Wednesday, October 1, 2014

कृषक एक्सप्रेस के इंजन ने टक्कर मार दी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बरौनी एक्सप्रेस के पटरी से उतरे डिब्बों को बगल की पटरी से गुजर रही कृषक एक्सप्रेस के इंजन ने टक्कर मार दी, जिससे कम-से-कम 12 यात्रियों की मौत हो गई और 45 अन्य जख्मी हो गए। घायलों में 12 की हालत नाजुक है। देर रात मृतकों के परिवार वालों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई। दुर्घटना की वजह से ट्रैक बाधित होने के कारण कई रेलगाडियों को रद्द कर दिया गया है और अनेक ट्रेनों के रूट में परिवर्तन किया गया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) आलोक सिंह ने बताया कि मंगलवार की रात 10 बजकर 47 मिनट पर गोरखपुर और कैंट रेलवे स्टेशनों के बीच नंदनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास लखनऊ से बरौनी जा रही एक्सप्रेस के पीछे के तीन डिब्बे दुर्घटनावश पटरी से उतर गए थे। बरौनी एक्सप्रेस के इन डिब्बों को बगल की पटरी से गुजर रही मण्डुआडीह-लखनऊ कृषक एक्सप्रेस के इंजन से टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि टक्कर से बरौनी एक्सप्रेस के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 

आलोक सिंह ने बताया कि रैपिड ऐक्शन फोर्स, गोरखा रेजिमेंन्ट और रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डिब्बों से घायल यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। हादसे में घायल यात्रियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसे एक बड़ा हादसा बताया और कहा कि इसमें कई लोगों की मौत हुई है। हादसे की वजह से गोरखपुर-वाराणसी रेलमार्ग पर यातायात ठप हो गया।
रेल हादसे के बाद बाधित ट्रैक को 3 घंटे बाद कृषक एक्सप्रेस को बैक कराकर खाली कराया गया। इसके बाद रेस्क्यू ट्रेन मंगाई गई और दुर्घटनाग्रस्त लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस को निकालकर गोरखपुर भेजा गया।

Monday, September 29, 2014

बोनस के रूप में 78 दिन का वेतन

भारतीय रेलवे के लगभग 11.5 लाख कर्मचारियों को दिवाली बोनस के रूप में 78 दिन का वेतन मिलेगा। इससे पहले पिछले साल भी रेलकर्मियों को इतना ही बोनस दिया गया था। बोनस देने से रेलवे पर लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। दिलचस्प यह है कि इस बार बोनस के मामले में कैबिनेट की मंजूरी लिए बिना ही रेलवे की तरफ से यह आदेश जारी कर दिया गया।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि दरअसल, रेलकर्मियों को हर साल दिवाली का बोनस, दशहरे के त्योहार से ठीक पहले दिया जाता है। लेकिन इस बार चूंकि प्रधानमंत्री अमेरिका यात्रा पर हैं और वित्तमंत्री अरुण जेटली अस्पताल में हैं, इसलिए कैबिनेट की मंजूरी नहीं ली जा सकी। हालांकि बाद में इस फैसले पर मंजूरी ली जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पिछले लगातार दो साल से रेलवे इतना ही बोनस दे रहा है। यह बोनस उत्पादकता से जोड़ा जाता है।

