Monday, June 29, 2015

ट्रेन हादसे की जांच का आदेश

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने चर्चगेट स्टेशन पर हुए एक ट्रेन हादसे की जांच का आदेश दिया है, जिसमें पांच लोग घायल हो गए थे  और पश्चिम रेलवे लाइन पर उपनगरीय सेवा बाधित हुई थी।
उन्होंने ट्वीट किया, 'चर्चगेट पर हादसे की जांच का आदेश दिया है। हर तरह की भूल की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई होगी।' हादसे के बाद पश्चिम रेलवे ने जांच शुरु की और मोटरमैन एल. एस. तिवारी, गार्ड अजय गोहिल और लोकोमोटिव के लोको इंस्पेक्टर एम. जी. वर्मा को कल निलंबित कर दिया।
भायंदर से आ रही ट्रेन दिन में 11 बजकर 20 पर चर्चगेट स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर तीन पर अंतिम छोर पर स्थित हिस्से में जा घुसी और इसका कोच प्लैटफॉर्म के अंतिम हिस्से पर चला गया। इस वजह से पहले कोच का पहिया ऊपर उठ गया।
मुंबई डिवीजन के DRM शैलेंद्र कुमार के मुताबिक ट्रेन नहीं रुकने की वजह का पता लगाया जा रहा है। टक्कर के कारण ट्रेन का पहला डिब्बा प्लैटफॉर्म की ओर झुक गया। DRM ने बताया, 'यह जांचने के लिए कि तिवारी ने शराब पी थी या नहीं, ब्रेथ एनालाइजर परीक्षण किया गया, जिसका परिणाम नकारात्मक आया। हालांकि और पुष्टि करने के लिए उसके रक्त के नमूने ले लिए गए हैं.'
कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त डिब्बे को ट्रैक से हटा दिया गया है। प्लैटफॉर्म संख्या तीन से ट्रेनों का आवागमन शुरु नहीं हुआ है और इसे बहाल करने के लिए काम हो रहा है। इस बीच DRM शैलेंद्र कुमार ने बताया कि चर्चगेट के प्लैटफॉर्म नंबर तीन पर परिचालन बहाल किए जाने का काम पूरा हो गया है और 11 बजे के बाद लोकल ट्रेन सेवा बहाल होने की उम्मीद है। 
हादसे के बाद पूरी रात परिचालन की निगरानी करने वाले कुमार ने कहा कि आज सुबह से कम से कम 20 उपनगरीय सेवाएं रद्द कर दी गईं क्योंकि सेवा बहाली का काम चल रहा था और प्लैटफॉर्म बाधित था। 

Thursday, June 25, 2015

ट्रेन के तीन डिब्बे रेलवे ट्रैक से उतर गए

झारखंड में नक्सलियों नें रेलवे ट्रैक उड़ा दिया जिसकी वजह से पलामू एक्सप्रेस ट्रेन के तीन डिब्बे रेलवे ट्रैक से उतर गए। 
नक्सलियों ने इस घटना को कुचिला गांव के पास रात 8 बजे अंजाम दिया जब पलामू एक्सप्रेस ट्रेन बरकाकाना से पटना जा रही थी। 
फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नही मिली है।

Tuesday, June 23, 2015

स्वच्छता अभियान

साथियों,
वर्तमान एक महीना बहुत ही पवित्र है । चाहे हिंदु हो या मुसलमान , सभी के लिए ।
हिंदुओं के लिए यह माह मल-मास (अधिक मास) के रूप में और मुसलमानों के लिए पवित्र रमजान
आइए इस पवित्र माह को स्वच्छता अभियान से जोड़ दें और अपने आस पास गंदगी न रहने दें ।

