Friday, December 12, 2008

महाप्रबंधको की तैनाती के नए प्रस्ताव,

महाप्रबंधको की तैनाती के नए प्रस्ताव, देखें क्या होता है ।
1। Vivek Sahay............................................................NCR to उत्तर रेलवे
2। R. N. Verma...........................................................Metro to पश्चिम रेल
3। B. B. Modgil...........................................................RWF toमध्य रेल
4। sudesh Kumar........................................................एन सी आर
5। A. K. Vohra............................................................रेलवे कालेज
6. V. N. Tripathi.........................................................मेट्रो
7. Kuldeep Chaturvedi................................................दपरे
8। Kasturi Ranjan......................................................एस इ सी आर
9। pradeep Kumar.....................................................आर सी एफ
10। R। K. Upadhayaya................................................आर डब्लू एफ
11। Deepak Krishna....................................................ई आर
12। Jayant...................................................................आई सी एफ

Saturday, December 6, 2008

गृह मंत्री चिदंबरम ने छत्रपति शिवाजी टरमिनस का जायजा लिया ।

गृह मंत्री चिदंबरम ने छत्रपति शिवाजी टरमिनस का जायजा लिया ।

केंद्रीय गृहमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद पी.चिदंबरम ने देश के सुरक्षा हालात
पर गंभीरता से विचार करना और ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है। चिदंबरम ने शुक्रवार को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस का मुआयना करने के दौरान यह माना कि हाल ही में मुंबई पर हुए आतंकी हमले की वजह सिक्युरिटी और इंटेलिजंस का 'फेल' होना था। चिदंबरमन ने कहा कि मैं मानता हूं कि यह सिक्युरिटी और इंटेलिजंस की नाकामी है। चिदंबरम सीएसटी रेलवे स्टेशन का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। सीएसटी रेलवे स्टेशन उन जगहों में से एक था, जिसे आतंकी हमला करने वालों ने निशाना बनाया था। उन्होंने कहा कि इस बात पर्याप्त सबूत हैं कि इस हमले के तार उन संगठनों से सीधे तौर पर जुड़ रहे हैं, जो पहले भी हुए धमाके और हमले के लिए जिम्मेदार रहे हैं। चिदंबरम ने यह साफ किया कि सिक्युरिटी सिस्टम में खामियां हैं, जिन्हें दूर करने और सुधारने की जरूरत है।

साजिश को अंजाम देने के लिए लश्कर-ए-तैबा का एक बड़ा आतंकवादी तीन महीने से कराची में था।

न्यू यॉर्क: मुंबई हमलों की साजिश को अंजाम देने के लिए लश्कर-ए-तैबा का एक बड़ा आतंकवादी तीन महीने से कराची में था। न्यू यॉर्क टाइम्स ने लश्कर के संपर्क में रहे एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैबा का कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी साजिश रचने में आतंकवादियों की मदद कर रहा था। अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हमलावर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे। रिपोर्ट में 5 आतंकवादियों के फरार हो जाने की आशंका जताई गई है। गौरतलब है कि जिस ट्रॉलर को आतंकवादियों ने हाईजैक किया था, उसमें 10 लोगों के लिए नहीं बल्कि 15 लोगों के लिए जरूरी सामान था। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमलावरों ने सैटलाइट फोन से कई सबूत छोड़े हैं। यह फोन आतंकवादियों द्वारा हाईजैक किए गए फिशिंग ट्रॉलर में पड़ा मिला था। इसमें लश्कर आतंकवादी यूसुफ मुजम्मिल का टेलिफोन नंबर भी है। यूसुफ को मुंबई हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। लंदन के एशिया-पैसिफिक फाउंडेशन के दो सुरक्षा विश्लेषकों एम. जे. गोहल और सज्जन एम. गोहल ने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। सैटलाइट फोन से मुजम्मिल का नंबर और ताज और ओबेरॉय होटलों से मिले सेल फोनों से डायल नंबर एक हैं। ट्रॉलर से मिले सबूतों के आधार पर आशंका है कि हमले के पीछे 5 और आतंकवादी हो सकते हैं। होटलों में आतंकवादियों ने कई विदेशियों से यह पूछा कि वह किस जाति के हैं और कौन से देश से आए हैं? माना जा रहा है कि यह ब्यौरा लेने के बाद हमलावरों ने मुजम्मिल को फोन किया। इसकी पुष्टि गिरफ्तार हुए इकलौते आतंकवादी ने भी की है। होटल से बाहर आए विदेशियों ने बताया कि हमारी पहचान पूछने के बाद आतंकवादियों ने फोन पर पूछा कि इन्हें जिंदा छोड़ना है या मारना है? एक विदेशी का कहना है कि यह कॉन्फ्रंस कॉल लग रही थी और दूसरी ओर दो लोग थे। फोन रखने के बाद आतंकवादियों ने विदेशियों को छोटे-छोटे ग्रुपों में बांट दिया। तभी पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और बंधक भागने में सफल रहे। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ओबेरॉय होटल में आतंकवादियों ने सिंगापुर की एक बंधक लो वेई येन से कहा कि वह सिंगापुर में अपने पति से बात करें। आतंकवादी चाहते थे कि सिंगापुर के अधिकारी भारत से कहें कि बचाव अभियान न चलाया जाए। अगले दिन लो को मार दिया गया।

