Monday, June 28, 2010
ट्रायल के लिए मेट्रो ने अपनी कवायद शुरू कर दी
Thursday, June 24, 2010
एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया
सीबीआई ने रेलवे भर्ती बोर्ड, मुंबई के निलंबित अध्यक्ष एस. एन. शर्मा और एक अन्य सीनियर अफसर
को करोड़ों रुपये के रेलवे भर्ती घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया है। शर्मा को भर्ती घोटाले में भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया है, जिसमें उनका बेटा और 7 अन्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं। सीबीआई के डीआईजी वी. वी. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में रायपुर के सीनियर डिविजनल पर्सनेल ऑफिसर जी. सेठी को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा और सेठी दोनों को मुंबई और रायपुर से प्रश्नपत्रों के लीक होने के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सीबीआई प्रवक्ता हर्ष बहल ने नई दिल्ली में बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आठों लोगों को तीन दिन की पुलिस हिरासत में बुधवार को सौंप दिया गया है। लक्ष्मी नारायण ने कहा कि शर्मा और सेठी को सीबीआई अदालत में गुरुवार को पेश किया जाएगा। सीबीआई ने बीते 19 जून को रेलवे भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया था और इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें शर्मा का बेटा विवेक भारद्वाज शर्मा, रायपुर स्थित तत्कालीन एडीआरएम ए. के. जगन्नाथम और उनका बेटा सुरजन शामिल थे। रेलवे ने शर्मा को सस्पेंड कर दिया था और कहा था कि वह जांच कार्य में सीबीआई को अपना हर मुमकिन सहयोग देगी। सीबीआई को रेलवे बोर्ड ने 21 जून को शर्मा की भूमिका की जांच के लिए मंजूरी दे दी थी। सीबीआई ने आरोप लगाया कि घोटाले के आरोपी असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद के लिए अभ्यथिर्यों से साढ़े तीन लाख रुपये की रकम वसूलते थे। सीबीआई ने कहा कि इस बारे में 15 जून को हैदराबाद में मामला दर्ज किया गया था। यह घोटाला असिस्टेंट लोको पायलट और असिस्टेंट स्टेशन मास्टर की परीक्षा से जुड़ा है, जिनका आयोजन 6 और 13 जून को किया जाना था। बहल ने कहा कि यह घोटाला करोड़ों रुपयों का है। इस मामले में जांच जारी है।
Tuesday, June 22, 2010
नालासोपारा तथा विरार स्टेशन की दशा सुधारना हमारी प्राथमिकता
Thursday, June 17, 2010
गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से
नोएडा के बाद अब दिल्ली के दूसरे सेटेलाइट शहर गुड़गांव में भी सोमवार से मेट्रो दौड़ना शुरू कर देगी। फिलहाल गुड़गांव के लिए यह मेट्रो सेवा सिर्फ कुतुब मीनार से ही होगी। अगले एक से डेढ़ महीने के बाद दूसरा सेक्शन चालू होने पर गुड़गांव सीधे केंद्रीय सचिवालय के रास्ते जहांगीरपुरी से जुड़ जाएगा। गुड़गांव हरियाणा का पहला शहर है, जहां मेट्रो सेवा शुरू की जा रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे से पहली मेट्रो सर्विस गुड़गांव के हुडा सिटी सेंटर और कुतुब मीनार से शुरू होगी। अगले दिन से मेट्रो ट्रेनें सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक चलने लगेंगी। फिलहाल इरादा 12 मिनट की सर्विस रखने का है। इसके लिए पांच ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह पहला मौका होगा जब किसी लाइन के एक स्टेशन पर ट्रेनें नहीं रुकेंगी। यह स्टेशन होगा छतरपुर। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि इस स्टेशन के लिए जमीन ही पिछले साल मिली है इसलिए स्टेशन तैयार होने में अगस्त तक का वक्त लग जाएगा।
Tuesday, June 15, 2010
ट्रेन को स्टेशन पर रोका
Wednesday, June 9, 2010
10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
