इस पर सफर करने वाले पैसेंजरों की तादाद 3.60 लाख तक हो जाएगी।

Thursday, June 24, 2010

एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया

सीबीआई ने रेलवे भर्ती बोर्ड, मुंबई के निलंबित अध्यक्ष एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर
को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा को भर्ती घोटाले में भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उनका बेटा और 7 अन्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई के डीआईजी वी. वी. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में रायपुर के सीनियर डिविजनल पर्सनेल ऑफिसर जी. सेठी को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा और सेठी दोनों को मुंबई और रायपुर से प्रश्नपत्रों के लीक होने के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीबीआई प्रवक्ता हर्ष बहल ने नई दिल्ली में बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आठों लोगों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में बुधवार को सौंप दिया गया है। लक्ष्मी नारायण ने कहा कि शर्मा और सेठी को सीबीआई अदालत में गुरुवार को पेश किया जाएगा। सीबीआई ने बीते 19 जून को रेलवे भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया था और इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें शर्मा का बेटा विवेक भारद्वाज शर्मा, रायपुर स्थित तत्कालीन एडीआरएम ए. के. जगन्नाथम और उनका बेटा सुरजन शामिल थे। रेलवे ने शर्मा को सस्पेंड कर दिया था और कहा था कि वह जांच कार्य में सीबीआई को अपना हर मुमकिन सहयोग देगी। सीबीआई को रेलवे बोर्ड ने 21 जून को शर्मा की भूमिका की जांच के लिए मंजूरी दे दी थी। सीबीआई ने आरोप लगाया कि घोटाले के आरोपी असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद के लिए अभ्यथिर्यों से साढ़े तीन लाख रुपये की रकम वसूलते थे। सीबीआई ने कहा कि इस बारे में 15 जून को हैदराबाद में मामला दर्ज किया गया था। यह घोटाला असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर की परीक्षा से जुड़ा है, जिनका आयोजन 6 और 13 जून को किया जाना था। बहल ने कहा कि यह घोटाला करोड़ों रुपयों का है। इस मामले में जांच जारी है।

Tuesday, June 22, 2010

नालासोपारा तथा विरार स्टेशन की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता

एक विशेष बातचीत में पश्चिम रेल के मुंबई डिवीजन के मैनेजर गिरीश पिल्लई ने बताया कि पिछले पांच सालों की अपेक्षा में आज नालासोपारा स्टेशन के यात्रियों की संख्या 100 प्रतिशत (दो गुनी) तथा विरार स्टेशन के यात्रियों की संख्या 26.6 प्रतिशत बढ़ गई है, ऐसे में इन दोनों स्टेशनों की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता है और हम इसी दिशा में आगे काम बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दौरे में हमने पाया कि इन स्टेशनों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। गौरतलब है कि नालासोपारा स्टेशन पर साल 2005-06 में जहां रोजाना औसतन 76,117 यात्री आते-जाते थे, वहीं पर साल 2009-10 में यह संख्या बढ़कर 142872 हो गई। इसी तरह से विरार स्टेशन से जहां साल 2005-06 में जहां रोजाना औसतन 118624 यात्री आते-जाते थे, वहीं पर साल 2009-10 में यह संख्या 144092 हो गई। श्री पिल्लई ने बताया कि जल्द ही इसके लिए कंसल्टैंट नियुक्त कर लिया जाएगा जो यह पता लगाएगा कि इन स्टेशनों पर बनने वाली नई स्टेशन बिल्डिंग कैसी और कितनी बड़ी होगी और उसमें क्या यात्री सुविधाएं होंगी। बकौल श्री पिल्लई, 'यह हमारी कोशिश होगी कि हम इन दोनों स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया को सुधारें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के वास्ते हमने अन्य स्टेशनों पर कुल 12 फुटओवर ब्रिज बनाने का काम आगे बढ़ा दिया है जिसमें से 5 स्टेशनों पर एफओबी का काम पूरा किया जा चुका है। गौरतलब है कि बोरिवली, बांदा, सांताक्रुज, भायंदर और मीरा रोड स्टेशनों पर एफओबी बनाए जा चुके हैं जबकि ग्रांट रोड, परेल, अंधेरी, मालाड, गोरेगांव, कांदीवली, दहिसर, वसई रोड, अंधेरी स्टेशनों पर अगले एक सालों में एफओबी बना दिए जाएंगे। मालाड, गोरेगांव, कांदीवली स्टेशनों पर एफओबी के निर्माण की बात रेल मंत्री ने इसी साल के बजट में की थी। इन एफओबी पर कुल 40 करोड़ रुपए खर्च करने का बजट पश्चिम रेलवे ने बनाया है। बकौल श्री पिल्लई, इसके अलावा हम हमेशा से एमएमआरडीए के टच में हैं कि यात्रियों के आने जाने के लिए वो स्काई-वॉक का भी निर्माण कराए।