Thursday, September 25, 2014

अब 139 नंबर पर एसएमएस भेजकर ट्रेनों में खाना बुक

रेल यात्री अब 139 नंबर पर एसएमएस भेजकर ट्रेनों में खाना बुक करा सकते हैं। यह सुविधा परीक्षण के आधार पर चुनिंदा ट्रेनों में कल से शुरू हो रही है।
रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 25 सितंबर से एसएमएस भोजन सेवा दिल्ली-अमृतसर रूट पर छह ट्रेनों में पायलट परियोजना के रूप में शुरू की जा रही है। जिन ट्रेनों में यह सुविधा शुरू की जा रही है उनमें दिल्ली-पठानकोट एक्सप्रेस, कठिहार-अमृतसर एक्सप्रेस, अमृतसर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस, शाने पंजाब एक्सप्रेस, नयी दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस औप शहीद एक्सप्रेस शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि इन सभी ट्रेनों में पैंट्री कार नहीं हैं। भोजन की सुविधा आईआरसीटीसी द्वारा प्रदान की जाएगी। योजना के अनुसार रेल यात्रियों को भोजन बुक कराने के लिए अपने पीएनआर नंबर के साथ 139 नंबर पर एसएमएस भेजना होगा।
यात्री को सिर्फ मील लिखकर पीएनआर नंबर लिखना होगा। एक बार एसएमएस मिलने के बाद किसी ट्रेन के पीएनआर नंबर, कोच और सीट की स्थिति की पुष्टि की जाएगी। उसके बाद यात्री से भोजन के मेन्यु के साथ संपर्क किया जाएगा। सीट पर भोजन देने के बाद यात्री से पैसे लिए जाएंगे।
एसएमएस फूड सर्विस रेलवे की ई कैटरिंग सेवा है। रेलवे को ट्रेनों में दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़ा प्रयास करना पड़ रहा है। अधिकारी ने बताया कि बाद में यह एसएमएस सेवा अन्य ट्रेनों के लिए भी शुरू की जाएगी।
लेकिन, यह परीक्षण के नतीजों पर निर्भर करेगा। एसएमएस के अलावा रेलवे फोन कॉल्स के जरिए भी भोजन उपलब्ध करा रहा है। भोजन बुक कराने के लिए यात्री 18001034139 या 0120-4383892-99 पर फोन कर सकते हैं।