Thursday, December 4, 2008

अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के नए मुख्य मंत्री हो सकते है ।

दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभाओं के लिए वोटिंग हो चुकी है।
अब इंतजार है 8 तारीख का जब सामने आएगा प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला। एक प्राइवट न्यूज़ चैनल वाइस ऑफ इंडिया द्वारा कराए गए एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। दिल्ली, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तो मामला बेहद नजदीकी है। मध्य प्रदेश में जरूर बीजेपी कांग्रेस पर भारी पड़ती दिख रही है। आइए देखते हैं इन चारों राज्यों के बारे में क्या कहते हैं एग्जिट पोल के नतीजे- दिल्ली दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए कराए गए एग्जिट पोल में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। दोनों को 32 से 38 सीटें मिल सकती हैं। 2003 में 20 सीटों पर ही सिमटी बीजेपी को हालांकि इस बार 6 फीसदी वोटों का फायदा हुआ है, लेकिन वह बहुमत से फिर भी दूर है। 2003 में कांग्रेस को 47 सीटें मिली थीं। अन्य के खाते में 1 से 5 सीटें आ सकती हैं। राजस्थान एग्जिट पोल के मुताबिक 200 विधानसभा सीटों वाले राजस्थान में कांग्रेस के खाते में 102 से 114 सीटें आ सकती हैं। वहीं बीजेपी को 86 से 98 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है। अन्य को 8 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है। सर्वे में बीजेपी और अन्य को 2 फीसदी वोटों का नुकसान बताया गया है। जबकि, कांग्रेस को 4 फीसदी वोटों का फायदा दिखाया गया है। मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश से बीजेपी के लिए कुछ राहत की खबर है। 228 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में बीजेपी कांग्रेस पर भारी पड़ती दिख रही है। बीजेपी को 119 से 131 सीटें मिल सकती हैं। 2003 में उसे 171 सीटें मिली थीं। वहीं कांग्रेस के खाते में 78 से 90 सीटें आ सकती हैं। 2003 में 39 सीटें हासिल करने वाली कांग्रेस को 7 फीसदी वोटों का फायदा दिखाया गया है, लेकिन सीएम की कुर्सी उसकी पहुंच से फिर भी काफी दूर है। 2003 में 18 सीटों पर कब्जा करने वाले अन्य दलों को इस बार 15 से 27 सीटें मिल सकती हैं। छत्तीसगढ़ 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में भी बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। लेकिन बढ़त बीजेपी को दिखाई दे रही है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी को 45 से 51 सीटें मिल सकती हैं। उसे 4 फीसदी वोटों का फायदा दिखाया गया है। 2003 में उसके खाते में 50 सीटें आई थीं। कांग्रेस को 39 से 45 सीटें मिलने का अनुमान है। उसे 4 फीसदी वोटों का फायदा होगा। 2003 में उसके खाते में 37 सीटें आई थीं। अन्य को 2 से 6 सीटें मिल सकती हैं।
अशोक चव्हाण महाराष्ट्र के नए मुख्य मंत्री हो सकते है ।