नोएडा के बाद अब गुड़गांव में कदम रखने के लिए दिल्ली मेट्रो की उलटी गिनती शुरू हो गई है। हालांकि इस लाइन को इस साल मार्च में ही शुरू किया जाना था , लेकिन अब उम्मीद की जा रही है कि 10 जून को दिल्ली मेट्रो को इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए फाइनल ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। किसी भी लाइन को पब्लिक के लिए खोलने से पहले कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी ( सीएमआरएस ) की मंजूरी जरूरी होती है और सीएमआरएस ने अब इस लाइन पर 9 और 10 जून को अपनी निगरानी में ट्रायल करने का फैसला कर लिया है। ट्रायल के बाद अगर सीएमआरएस मंजूरी देते हैं तो इसके दो - तीन दिन में ही इस लाइन को पब्लिक के लिए चालू कर दिया जाएगा। सेकंड फेज में दिल्ली मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय से गुड़गांव तक लगभग 27 किमी लंबी लाइन बनाने का फैसला किया था। इस लाइन के लिए नवंबर 2006 में ठेका दिया गया था। हालांकि शुरू में सोचा गया था कि इसे अलग - अलग तीन चरणों में पब्लिक के लिए चालू किया जाए लेकिन बाद में तय हुआ कि इस लाइन को दो चरणों में चालू किया जाए। पहले चरण के तहत इसी महीने गुड़गांव हुडा सिटी सेंटर से कुतुब मीनार तक के 14.47 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए ओपन किया जाए। इसके लगभग एक महीने बाद कुतुब मीनार से केंद्रीय सचिवालय के बीच 12.53 किमी की लाइन को पब्लिक के लिए खोला जाएगा। कमिश्नर मेट्रो रेलवे सेफ्टी आर . के . कर्दम ने बताया कि वह 9 और 10 जून को कुतुब - गुड़गांव मेट्रो सेक्शन का जायजा लेंगे। अगर वह सेफ्टी इंतजामों से संतुष्ट हुए तो इस लाइन पर पब्लिक के लिए ट्रेनें चलाने के लिए सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेंगे। सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही मेट्रो रेल लाइन को पैसेंजरों के लिए चालू किया जा सकेगा। दरअसल , दो दिन तक सीएमआरएस पूरी लाइन पर न सिर्फ ट्रैक , बल्कि हर स्टेशन पर पैसेंजरों की सेफ्टी के लिए किए गए इंतजामों का भी जायजा लेंगे। इनमें लिफ्ट , सीढि़यां , एस्केलेटर और आपात स्थिति में पैसेंजरों के बाहर निकलने के इंतजामों को भी देखेंगे। इन इंतजामों से संतुष्ट होने के बाद ही मेट्रो को क्लियरेंस मिल सकेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों का कहना है कि आमतौर पर सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलने के एक या दो दिन बाद ही मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया जाता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 10 को सीएमआरएस के फाइनल ट्रायल के बाद कभी भी इस मेट्रो लाइन को पब्लिक के लिए शुरू कर दिया जाएगा। गुड़गांव से कुतुब के बीच की पूरी लाइन एलिवेटेड है और इस हिस्से पर मेट्रो ने 1320 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च की है। मेट्रो का मानना है कि सिर्फ इसी सेक्शन के चालू होने के बाद रोजाना मेट्रो लाइन पर 1.6 लाख और पैसेंजर जुड़ जाएंगे। इसके एक महीने बाद जब इस लाइन को केंद्रीय सचिवालय तक जोड़ दिया जाएगा तो पैसेंजरों की तादाद में 1.8 लाख की और बढ़ोतरी हो जाएगी
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को भी सुधारने की कवायद तेज
Sunday, June 6, 2010
एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल
रेलवे में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद खत्म करने की दिशा में रेल मंत्री ममता बनर्जी की पहली कोशिश कारगर रही है। एक साथ, एक दिन, एक इम्तिहान का रेल मंत्री ममता बनर्जी का फॉर्म्युला सफल रहा है। रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलटों की भर्ती के लिए रविवार को देश भर में एक साथ हुई परीक्षा हुई। अभी तक विभिन्न रेलवे बोर्ड अलग-अलग डेट्स में एग्जाम करवाते थे। लेकिन अब भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में भी नया ट्रेंड बरकरार रखा जाएगा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रविवार की परीक्षा कई मायनों में अलग थी। रेलवे के 21 में से 18 भर्ती बोर्डों ने एक साथ यह परीक्षा करवाई। देश के 35 प्रमुख शहरों में 1500 सेंटर बनाए गए थे। करीब 14 हजार पदों के लिए करीब आठ लाख परीक्षाथीर् एग्जाम में बैठे। प्रश्नपत्र हिंदी, इंग्लिश और उर्दू के अलावा स्थानीय भाषाओं में भी दिए गए। बिहार और महाराष्ट्र में भी यह परीक्षा एक साथ हुई। आपको याद होगा कि पिछले साल महाराष्ट्र में बाहर के राज्यों से रेलवे भर्ती की परीक्षा देने आए युवाओं से मारपीट के बाद काफी बवाल मचा था। तब इस मामले को क्षेत्रवाद से जोड़कर देखा गया था। खास तौर पर बिहार और महाराष्ट्र के नेताओं के बीच काफी विवाद हुआ था। ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद परीक्षा प्रणाली में बदलाव की बात कही थी। रेलवे के अधिकारी मानते हैं कि रेलवे भर्ती बोर्डों द्वारा अलग-अलग परीक्षा आयोजित करने से तमाम परेशानियां होती थीं। मसलन एक ही पद के लिए कोई स्टूडेंट हर बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सकता था। अलग-अलग तारीखों पर एग्जाम होने से उसे परेशानी नहीं होती थी। लेकिन इससे भर्ती बोर्डों पर अनावश्यक दबाव तो पड़ता ही था, स्थानीय परीक्षाथिर्यों पर भी प्रभाव पड़ता था। पूरे देश में परीक्षाएं एक साथ करवाकर परीक्षार्थियों का पलायन रोकने की कोशिश की गई है। रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी क्योंकि अब युवाओं को राज्य स्तर पर अपनी भाषा में परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी, वहीं उन्हें बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों से कॉम्पिटीशन नहीं करना होगा। रेलवे भर्ती बोर्ड भी बड़ी परेशानी से बच जाएंगे। इसी महीने रेलवे के दो और एग्जाम होने हैं। 13 जून को सहायक स्टेशन मास्टर और 27 जून को गार्ड के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाएं होंगी।
चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत
महाराष्ट्र में पुणे के निकट चिंचवाड़ रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को पांच व्यक्तियों की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्लेटफॉर्म पर सवारी गाड़ी के रुकने के बाद ये लोग गलत दिशा में ट्रेन से उतरकर जाने लगे। उसी समय दूसरी ट्रेन आ गयी और वे उसकी चपेट में आ गए। यह हादसा तड़के हुआ। अंधेरा होने के कारण ये लोग दूसरी ट्रेन देख नहीं पाए।
पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से
रेलवे अपने नई दिल्ली स्टेशन पर पिछले महीने मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों की सेवाएं बढ़ाने और पूर्व की ओर जाने वाली ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों को आनंद विहार टर्मिनल से चलाने पर विचार कर रहा है। रेलवे सूत्रों ने बताया कि हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी भीड़भाड़ को कम करने के लिए वहां से चलने वाली कुछ ट्रेनों को राजधानी के अन्य स्टेशनों से चलाने के बारे में सोचा जा रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से फिलहाल रोजाना 300 ट्रेनों का परिचालन होता है और यहां हर रोज सात लाख से ज्यादा मुसाफिर आते-जाते हैं। गर्मी की छुट्टियों के दौरान स्टेशन पर दबाव और बढ़ जाता है।
Thursday, June 3, 2010
डीपीआर में ग्रेटर नोएडा में दो नए स्टॉपेज बनाने को मंजूरी दी गई
ट्रेन से नीचे फेंक दिया।
Tuesday, June 1, 2010
शत शत बधाई
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के पद पर आपके चयन पर शत शत बधाई । आशा है आपके कार्यकाल में भारतीय रेल नई ऊंचाइयां छुएगी ।
आपका
(डॉ. राजेन्द्र कुमार गुप्ता)