Monday, September 22, 2014

20-21 मेट्रो ट्रेनों पर ऐड रैप लगे नजर आएंगे

अगले महीने से अगर किसी मेट्रो स्टेशन पर आपको कोई कलरफुल मेट्रो ट्रेन नजर आए, तो हैरान होने की जरूरत नहीं है। रेड लाइन को छोड़कर दिल्ली मेट्रो की अन्य सभी लाइनों पर जल्द ही आपको मेट्रो ट्रेनों का बाहरी हिस्सा भी रंग-बिरंगे और आकर्षक विज्ञापनों से सजा नजर आएगा।
अभी तक तो आपको मेट्रो ट्रेनों के अंदर ही विज्ञापन लगे नजर आते थे, लेकिन अब डीएमआरसी ने अपना नॉन-ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए ट्रेनों के बाहरी हिस्से पर भी विज्ञापन वाले ट्रेन रैप लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए डीएमआरसी ने अगले 10 सालों के लिए दो बड़ी ऐड एजेंसियों को एक्सक्लूसिव एडवरटाइजिंग राइट्स भी दे दिए हैं। ये एजेंसियां जल्द ही ट्रेनों पर विज्ञापन वाले ट्रेन रैप्स लगाने का काम शुरू करेंगी और अगले महीने से आपको ऐसी ट्रेनें मेट्रो ट्रैक पर दौड़ती नजर आने लगेंगी।
मेट्रो प्रवक्ता के मुताबिक, डीएमआरसी ने जो अधिकार ऐड एजेंसियों को सौंपे हैं उसके आपत्तिजनक कंटेट और लोगों की भावनाओं को भड़काने या आहत करने वाले विज्ञापन लगाने की साफ मनाही है। ऐड के रूप में ट्रेनों पर आकर्षक पिक्चर्स, प्रिंटेड मटीरियल, पेंटिंग्स, स्मार्ट पोस्टर, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ऐड, होलोग्राफिक इमेज, विजुअल डिस्प्ले, डिजिटल आर्ट जैसी चीजें लगाने की ही इजाजत होगी। साथ ही जो कंपनी विज्ञापन देगी, उसका नाम भी लिखा जा सकेगा।
डीएमआरसी के बेड़े में इस वक्त 208 मेट्रो ट्रेनें शामिल हैं। इनमें 60 ट्रेनें 8 कोच वाली, जबकि 80 ट्रेनें 6 कोच वाली हैं। बाकी सभी ट्रेनें 4 कोच वाली हैं। रेड लाइन पर 29, यलो लाइन पर 60, ब्लूलाइन पर 71, ग्रीन लाइन पर 18 और वायलेट लाइन पर 30 ट्रेनें चल रही हैं। इनमें से केवल दिलशाद गार्डन से रिठाला के बीच की रेड लाइन को छोड़कर बाकी सभी लाइनों पर ट्रेनों में विज्ञापन लगाने के पुराने कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गए थे और हाल ही में नए कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं।
इसीलिए रेड लाइन को छोड़कर अन्य सभी लाइनों की ट्रेनों पर अगले महीने से ऐड रैप लगे नजर आएंगे, लेकिन चूंकि रेड लाइन की ट्रेनों में विज्ञापन लगाने वाली एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट 2018 तक वैलिड है, इसलिए इस लाइन की ट्रेनों पर 2018 के बाद ही विज्ञापन लगे नजर आएंगे। डीएमआरसी ने प्रत्येक लाइन पर चलने वाली ट्रेनों में से केवल 10 पर्सेंट ट्रेनों पर ही विज्ञापन प्रदर्शित करने वाले ट्रेन रैप लगाने की इजाजत दी है। यानी तकरीबन 20-21 मेट्रो ट्रेनों पर ऐड रैप लगे नजर आएंगे।
जिन 2 एजेंसियों को एक्सक्लूसिव ऐड राइट्स दिए गए हैं वे दोनों डीएमआरसी को सालाना लाइसेंस फीस देंगी। इससे डीएमआरसी को सालाना करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त इनकम होगी। डीएमआरसी ट्रेनों के बाहरी हिस्से पर लगने वाले विज्ञापनों की मॉनिटरिंग करके यह भी सुनिश्चित करेगी वे दिखने में सुंदर और आकर्षक हों और वर्ल्ड क्लास स्टैंडर्ड पर खरे उतरते हों।
यूरोप और अमेरिका समेत कई एशियाई देशों में इसी तरह की मेट्रो ट्रेनें और बसें चलती हैं, जिनके बाहरी हिस्से पर ऐड रैप लगे होते हैं। हाल ही में डीटीसी ने भी अपना रेवेन्यू बढ़ाने के लिए डीटीसी बसों के बाहरी हिस्से पर विज्ञापन लगाने की इजाजत देने का प्लान बनाया है। फीडर बसों पर पहले से ही विज्ञापन लगाने की इजाजत है। यानी जल्द ही दिल्ली में मेट्रो ट्रेनों के साथ-साथ फीडर और डीटीसी बसों पर भी आकर्षक विज्ञापन लगे नजर आने लगेंगे।

