Thursday, April 29, 2010

बारिश ने लगाया मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक

राजधानी में गुरुवार शाम को अचानक हुई बारिश और ओलों ने दिल्ली वालों को तो जरूर गर्मी से कुछ राहत दिलाई लेकिन मेट्रो के पैसेंजरों के लिए यह मुसीबत बन गई। बारिश की वजह से मेट्रो की सबसे बिजी द्वारका-नोएडा लाइन पर ट्रैक सर्किट में कुछ खराबी आ गई। जिसकी वजह से इस लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार थम गई। हालांकि इस खराबी को लगभग आधे घंटे के भीतर ही दुरुस्त कर लिया गया लेकिन पैसेंजरों पर इसका असर अगले दो घंटे तक रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के सूत्रों के मुताबिक यह खराबी द्वारका से नोएडा की ओर जाने वाले ट्रैक पर शाम लगभग 5.30 बजे आयी। ट्रैक सर्किट ड्रॉप होने से इस पूरी लाइन पर ही ट्रेनों को ब्रेक लग गया। दरअसल, ट्रैक सर्किट ड्रॉप की यह खराबी द्वारका सेक्टर 12 और कीर्ति नगर स्टेशनों के बीच हुई। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि दरअसल, दिल्ली मेट्रो का ट्रैक और सिग्नल सिस्टम इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह एक निश्चित तापमान तक काम कर सके। लेकिन गुरुवार को अचानक बारिश के साथ ओले पड़ने से एकाएक तापमान डाउन हो गया। जिसकी वजह से कई जगह ट्रैक सर्किट ड्रॉप हो गया। इस खराबी की वजह से ही ट्रेनें थम गईं। कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ हो गई। राजीव चौक जैसे मेट्रो स्टेशन पर तिल रखने लायक भी जगह नहीं थी। चूंकि द्वारका की इस लाइन का एक सिरा नोएडा और दूसरा आनंद विहार से भी जुड़ा हुआ है इसलिए इस पूरे कॉरिडोर के स्टेशनों पर पैसेंजरों की भीड़ लग गई। ज्यादा भीड़ होने की एक वजह यह भी है कि जब यह खराबी आई, उस वक्त पीक टाइम था और लोग दफ्तरों से घर की ओर जा रहे थे।

Sunday, April 25, 2010

महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार करने के मामले में रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार

सांताक्रूज पुलिस ने महिला सहकर्मी के साथ बलात्कार करने के मामले में अनिल मोडगिल (45) नामक एक रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार अनिल रेलवे की गोपनीय शाखा में सहायक के पद पर काम करता था, जहां उसके साथ काम करने वाली एक 46 वर्षीय महिला ने ही उस पर साल 2007 से ही ब्लैकमेल कर पैसा ऐंठने और बलात्कार करने का आरोप लगाया है। सांताक्रूज के सीनियर पीआई मधुकर चौधरी ने बताया कि मोडगिल और पीड़ित महिला एक ही कॉलोनी में रहते थे। जब भी मोडगिल महिला को घर पर अकेले पाता था, वहां पहुंचकर उसके साथ छेड़छाड़ किया करता था। आपत्तिजनक अवस्था में मोडगिल ने पीड़ित महिला की तस्वीरें भी निकाल ली थीं, जिसको दिखाकर वह उसे धमकी दिया करता था कि उसके पति और बच्चों को बता देगा। जबकि मोडगिल खुद शादीशुदा था। चौधरी ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान मोडगिल महिला से साढ़े चार लाख रुपए ऐंठ चुका था। जिससे उसने एक फ्लैट भी खरीदा था। पीड़ित महिला का पति भी रेलवे कर्मचारी है। पुलिस ने मोडगिल के खिलाफ एक्सटॉर्शन और रेप का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