Thursday, June 17, 2010

गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से

नोएडा के बाद अब दिल्ली के दूसरे सेटेलाइट शहर गुड़गांव में भी सोमवार से मेट्रो दौड़ना शुरू कर देगी। फिलहाल गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से ही होगी। अगले एक से डेढ़ महीने के बाद दूसरा सेक्शन चालू होने पर गुड़गांव सीधे केंद्रीय सचिवालय के रास्ते जहांगीरपुरी से जुड़ जाएगा। गुड़गांव हरियाणा का पहला शहर है, जहां मेट्रो सेवा शुरू की जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे से पहली मेट्रो सर्विस गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर और कुतुब मीनार से शुरू होगी। अगले दिन से मेट्रो ट्रेनें सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलने लगेंगी। फिलहाल इरादा 12 मिनट की सर्विस रखने का है। इसके लिए पांच ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह पहला मौका होगा जब किसी लाइन के एक स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी। यह स्टेशन होगा छतरपुर। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इस स्टेशन के लिए जमीन ही पिछले साल मिली है इसलिए स्टेशन तैयार होने में अगस्त तक का वक्त लग जाएगा।

Tuesday, June 15, 2010

ट्रेन को स्टेशन पर रोका

दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव किये जाने से ट्रेन का चालक घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस पर बासूगांव रेलवे स्टेशन के पास सुबह लगभग साढ़े आठ बजे अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया। पथराव से ट्रेन चालक एस. एन. चक्रवर्ती घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने बताया कि ट्रेन को स्टेशन पर रोका गया। करीब 40 मिनट बाद ट्रेन दोबारा चली। इतने समय तक इलाके में ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं। सूत्रों के मुताबिक एक व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। पथराव का कारणों का अबी पता नहीं चल सका है।

Wednesday, June 9, 2010

10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा।


नोएडा के बाद अब गुड़गांव में कदम रखने के लिए दिल्ली मेट्रो की उलटी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि इस लाइन को इस साल मार्च में ही शुरू किया जाना था , लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि 10 जून को दिल्ली मेट्रो को इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए फाइनल ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। किसी भी लाइन को पब्लिक के लिए खोलने से पहले कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ( सीएमआरएस ) की मंजूरी जरूरी होती है और सीएमआरएस ने अब इस लाइन पर 9 और 10 जून को अपनी निगरानी में ट्रायल करने का फैसला कर लिया है। ट्रायल के बाद अगर सीएमआरएस मंजूरी देते हैं तो इसके दो - तीन दिन में ही इस लाइन को पब्लिक के लिए चालू कर दिया जाएगा। सेकंड फेज में दिल्ली मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक लगभग 27 किमी लंबी लाइन बनाने का फैसला किया था। इस लाइन के लिए नवंबर 2006 में ठेका दिया गया था। हालांकि शुरू में सोचा गया था कि इसे अलग - अलग तीन चरणों में पब्लिक के लिए चालू किया जाए लेकिन बाद में तय हुआ कि इस लाइन को दो चरणों में चालू किया जाए। पहले चरण के तहत इसी महीने गुड़गांव हुडा सिटी सेंटर से कुतुब मीनार तक के 14.47 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए ओपन किया जाए। इसके लगभग एक महीने बाद कुतुब मीनार से केंद्रीय सचिवालय के बीच 12.53 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए खोला जाएगा। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी आर . के . कर्दम ने बताया कि वह 9 और 10 जून को कुतुब - गुड़गांव मेट्रो सेक्शन का जायजा लेंगे। अगर वह सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हुए तो इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेंगे। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मेट्रो रेल लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू किया जा सकेगा। दरअसल , दो दिन तक सीएमआरएस पूरी लाइन पर न सिर्फ ट्रैक , बल्कि हर स्टेशन पर पैसेंजरों की सेफ्टी के लिए किए गए इंतजामों का भी जायजा लेंगे। इनमें लिफ्ट , सीढि़यां , एस्केलेटर और आपात स्थिति में पैसेंजरों के बाहर निकलने के इंतजामों को भी देखेंगे। इन इंतजामों से संतुष्ट होने के बाद ही मेट्रो को क्लियरेंस मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के एक या दो दिन बाद ही मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया जाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा। गुड़गांव से कुतुब के बीच की पूरी लाइन एलिवेटेड है और इस हिस्से पर मेट्रो ने 1320 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है। मेट्रो का मानना है कि सिर्फ इसी सेक्शन के चालू होने के बाद रोजाना मेट्रो लाइन पर 1.6 लाख और पैसेंजर जुड़ जाएंगे। इसके एक महीने बाद जब इस लाइन को केंद्रीय सचिवालय तक जोड़ दिया जाएगा तो पैसेंजरों की तादाद में 1.8 लाख की और बढ़ोतरी हो जाएगी

निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज

नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशनों को नया लुक देने की कोशिशों के बाद अब हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज हो गई है। नॉर्दर्न रेलवे ने इस स्टेशन के अंदरूनी हिस्से को सुधारने के साथ-साथ इसके फुट ओवरब्रिनंबर दो को भी एक्सटेंड करके सर्कुलेटिंग एरिया से जोड़ने का फैसला किया है। यही नहीं, एक वीआईपी लाउंज भी बनाया जा रहा है। लेकिन स्टेशन से लेकर रिंग रोड तक के हिस्से में सुधार के लिए रेलवे ने खुद को बेबस बताते हुए चीफ सेक्रेटरी से इस मामले में मदद मांगी है। दिल्ली डिवीजन के मैनेजर अश्विनी लोहानी ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर प्लैटफॉर्म सुधारने के अलावा सभी जगह स्टील की बेंच लगाई जा रही हैं। उनका कहना है कि फुट ओवरब्रिज नंबर दो को आगे बढ़ाकर सर्कुलेटिंग एरिया तक ले जाया जाएगा ताकि बाहर से ही पैसेंजर इस ब्रिज से होते हुए अपने प्लैटफॉर्म तक जा सकें। डीआरएम का कहना है कि निजामुद्दीन स्टेशन से रिंग रोड का हिस्सा चूंकि रेलवे के दायरे में नहीं आता इसलिए वहां का काम रेलवे नहीं कर पाएगी। लेकिन उन्होंने इस एरिया को सुधारने के लिए दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी से पिछले दिनों मुलाकात की थी और उनसे अनुरोध किया था कि इस एरिया के सुधार के लिए वे स्थानीय निकायों को निर्देश दें।

Sunday, June 6, 2010

एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल

रेलवे में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद खत्म करने की दिशा में रेल मंत्री ममता बनर्जी की पहली कोशिश कारगर रही है। एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल रहा है। रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलटों की भर्ती के लिए रविवार को देश भर में एक साथ हुई परीक्षा हुई। अभी तक विभिन्न रेलवे बोर्ड अलग-अलग डेट्स में एग्जाम करवाते थे। लेकिन अब भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में भी नया ट्रेंड बरकरार रखा जाएगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रविवार की परीक्षा कई मायनों में अलग थी। रेलवे के 21 में से 18 भर्ती बोर्डों ने एक साथ यह परीक्षा करवाई। देश के 35 प्रमुख शहरों में 1500 सेंटर बनाए गए थे। करीब 14 हजार पदों के लिए करीब आठ लाख परीक्षाथीर् एग्जाम में बैठे। प्रश्नपत्र हिंदी, इंग्लिश और उर्दू के अलावा स्थानीय भाषाओं में भी दिए गए। बिहार और महाराष्ट्र में भी यह परीक्षा एक साथ हुई। आपको याद होगा कि पिछले साल महाराष्ट्र में बाहर के राज्यों से रेलवे भर्ती की परीक्षा देने आए युवाओं से मारपीट के बाद काफी बवाल मचा था। तब इस मामले को क्षेत्रवाद से जोड़कर देखा गया था। खास तौर पर बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं के बीच काफी विवाद हुआ था। ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद परीक्षा प्रणाली में बदलाव की बात कही थी। रेलवे के अधिकारी मानते हैं कि रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा अलग-अलग परीक्षा आयोजित करने से तमाम परेशानियां होती थीं। मसलन एक ही पद के लिए कोई स्टूडेंट हर बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सकता था। अलग-अलग तारीखों पर एग्जाम होने से उसे परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इससे भर्ती बोर्डों पर अनावश्यक दबाव तो पड़ता ही था, स्थानीय परीक्षाथिर्यों पर भी प्रभाव पड़ता था। पूरे देश में परीक्षाएं एक साथ करवाकर परीक्षार्थियों का पलायन रोकने की कोशिश की गई है। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी क्योंकि अब युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी भाषा में परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी, वहीं उन्हें बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों से कॉम्पिटीशन नहीं करना होगा। रेलवे भर्ती बोर्ड भी बड़ी परेशानी से बच जाएंगे। इसी महीने रेलवे के दो और एग्जाम होने हैं। 13 जून को सहायक स्टेशन मास्टर और 27 जून को गार्ड के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं होंगी।

चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत

महाराष्ट्र में पुणे के निकट चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्लेटफॉर्म पर सवारी गाड़ी के रुकने के बाद ये लोग गलत दिशा में ट्रेन से उतरकर जाने लगे। उसी समय दूसरी ट्रेन आ गयी और वे उसकी चपेट में आ गए। यह हादसा तड़के हुआ। अंधेरा होने के कारण ये लोग दूसरी ट्रेन देख नहीं पाए।

पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से

रेलवे अपने नई दिल्ली स्टेशन पर पिछले महीने मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों की सेवाएं बढ़ाने और पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से चलाने पर विचार कर रहा है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी भीड़भाड़ को कम करने के लिए वहां से चलने वाली कुछ ट्रेनों को राजधानी के अन्य स्टेशनों से चलाने के बारे में सोचा जा रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से फिलहाल रोजाना 300 ट्रेनों का परिचालन होता है और यहां हर रोज सात लाख से ज्यादा मुसाफिर आते-जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्टेशन पर दबाव और बढ़ जाता है।

Thursday, June 3, 2010

डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई

नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन की नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सौंप दी है। डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई है। ऐसा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मांग पर किया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट 2012 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बनाई गई अफसरों की कमिटी डीपीआर का अध्ययन करने के बाद 7 जून को मीटिंग करेगी। इसके बाद प्रोजेक्ट के बारे में निर्णय ले लिया जाएगा। कमिटी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसर हैं। कमिटी में सहमति बनने पर प्रोजेक्ट को शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीपीआर के अनुसार ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाए जाएंगे। ये परी चौक से बोड़ाकी के बीच होंगे। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की मांग पर मेट्रो का रूट फर्स्ट फेज में बोड़ाकी तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह परी चौक से होकर नॉलेज पार्क-4 तक था। ट्रैक एलिवेटिड व जमीन पर दोनों तरह का होगा। सीईओ ने बताया कि कमिटी की मीटिंग में निर्णय लिया जाएगा कि प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च को कौन सी अथॉरिटी कितना वहन करेगी। विचार किया जा रहा है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एरिया में आने वाली दूरी के हिसाब से खर्च वहन किया जाएगा।

ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

हापुड़ के पास अपने गांव लौट रहे एक युवक से बदमाशों ने एक लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया और उसे चलती ट्रेन से नीचे फें क दिया। युवक को घायल अवस्था में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हरेंद्र कुमार ने होश आने के बाद बताया कि वह अपने एक रिश्तेदार से किसी काम के लिए एक लाख रुपये लेकर ट्रेन से हापुड़ अपने गांव जा रहा था। उसके बैग में एक लाख रुपये थे। हरेंद्र ने बताया कि जैसे ही ट्रेन कोट गांव फाटक के पास पहुंची। अचानक कुछ युवकों ने उसके पास से बैग छीन कर , उसे ट्रेन से नीचे फेंक दिया। उधर , जीआरपी के इंस्पेक्टर सुरजन सिंह का कहना है कि इस तरह की घटना की उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

Tuesday, June 1, 2010

शत शत बधाई

आदरणीय श्री सहाय जी,

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर आपके चयन पर शत शत बधाई । आशा है आपके कार्यकाल में भारतीय रेल नई ऊंचाइयां छुएगी ।

आपका

(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)

ट्रेन में बंदर घुस आया।

दिल्ली मेट्रो के लिए आज दिन की शुरूआत परेशानियों से हुई है। दिलशाद गार्डन की ओर जाने के लिए तैयार खड़ी रिठाला मेट्रो में उस समय हंगामा मच गया जब सुबह लगभग सवा दस बजे ट्रेन में बंदर घुस आया। इसे काबू में करने के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्युरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) को बुलाया गया है। खबर लिखे जाने तक सीआईएसएफ रिठाला मेट्रो स्टेशन पहुंच चुकी थी। हुआ यूं कि रिठाला मेट्रो स्टेशन पर रवानगी के लिए तैयार खड़ी मेट्रो में दरवाजा खुला था जिसमें अचानक दूसरे कोच से बंदर भीतर घुस गया। ट्रेन में मौजूद यात्रियों में से एक व्यक्ति ने इसे खाने के लिए बिस्किट भी दिया। हालांकि बंदर के किसी पर हमला करने की खबर नहीं है और न ही लोगों में हड़बड़ी या भगदड़ का माहौल देखा गया। सीआईएसएफ ने पहुंच कर ट्रेन को धीरे धीरे खाली करवा लिया है। यात्री सुरक्षित मेट्रो से बाहर निकाल लिए गए हैं। अब सुरक्षा बल बंदर को किसी तरह पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यहां बता दें कि आज सुबह किन्हीं तकनीकी गड़बड़ियों के चलते इसके तीन रूटों पर सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। मेट्रो आधे घंटे लेट चल रही है। नोएडा-द्वारका, यमुना बैंक-आनंद विहार और केंद्रीय सचिवालय-जहांगीरपुरी रूट प्रभावित हुए हैं जिससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।