Saturday, September 20, 2014

मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्ट का इंतजार नहीं

आने वाले कुछ समय में आपको मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही जाम में फंसना पड़ेगा। पैदल चलने वाले लोगों को भी ट्रैफिक की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
दिल्ली के एलजी नजीब जंग ने 11 मेट्रो स्टेशनों पर स्काई वॉक और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मंजूरी दे दी है। इन सभी मेट्रो स्टेशनों के लिए योजना बना ली गई है। राजधानी के 68 मेट्रो स्टेशनों पर इस तरह के सिस्टम को शुरू करने का प्लान है। गुरुवार को पास किए गए सभी 11 मेट्रो स्टेशनों के इन प्रॉजेक्टों को जून, 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा।
फिलहाल जिन 11 मेट्रो स्टेशनों पर ये प्रॉजेक्ट शुरू किए जाएंगे वे सभी मेट्रो के फेज 3 और 4 प्रॉजेक्ट के तहत आते हैं। इन मेट्रो स्टेशनों का निर्माण चल रहा है। इन सभी स्टेशनों पर मेट्रो से उतरते ही लोगों को ऑटो, टैक्सी और रिक्शा मिलेगी। मेट्रो स्टेशनों के नीचे ट्रैफिक मैनेजमेंट करने के अरेंजमेंट किए जाएंगे। लोगों को कहीं भी जाना है तो उनके लिए तत्काल ट्रांसपोर्ट के साधन मिल जाएंगे। लोगों को ट्रांसपोर्ट सिस्टम सस्ता पड़े इसके लिए मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा।
इन मेट्रो स्टेशनों पर बनेंगे स्काई वॉक 
त्रिलोकपुरी मेट्रो स्टेशन: इस मेट्रो स्टेशन के फर्स्ट फ्लोर पर भीड़-भाड़ कंट्रोल करने के लिए स्काई वॉक और आर्केड्स का निर्माण किया जाएगा, ताकि लोग बिना किसी रुकावट के मेट्रो स्टेशन तक आ जा सकें।
मयूर विहार: मौजूदा कैरिज वे के साथ ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए फ्लाईओवर के नीचे राउंड अबाउट बनाया जाएगा, ताकि वाहनों को यहां पर रुकना न पड़े। 
ईस्ट विनोद नगर: यहां बनने वाले मेट्रो स्टेशन को बस टर्मिनल से जोड़ा जाएगा साथ ही लोगों को चलने के लिए अलग से रोड बनाया जाएगा। इससे बस टर्मिनल से लोग सीधे मेट्रो स्टेशन आ जा सकेंगे। इसके अलावा, लोगों के लिए एक रोड भी बनाई जाएगी।
वेस्ट विनोद नगर: यहां पर रोड क्रॉस करने की बड़ी परेशानी होगी। इसके लिए एनएच-24 को आसानी से पार करने के लिए और मंडावली गांव में पहुंचने के लिए स्काई वॉक बनाया जाएगा।
धौला कुआं: धौला कुआं के नए मेट्रो स्टेशन को एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के साथ जोड़ने के लिए और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए स्काई वॉक बनाया जाएगा। 
मोती बाग: मोती बाग मेट्रो स्टेशन को भीड़-भाड़ से निजात दिलाने के लिए यहां भी एक स्काई वॉक बनाया जाएगा। इसके अलावा एक सबवे भी बनाया जाएगा।
रोहिणी: इस मेट्रो स्टेशन पर ऑटो, रिक्शा और अन्य वाहनों से यात्रियों को उतरने के लिए स्टेशन के साथ वाले रोड का इस्तेमाल किया जाएगा।
शकरपुर: स्टेशन पर होने वाली भीड़ के लिए फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा, आने जाने वाले ट्रैफिक पर असर न पड़े इसके लिए स्टेशन के सामने बाहर निकलने के लिए एक गेट बनाया जाएगा।
बादली मोड़, फ्लाईओवर के नीचे यात्रियों के उतरने की व्यवस्था और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट और बादली गांव व औद्योगिक क्षेत्र में जाने के लिए एक तरह के साधनों को मुहैया कराया जाएगा।
ओखला फेज-3: मेन रोड पर भीड़-भाड़ को कम करने के लिए आस्था कुंज पार्क के जरिए रोड को बाईपास से जोड़ा जाएगा।
कालकाजी फेज 2 और फेज 3: रिंग रोड और नेहरू प्लेस के नजदीक हैं, इसे जोड़ने के लिए स्काई वॉक बनाया जाएगा। 

Wednesday, September 17, 2014

रेलवे पवन चक्कियां लगाने, बिजली बनाने और बांटने का काम नहीं करेगा

पीएमओ (प्राइम मिनिस्टर ऑफिस) और इंडियन रेलवे इन दिनों गुजरात के एक बुजुर्ग शख्स के अजीबोगरीब आइडिए से जूझ रहे हैं। 81 साल के अहमादाबाद निवासी विपिन त्रिवेदी ने पीएमओ को सुझाव दिया है कि रेलवे ट्रैक पर पवन चक्कियां लगाकर बिजली पैदा की जा सकती है। इनका कहना है कि ट्रेन चलने पर पैदा होने वाली तेज हवा का इस्तेमाल बिजली बनाने में किया जाना चाहिए।
विपिन त्रिवेदी बैंक ऑफ बड़ौदा की ऐग्रीकल्चर ऐंड रूरल डेवलपमेंट विंग में काम कर चुके हैं। उन्होंने पीएमओ को लिखे लेटर में यह आइडिया सुझाया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएमओ ने यह मामला रेलवे मंत्रालय को भेजकर इस आइडिए को अमल में लाने की संभावना और इसकी संभावित लागत पर जवाब मांगा है। यही नहीं, रेलवे मंत्रालय से इसकी नियमितअपडेट देने को भी कहा गया है।