स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनें । 

Monday, June 22, 2015

पश्चिमी रेलवे, मध्य रेलवे और हार्बर लाइन शुक्रवार को पूरी तरह से ठप

मूसलाधार बारिश से शुक्रवार को मुश्किलों का सामना करने वाली मुंबई में शनिवार को जनजीवन काफी हद तक पटरी पर लौटता दिखा। हालांकि, मौसम विभाग ने वीकेंड में भारी बारिश के आसार जताए हैं। शनिवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन सुबह से ही ऑफिस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। 
बारिश के कारण अब तक महाराष्ट्र में आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से तीन मामले मुंबई से जुड़े हैं। शहर की लाइफलाइन- पश्चिमी रेलवे, मध्य रेलवे और हार्बर लाइन शुक्रवार को पूरी तरह से ठप हो गई थी, जो शनिवार को फिर 15 से 45 मिनट की देरी से शुरू हो गई। 
शहर में ईस्टर्न एक्सप्रेस और वेस्टर्न एक्सप्रेस राजमार्ग पर यातायात बहुत सघन और धीमा है, इसकी वजह रातभर हुई बारिश के बाद हुआ जलभराव है। जानकारी के मुताबिक छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से सभी घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शनिवार को तय समय पर उड़ान भर रही थीं। 
सभी स्कूल और कॉलेज शनिवार को भी सरकारी अपील के कारण बंद हैं। हालांकि, बैंक, वित्तीय संस्थान, दुकानें, व्यावसायिक जिले, व्यापारिक इलाके तथा वाणिज्यिक संस्थान में कामकाज सामान्य तरीके से शुरू हो गया। मुंबई में गुरुवार से शुक्रवार रात तक 285 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि इसके उपनगरीय इलाके सांताक्रूज में 417 मिलीमीटर बारिश हुई थी। 
मौसम विभाग ने शहर तथा इसके आसपास के इलाके में तेज तथा भारी बारिश बरकरार रहने के आसार जताए हैं। अरब सागर में शनिवार दोपहर बाद लहरों के 4.33 मीटर तक उठने के आसार जताए गए हैं और लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। बीएमसी किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए पहले से ही हाई अलर्ट पर है।

Wednesday, June 17, 2015

सभी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए योग को अनिवार्य बना दिया

रेलवे ने देशभर में अपने सभी प्रशिक्षण केंद्रों के लिए योग को अनिवार्य बना दिया है तथा उसकी योजना है कि 2020 तक सभी कर्मचारियों को इसमें शामिल कर लिया जाए।
रेलवे बोर्ड सदस्य (स्टाफ) प्रदीप कुमार ने मंगलवार को कहा कि सभी रेलवे प्रशिक्षण केंद्रों पर अनिवार्य योग प्रशिक्षण मुहैया कराने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि 2019-20 तक सभी कर्मचारियों को इसमें कवर किया जा सके।
रेलवे के अधिकारियों, लोको पायलट, टेक्निशन्स एवं अन्य सेवाओं के कर्मचारियों के लिए देश भर में कई प्रशिक्षण केंद्र हैं।

Tuesday, June 16, 2015

दिल्ली क्षेत्र के रेल मंडल ने 18 एस्केलेटर्स और 21 एलिवेटर्स को लगाने की मंजूरी

वरिष्ठ नागरिकों और निशक्तजनों के लिए दिल्ली के स्टेशनों को और ज्यादा सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से दिल्ली क्षेत्र के रेल मंडल ने 18 एस्केलेटर्स और 21 एलिवेटर्स को लगाने की मंजूरी दे दी है। जो कि वर्षांत तक काम करना शुरु कर देंगे।
वर्तमान समय में केवल 8 एस्केलेटर्स दिल्ली के 6 बड़े रेलवे स्टेशनों नई दिल्ली, दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, सराय रोहिल्ला, आनंद विहार और शाहदरा में चालू हैं।
दिल्ली के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक अरुण अरोड़ा ने कहा कि हमने दिल्ली के 6 मुख्य स्टेशनों के लिए 18 एस्केलेटर्स और 21 एलिवेटर्स के निर्माण की स्वीकृति दी है जो कि साल के अंत तक काम करना शुरु कर देंगे जिससे वृध्दों और निशक्तों को बड़ी राहत मिलेगी।
कुल 18 में से 8 एस्केलेटर्स नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में स्थापित किए जाएंगे। वहीं दिल्ली स्टेशन में 2 और हजरत निजामुद्दीन में 4 एस्केलेटर्स का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 21 बनाए जाने वाले एलिवेटर्स में 6 नई दिल्ली को, 6 दिल्ली स्टेशन को , 3 हजरत निजामुद्दीन, 2 आनंद विहार और 2-2 सराय रोहिल्ला और शाहदरा के लिए मंजूरीकृत हैं।
अरोरा ने कहा कि चूंकि प्लेटफॉर्म्स में रेगुलर ट्रैफिक बना रहता है, इसलिए कंस्ट्रक्शन और इंस्टॉलेशन करने में ज्यादा समय लगेगा। खास तौर से बड़े स्टेशनों जैसे नई दिल्ली में भारी भीड़ बने रहने के कारण कार्य को पूरा करने में ज्यादा समय लगेगा।