Thursday, April 15, 2010

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी के एक डिब्बे से बम

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बुधवार देर रात यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रेलगाड़ी के एक डिब्बे से बम मिलने के बाद अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षाबलों ने बम को कब्जे में लेकर गुरुवार सुबह सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्फोट करा दिया। पुलिस के अनुसार चित्रकूट जिले के मानिकपुर से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एस-2 डिब्बे के शौचालय से बुधवार देर रात बम मिला। महोबा रेलवे स्टोशन पर सुरक्षा बलों ने बम को अपने कब्जे में ले लिया। इलाहाबाद से पहुंची बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की टीम ने बरामद बम को गुरुवार सुबह एक सुरक्षित स्थान पर ले जाकर विस्फोट कराया। रेलगाड़ी में बम की खबर सुरक्षाबलों को कौशल्या नाम की महिला यात्री ने दी। उन्होंने शौचालय में कुछ संदिग्ध सामान देखा, जिसके बाद सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी दी गई। महोबा रेलवे स्टेशन पर देर रात रेलगाड़ी से एस-2 डिब्बे को अलग कर रेलगाड़ी को निजामुद्दीन के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बीडीएस दल के प्रभारी दिनेश सिंह ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि विस्फोटक में जिलेटिन छड़ों और इलेक्ट्रानिक सर्किट का इस्तेमाल किया गया था।

Tuesday, April 13, 2010

महिलाओं को मेट्रो ट्रेनों की भीड़भाड़ से राहत

यदि एक सरकारी पैनल की सिफारिशों पर अमल हुआ तो दिल्ली में महिलाओं को मेट्रो ट्रेनों की भीड़भाड़ से राहत मिल सकती है। मेट्रो में यात्रा के दौरान महिलाओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए दिल्ली विधानसभा के एक लेजिस्लेटिव पैनल ने मेट्रो ट्रेनों में महिलाओं के लिए अलग कोच लगाने की सिफारिश की है। अपनी ताजा रिपोर्ट में महिला और बाल कल्याण कमिटी ने कहा है कि महिलाओं को हमेशा भीड़भाड़ वाली मेट्रो में सफर करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कमिटी की चेयरपर्सन बरखा सिंह ने कहा कि रश ऑवर्स में महिलाओं को काफी परेशानी होती है और लेडीज स्पेशल कोच की बाबत प्रस्ताव को गंभीरता से लेने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चिंतित कमिटी ने कॉल सेंटरों और दूसरी जगहों पर देर रात तक काम करने वाली महिलाओं के लिए उनके संस्थानों द्वारा अनिवार्य ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है। नौ सदस्यों की इस कमिटी ने सरकार से देह व्यापार पर रोक लगाने और वर्किंग वूमन के लिए पर्याप्त हॉस्टल बनाने की भी सिफारिश की है।

Wednesday, April 7, 2010

भविष्य में अब शायद मेट्रो की स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही नजर आएंगी।