Wednesday, December 3, 2008

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लगता है कि मुंबई में हुए हमलों से पुलिस ने कुछ सीख ली है। पुलिस की चौकसी की वजह से बुधवार को सीएसटी पर एक बड़ी घटना होने से बच गई। पुलिस ने बुधवार को छत्रपति शिवाजी स्टेशन से बम से भरे दो थैले बरामद किए हैं। इन थैलों में 8 किलो विस्फोटक मिले। खबर मिली कि है सीएसटी स्टेशन पर पुलिस ने विस्फोटक से भरे दो थैले बरामद किए हैं। हर एक थैले में 4-4 किलो विस्फोटक रखे गए थे। मुंबई पुलिस से सक्रियता दिखाते हुए सारे विस्फोटक निष्क्रिय कर दिए।इसके अलावामहाराष्ट्र से विलासराव की छुट्टी, नए मुख्य मंत्री की तलाश अभी जारीऔर रक्षा मंत्री ए के। एंटनी ने बुधवार को तीनों सैन्य प्रमुखों के साथ असाधारण बैठक में हवाई हमले की आशंकाओं पर विस्तार से विचार किया। उन्होंने सैन्य बलों के आपस में तालमेल बढ़ाने की ज़रूरत बताते हुए तीनो सैन्य प्रमुखों को हवाई मार्ग से आतंकी हमलों की आशंका के प्रति सचेत किया। एंटनी ने कहा कि सभी एजंसियों के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है ताकि खुफिया सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके़। बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि रक्षा मंत्नालय के शीर्ष अधिकारियों और सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक में श्री एंटनी ने तटीय सुरक्षा को मजबूत करने और इसके लिए राडार तथा इंटरसेप्टर समेत तमाम उपकरण खरीदने के बारे में बात की। श्री एंटनी ने सैन्य प्रमुखों के साथ नियंत्रण रेखा से होने वाली घुसपैठ रोकने के उपायों पर भी बातचीत की। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रास्ते होने वाली घुसपैठ पर विशेष रूप से विचार विमर्श किया गया जो आतंकवादियों को तैयार करने का प्रमुख अड्डा है।अस्सी के दशक में पंजाब से आतंकवाद का सफाया करने वाले पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल ने कहा है कि यह शर्म की बात है कि चंद आतंकवादियों से निपटने में सुरक्षाबलों को 60 घंटे से ज्यादा लग गए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षाबलों की रणनीति कमजोर थी और इस पर ठीक ढंग से अमल भी नहीं किया गया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि ताज होटल में लोगों की मौजूदगी की वजह से सुरक्षाबलों को अपने काम को अंजाम देने में समय लगा होगा। गिल ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब खुफिया एजंसियों को हमले की भनक थी तो जल्द पुख्ता कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा, 'खुफिया एजंसियों ने जब गृह मंत्रालय को चेताया था तो सूचना मिलते ही पुख्ता इंतजामात किए जाने चाहिए थे। पिछले कुछ अर्से से देश पर लगातार आतंकवादी हमले हो रहे हैं लिहाजा ऐसी लापरवाही नाकाबिले बर्दाश्त है।' गिल ने कहा, मुंबई पर पहले भी हमले हो चुके हैं लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए थी। ताज के बाहर 10 सिपाही भी तैनात होते तो आतंकवादी इतनी आसानी से उसके भीतर दाखिल नहीं हो सकते थे।' इस हमले के बाद राजनेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी से क्षुब्ध इस पूर्व डीजीपी ने कहा, 'राजनीतिक दल सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हैं। हर बार आतंकवादी हमले के बाद सख्ती से निपटने के लंबे चौड़े भाषण दिए जाते हैं, लेकिन नतीजा सिफर। ठोस कदम उठाने का बूता दिखाना जरूरी है।' उन्होंने मीडिया और आम जनता को भी आतंकवाद के सफाए के लिए आगे आने को कहा। गिल ने यह भी कहा कि अभी भी उनकी बाजुओं में आतंकवादियों का सामना करने का दम है और अगर उन्हें इस संबंध में कोई जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो वह तुरंत स्वीकार कर लेंगे।पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद और अन्य भगौड़ों को सौंपने की भारत की मांग खारिज दी है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए आतंकवादी के पाकिस्तानी नागरिक होने पर भी संदेह जताया है। मुंबई हमलों पर कड़ा विरोध जताते हुए नई दिल्ली ने दो दिन पहले ही 20 भगौड़े आतंकवादियों को भारत के सुपुर्द किए जाने की मांग की थी। उन्होंने मंगलवार रात सीएनएन पर कि कहा हमारे पास सबूत होंगे तो हम उन पर अपनी अदालतों में मुकदमा चलाएंगे। हम ही उन्हें सजा देंगे। पाकिस्तान को सौंपी गई भारत के मोस्ट वॉन्टेड 20 अपराधियों की सूची में अपराध जगत के सरगना दाऊद इब्राहिम और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के नाम शामिल हैं। भारत ने कहा था कि हम पाकिस्तान के जवाब का इंतजार करेंगे। विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि देश को अपनी एकता की रक्षा करने का अधिकार है और वह कार्रवाई करेगा। पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें भारत के इस दावे पर भी संदेह है कि मुंबई हमलों के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जिस बंदूकधारी को पकड़ा, वह पाकिस्तानी है। जरदारी ने कहा ऐसा कोई सबूत नहीं दिया गया है जिससे साबित हो कि वह पाकिस्तानी ही है। जरदारी ने मुंबई हमलों में पाकिस्तान की भूमिका होने से इंकार करते हुए कहा कि आतंकवादियों का किसी देश से कोई सरोकार नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक राजधानी पर हमले उन लोगों ने किए जो दुनिया को बंधक बनाना चाहते हैं। उन्होंने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध की किसी संभावना को खारिज करते हुए कहा कि लोकतंत्र युद्ध नहीं करते।

मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तार 3 आरोपियों की शनिवार को कलीना फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में फिर पॉलिग्राफ जांच हुई। पॉलिग्राफ का दूसरा मतलब लाई डिटेक्टर टेस्ट से जुड़ा होता है। इन आरोपियों का शुक्रवार को भी ब्रेन मैपिंग के अलावा लाई डिटेक्टर टेस्ट हुआ था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, सैन्य अधिकारी रमेश उपाध्याय और समीर कुलकर्णी को लैब में लाया गया और जांच की गई। सूत्रों ने कहा, 'कुछ आरोपियों की शुक्रवार को भी जांच हुई थी।' सूत्रों ने कहा कि आरोपियों का नार्को विश्लेषण करना अब भी बाकी है। साध्वी व अन्य लोगों से कितने सवाल पूछे गए, एटीएस सूत्रों ने इसका सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है, हालांकि टीवी चैनलों पर पूछे गए सवालों की संख्या अलग-अलग बताई गई। किसी ने संख्या 300 बताई, किसी ने 100 तो किसी ने 40 बताई। साध्वी सहित पांच व्यक्तियों को मालेगांव में एक मोटरसाइकल पर बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। मालेगांव विस्फोट में 6 लोग मारे गये थे।इसके अलावाअमरीका भारत के साथअमेरिका के नवनिर्वाचित प्रेजिडंट बराक ओबामा ने कहा है कि भारत को अपनी संप्रभुता कीरक्षा के लिए आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। 20 जनवरी को राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने से पहले ओबामा ने शिकागो में एक प्रेस कॉन्फ्रंस में कहा कि संप्रभु राष्ट्रों को अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है। क्या अमेरिका की तरह भारत भी किसी देश की सहमति के बिना वहां स्थित आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर कर सकता है, इस सवाल पर ओबामा ने कहा कि मैं दक्षिण एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मुझे लगता है कि इस मामले में हमें जांचकर्ताओं को उनका काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई में आतंकवादी हमलों के दोषियों को पकड़ने में हम भारत को पूरा सहयोग देंगे। विदेश मंत्री के रूप में हिलेरी क्लिंटन के नॉमिनेशन पर ओबामा ने कहा कि मुझे कोई संदेह नहीं है कि इस काम के लिए हिलेरी उपयुक्त हैं और वह मेरे साथ विदेश नीति के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पर काम करेंगी। रॉबर्ट गेट्स को रक्षा मंत्री बनाए रखने पर उन्होंने कहा कि अमेरिका के 2 युद्धों में शामिल होने के कारण निरंतरता बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। ओबामा ने एरिजोना के गवर्नर जेनेट नेपोलिटानो को आंतरिक सुरक्षा सचिव, एरिक होल्डर को अटॉर्नी जनरल, नौसेना के रिटायर्ड जनरल जेम्स जोंस को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सूसन राइस को संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत नियुक्त किया है ।