Monday, June 15, 2015

टिकटों की बुकिंग का बदला हुआ समय 15 जून से लागू

रेलवे के एसी और नॉन एसी क्लासेज की तत्काल टिकटों की बुकिंग का बदला हुआ समय 15 जून से लागू । रेलवे ने यह कदम टिकटिंग साइट और बुकिंग विंडोज से लोड कम करने के उद्देश्य से उठाया है। वर्तमान में तत्काल स्कीम के तहत बुकिंग यात्रा के एक दिन पहले सुबह 10 जे शुरू होती है।
रेल मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, 'यह निर्णय लिया गया है कि 15 जून से एसी और नॉन एसी टिकटों की तत्काल बुकिंग के समय को अलग करते हुए इसे क्रमशः सुबह 10 बजे और 11 बजे से कर दिया जाएगा।' उन्होंने कहा, 'यह परिवर्तन सर्वर पर लोड कम करके परेशानी मुक्त बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी किया गया हैं।'


अभी व्यस्ततम घंटो के दौरान ऑनलाइन टिकटिंग साइट आईआरसीटीसी पर लगभग 10 से 12 हजार टिकट बुक किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'तत्काल के लिए एसी और नॉन एसी टिकटों की बुकिंग के समय अलग करने से विंडो और टिकटिंग साइट्स पर लोड कम किया जा सकेगा।'
इस तरह अब तत्काल रिजर्वेशन के तहत एसी क्लास के लिए बुकिंग यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10 बजे से शुरू होगी और नॉन एसी क्लास के लिए सुबह 11 बजे से शुरू होगी। इसी के साथ अब आईआरसीटीसी एजेंट्स सहित सभी टिकटिंग एजेंट्स, को बुकिंग के खुलने से 30 मिनट के लिए गैर-तत्काल टिकटों की बुकिंग से वंचित कर दिया जाएगा। यह रोक, जनरल क्लास के लिए सुबह 8 बजे से 8.30 बजे तक, तत्काल एसी क्लास के लिए सुबह 10 बजे से 10.30 बजे तक और तत्काल नॉन एसी क्लास के लिए सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक के लिए होगी।

बिबेक देबरॉय कमिटी की सिफारिशों पर विवाद

भारतीय रेलवे में सुधार को लेकर बिबेक देबरॉय कमिटी की सिफारिशों पर विवाद की गुंजाइश तो है, लेकिन इनमें से भविष्य के लिए कई रास्ते भी निकल सकते हैं। सच कहा जाए तो इसने रेलवे पर लीक से हटकर विचार करने पर जोर दिया है। 
गौरतलब है कि भारतीय रेलवे के हालात बदलने और संसाधन जुटाने के उपाय सुझाने के लिए इस कमिटी का गठन पिछले साल सितंबर में किया गया था। कमिटी ने 5 साल का एक रोडमैप पेश किया है, जिसके आधार पर रेलवे में व्यापक बदलाव की बात कही गई है। इसमें रेलवे की आर्थिक ग‌तिविधियों के संचालन के लिए नियामक प्राधिकरण बनाकर रेल बजट को खत्म करने की सिफारिश की गई है। 
रेलवे को मुख्य रूप से दो निकायों में बांटने का सुझाव दिया गया है। एक निकाय बुनियादी ढांचे की देखभाल के लिए होगा तो दूसरा संचालन संबंधी काम देखेगा। इसके अलावा ट्रेनों के संचालन को प्राइवेट हाथों में देने का प्रस्ताव रखा गया है और कहा गया है कि इसकी शुरुआत सवारी गाड़ियों से की जा सकती है। 
साथ ही रेलवे के लिए स्वतंत्र और अर्ध-न्यायिक रेलवे नियामक प्राधिकारण बनाने की अनुशंसा भी की गई है। कमिटी ने कहा है कि सरकार रेलवे के सामाजिक दायित्व का सारा दबाव रेलवे पर सब्सिडी के रूप में डाल देती है जिससे कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। कमिटी का बुनियादी सवाल है कि रेलवे एक आर्थिक सेवा है या सामाजिक सेवा करने वाली कोई संस्था? आखिर रेलवे को स्कूल, अस्पताल चलाने और सुरक्षा बल रखने की क्या जरूरत है? इसे एक आधुनिक परिवहन सेवा समझने और उसे उसी रूप में विकसित किए जाने की जरूरत है। 
रिपोर्ट में रेलवे में निजी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है और प्रतिस्पर्धा का माहौल सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। दरअसल कमिटी रेलवे को एक सरकारी विभाग से ज्यादा एक कंपनी के रूप में विकसित करने की पक्षधर है। मगर दिक्कत यह है कि हमारे देश में रेलवे सियासत का एक टूल बनी हुई है। गठबंधन राजनीति के दौर में सत्तारूढ़ दल हमेशा अपने गठजोड़ के सबसे बड़े सहयोगी दल को संतुष्ट करने के लिए उसे रेल मंत्री का पद देता आया है। 
रेल बजट के जरिए सरकार अपने पक्ष में माहौल तैयार करने की कोशिश करती है। अपने वोटबैंक को एकजुट करती है। इसके लिए बिना किसी ठोस आधार के गाड़ियां चलाई जाती हैं। आज भी जिन सरकारी महकमों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है, उनमें रेलवे प्रमुख है। इसमें भर्तियों के घोटाले अक्सर सामने आते रहते हैं। यह लालफीताशाही की प्रतीक है। इसमें छोटे से छोटे फैसले लेने में वर्षों लग जाते हैं। 
नतीजा यह है कि स्वतंत्रता के समय भारत का रेलवे नेटवर्क चीन से दोगुना था। पर आज चीन हमसे मीलों आगे नजर आ रहा है। कमिटी की राय स्पष्ट है कि रेलवे को अगर प्रफेशनल ढंग से नहीं चलाया गया तो कभी यह फायदे में नहीं आएगी और इसके आधुनिकीकरण का सपना भी कभी पूरा नहीं हो पाएगा।