भविष्य में अब शायद मेट्रो की स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही नजर आएंगी। खुद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने संकेत दिया कि आने वाले वक्त में संभवत: स्टैंडर्ड गेज लाइनें ही बनेंगी। फिलहाल दिल्ली में मुंडका के अलावा बदरपुर लाइन भी स्टैंडर्ड गेज की बन रही है जबकि दिल्ली के बाहर बेंगलुरु और चैन्ने में भी स्टैंडर्ड गेज मेट्रो लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो भी इसी पक्ष में है कि भविष्य में जो भी नई लाइनें बनें, वे स्टैंडर्ड गेज की हों। इसकी वजह यह है कि स्टैंडर्ड गेज लाइनों में ब्रॉडगेज लाइनों के निर्माण से कम लागत आती है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के डायरेक्टर कुमार केशव के मुताबिक चूंकि यह पहली स्टैंडर्ड गेज लाइन थी, तब भी ब्रॉडगेज के मुकाबले इस लाइन की लागत में लगभग पांच फीसदी की कमी आई है। इस तरह से इस लाइन की लागत में 76 करोड़ रुपये की कमी हुई है। दिल्ली मेट्रो का मानना है कि भविष्य में जब ज्यादा लाइनें स्टैंडर्ड गेज की बनेंगी तो कई और खचेर् भी कम होंगे और यह बचत 10 फीसदी से भी ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि स्टैंडर्ड गेज लाइनों का ही निर्माण करने की कोशिश की जाएगी। स्टैंडर्ड गेज के पक्ष में यह भी तर्क दिया गया है कि एक तो इसकी चौड़ाई कम होने से इन लाइनों का निर्माण अपेक्षाकृत कम चौड़ी सड़कों पर भी किया जा सकता है और उन जगहों पर भी जहां, सड़कें आड़ी तिरछी हैं। ऐसी सड़कों पर स्टैंडर्ड गेज की पटरियों को आसानी से बिछाया जा सकता है। इसके अलावा इस गेज की तकनीक पूरे विश्व में उपलब्ध है। मेट्रो इंजीनियरों का मानना है कि ब्रॉडगेज के लिए खासतौर पर ऑर्डर देकर कोच तैयार कराने पड़ते हैं जबकि स्टैंडर्ड गेज के लिए अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध है। इस तरह से यह तकनीक अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है और नई खोजों का फायदा भी मिलता है। वैसे दिल्ली मेट्रो शुरू में ही स्टैंडर्ड गेज के पक्ष में थी लेकिन उस वक्त रेलवे इस पक्ष में नहीं था। रेलवे का तर्क था कि ब्रॉडगेज लाइनें ही होनी चाहिए। इसी वजह से शुरुआत में मेट्रो और रेलवे अधिकारियों में रस्साकशी भी हुई थी। इस वजह से पहले फेज की तीनों मेट्रो रेल लाइनें ब्रॉडगेज की ही बनीं। बाद में फैसला किया गया कि मेट्रो की लाइनें ब्रॉडगेज की हों या स्टैंडर्ड गेज की, इसका फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार को दिया जाए। इस फैसले के बाद ही दिल्ली में दूसरे फेज में स्टैंडर्ड गेज की लाइनों का निर्माण शुरू किया गया। दूसरे फेज में सिर्फ वही ब्रॉडगेज लाइनें बनीं, जो पहले की लाइनों का एक्सटेंशन थीं।

Tuesday, April 6, 2010

सस्ता साधन होने के बावजूद लोग ट्रेन में टिकट लिए बिना चढ़ते

सबसे सस्ता साधन होने के बावजूद लोग ट्रेन में टिकट लिए बिना चढ़ते हैं । फरीदाबाद स्टेशन पर सोमवार सुबह हुई मैजिस्ट्रेट छापामारी से यह एक बार फिर साफ हो गया। छापामारी में 322 बेटिकट यात्रियों से 85 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। इनमें 40 लोगों को जुर्माना अदा न करने पर अंबाला जेल भेज दिया गया। छापामारी सुबह 6 से 10 बजे तक चली। इसके बाद स्टेशन के अधिकारियों ने टीटी स्टाफ से बिना टिकट लोगों को बिठाने की जगह न होने की बात कहकर छापामारी बंद करने की अपील की। फरीदाबाद स्टेशन पर ऐसी छापामारी काफी समय बाद हुई है। इसमें 50 टीटी स्टाफ, 16 आरपीएफ स्टाफ और 8 जीआरपी स्टाफ शामिल था। छापामारी के दौरान रेलवे ने हर तरफ से यात्रियों की धरपकड़ की। रेलवे कर्मचारी पूरी तरह तैयार थे कि यात्री कहां कहां से भाग निकलते हैं। स्टेशन के सभी चोर रास्तों पर रेलवे कर्मचारी तैनात थे। पकड़े गए 322 यात्रियों में 137 बिना टिकट, 27 अन बुक्ड लगेज और 148 केडिट यात्री शामिल रहे। बिना टिकट यात्रियों से किराये के रूप में 3300 और जुर्माने के रूप में 367500 रुपये वसूले गए।