पीएमओ से लेटर मिलने के बाद से ही रेलवे मंत्रालय के अधिकारी विपिन त्रिवेदी के साथ बातचीत में लगे हैं। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने उन्हें बता दिया है कि इस तरह की तकनीक विकसित करना संभव नहीं है लेकिन, उन्हें रेलवे की ओर से तकनीकी जानकारियां लेने को दिल्ली बुलाया जा सकता है। त्रिवेदी का कहना है, एक दिन रेलवे ट्रैक के किनारे टहलते हुए उन्हें यह आइडिया आया। उन्होंने ये आइडिया नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात पावर सेक्टर में काम कर चुके और इस समय पीएमओ में अडिशनल प्रिंसिपल सेक्रटरी के तौर पर तैनात अपने दोस्त के परिचित को भेजा।
त्रिवेदी का कहना है कि अब वह अपने दिल्ली बुलाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो मंत्रालय में किसी को भी त्रिवेदी के आइडिए का सच होना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने त्रिवेदी के लेटर के जवाब में उन्हें लिखा, एक ट्रेन सिर्फ 20 सेकेंड में एक पवन चक्की को पार कर लेगी। पवन चक्की से हर 15 मिनट में भी एक ट्रेन गुजरगी तो दिन भर में पवन चक्की सिर्फ 25 मिनट के लिए चल सकेगी। इसमें जितनी बिजली पैदा होगी उससे कहीं ज्यादा लागत आएगी। हालांकि, इसके बाद मिले भेजे लेटर में मंत्रालय के अधिकारियों ने त्रिवेदी से उनके इस आइडिए के तकनीकी पहलुओं पर आगे भी चर्चा करने की बात कही है।
रेलवे अधिकारी इस बारे में पीएमओ को भी जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है, देश में किसी को भी बेहतरी के लिए आइडिया आ सकता है और वह इस बारे में पीएमओ को लिख सकता है। उनके अमल में आने की संभावनाओं की जांच करना हमारा काम है। आईआईएम इलाहाबाद में प्रफेसर और वैकल्पिक ऊर्जा के विशेषज्ञ अनिल गुप्ता का भी कहना है कि यह आइडिया अमल में लाने लायक नहीं है। रेलवे भी पवन चक्कियां लगाने, बिजली बनाने और बांटने का काम नहीं करेगा।

Monday, September 15, 2014

बड़े पैमाने पर एक्स्ट्रा ट्रेनें

दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान ट्रेनों में उमड़ने वाले रश को क्लियर करने के लिए नॉर्दर्न रेलवे बड़े पैमाने पर एक्स्ट्रा ट्रेनें चलाने जा रहा है। इसी कड़ी में 5 जोड़ी ट्रेनें चलाने की घोषणा और की गई है। इनमें 2 एसी प्रीमियम सुपरफास्ट, 2 प्रीमियम सुपरफास्ट और 1 सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन होगी।
नॉर्दर्न रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक ये ट्रेनें अप और डाउन लाइन पर कुल 64 ट्रिप्स लगाएंगी। जिन रूटों के बीच ये एक्स्ट्रा ट्रेनें चलेंगी, उनमें नई दिल्ली से मुंबई सेंट्रल, सराय रोहिल्ला से अहमदाबाद, हजरत निजामुद्दीन से सिकंदराबाद, बांद्रा टर्मिनल से वैष्णो देवी और इंदौर से जम्मूतवी रूट शामिल हैं। इन ट्रेनों के अलावा नॉर्दर्न रेलवे 27 जोड़ी ट्रेनों के 1199 ट्रिप्स चलाने की घोषणा पहले ही कर चुका है।