Monday, December 1, 2008

टॉप पालिटीशियन और अफसर निकम्मेः एम के नारायण के विरूद्ध् पी आई एल

MUMBAI: A PIL has been filed in the aftermath of the terror attacks on Mumbai, seeking action against National Security Advisor M K Narayanan, top politicians and bureaucrats. The petition, filed by Mumbai-based advocate V P Patil, is likely to come up for hearing before the Bombay High Court on December 4. Reflecting the popular sentiment, the petition alleges that top bureaucrats and politicians were "negligent" and "irresponsible" in doing their jobs. Like in the case of 1993 Mumbai riots, an inquiry by senior sitting judge of the High Court should be conducted to look into the lapses of the government machinery, Patil has demanded. Action should be taken against erring bureaucrats and ministers for negligence and acts of omission, the petition says. The PIL seeks a direction to the union government to post National Security Guards "permanently" at Mumbai and other main cities. The Union government should take action against those responsible for delay in sending the NSG to Mumbai, it says. Hitting out specifically at Narayanan, the PIL says that he has been "irresponsible" and the country's security has been in the hands of negligent and incompetent people. There was a gross intelligence failure, it adds. It also seeks a direction to the Defence Ministry to enhance the coastal security.

मुंबई हमले में जितने भी लोगों ने शहर को बचाते हुए अपनी जान गंवाई है, वे सब मराठी थे। शर्मिला ठाकरे


अमिताभ बच्चन आमतौर पर अपनी भावनाएं अपने ब्लॉग के जरिए ही जाहिर करते हैं। लेकिन रविवार को वह इतने दुखी और उत्तेजित थे कि उन्होंने मुझे एक एसएमएस भेजा। यह एसएमएस उन्हें राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे ने भेजा था।
इस एसएमएस में लिखा था - मुंबई हमले में जितने भी लोगों ने शहर को बचाते हुए अपनी जान गंवाई है, वे सब मराठी थे। एमएनएस वर्कर इस वक्त रक्त दान, पुलिस की मदद और शव उठाने में बिजी हैं। इस बात पर अमिताभ बच्चन बेहद खफा हैं। वह कहते हैं कि क्या ये लोग इससे भी नीचे गिर सकते हैं ? जब एनएसजी, आर्मी और नेवी पूरे देश और दुनियाभर के लोगों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, ये लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं। बिग बी इन नेताओं पर गुस्सा जाहिर करने वाले अकेले नहीं हैं। बुधवार शाम से ही इस तरह के एसएमएस आ रहे थे कि मुंबई पर हक जताने वाले राज ठाकरे कहां हैं।
और एक झलक यह भीः


मुंबई के आतंकवादी हमले के बाद नेताओं के नाम पर इतनी थू-थू हुई है कि लगता है राजनेता बौखला गए हैं। इसी बौखलाहट में अजीब-ओ-गरीब बयान सामने आ रहे हैं। नया कारनामा बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी का है। नकवी ने मुंबई में राजनेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहीं कुछ महिलाओं के बारे में कहा कि ये लिपस्टिक-पाउडर लगाकर क्या विरोध करेंगी। नकवी ने इन महिलाओं की तुलना कश्मीर के अलगाववादियों से कर दी। उन्होंने कहा कि नेताओं के विरोध में नारे लगाने वाले ग्रुपों की जांच होनी चाहिए। नकवी के इस बयान पर बीजेपी भी मुश्किल में आ गई है। आनन-फानन में बीजेपी नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने बयान जारी किया कि यह नकवी के अपने विचार हैं और बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन नकवी की यह टिप्पणी कई महिला संगठनों को नागवार गुजरी है और उनका विरोध शुरू हो गया है। विमिंस पावर कनेक्ट की अध्यक्ष रंजना कुमारी ने कहा है कि यह एक मूर्खतापूर्ण बयान है और इस तरह के लोग नेता होने के लायक ही नहीं हैं। रंजना से साफ किया कि इस वक्त जो विरोध हो रहा है वह लोकतंत्र का नहीं बल्कि नेताओं के गैरजिम्मेदाराना रवैये का विरोध है। लिपस्टिक और पाउडर पर कॉमेंट करके ये नेता यही गैरजिम्मेदारी और मूर्खता ही साबित कर रहे हैं।