Friday, June 12, 2015

मानवरहित रेलवे फाटकों में कर्मचारियों को तैनात करने का फैसला

अंबाला रेलमंडल ने अपने अंदर आने वाले करीब 100 अनमैनड मानवरहित रेलवे फाटकों में से कुछ को बंद करने और कुछ पर कर्मचारियों को तैनात करने का फैसला किया है। मालूम हो कि अंबाला रेलमंडल अंबाला से शुरू होकर पंजाब के भटिंडा व अंबाला से शिमला व सहारनपुर तक फैला हुआ है। डीआरएम ने बताया कि रेलवे के इस कदम से हो रहे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। उनका कहना था कि इस काम के लिये नए कर्मचारियों की भर्ती करने की जरूरत नहीं है। अंबाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग को डबल किए जाने बारे डीआरएम ने कहा कि इस पर काम पूरा हो चुका है और ट्रायल के बाद ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जायेगी। डबल होने से कालका से चंडीगढ़, अंबाला शहर होकर जाने वाली जोधपुर एक्सप्रेस, कालका-बाड़मेर जैसलमेर एक्सप्रेस, दिल्ली-चंडीगढ़ शताब्दी में सफर करने वालों को फायदा मिलेगा।

Tuesday, June 9, 2015

ट्रेनों को रोकने के लिए लगी चेन जल्द ही हटा दी जाएगी

ट्रेन के डिब्बों पर लिखा मेसेज 'गाड़ी खड़ी करने के लिए जंजीर खींचिए' अब बीते दौर की बात बन जाएगा। आपात स्थिति में ट्रेनों को रोकने के लिए लगी चेन जल्द ही हटा दी जाएगी। बेवजह होने वाली चेन पुलिंग से निपटने के लिए रेल मंत्रालय ने ट्रेन के डिब्बों से चेन को हटाने का फैसला किया है।
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिना कारण चेन पुलिंग के चलते ट्रेनें अक्सर समय पर नहीं पहुंच पातीं। इस वजह से रेलवे को 3 हजार करोड़ रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा है। बरेली के इज्जतनगर में ट्रेनों से चेनों को हटाने का काम शुरू हो गया है।
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोच में ड्राइवर और सहायक ड्राइवर के मोबाइल नंबर लिखे जाएंगे। आपात स्थिति में यात्री उन पर कॉल कर सकेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर डिविजन के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा, 'देशभर की फैक्ट्रियों में बन रहे नए कोचों में अलार्म चेन नहीं लगाई जा रही हैं। ट्रेन में ड्राइवर और सहायक ड्राइवर के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करने के अलावा हर तीन डिब्बों के लिए एक कर्मचारी वॉकी-टॉकी के साथ तैनात किया जाएगा।'
केंद्रीय रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बरेली की यात्रा के दौरान कहा कि चेन खींचकर ट्रेन रोकना उत्तर प्रदेश और बिहार की एक गंभीर समस्या है। बिना वाजिब कारण के ट्रेन रोकने की वजह से रेलवे को भारी नुकसान हुआ है। रेलवे बोर्ड की अधिसूचना में पहले ही कोचों में चेन न लगाने को कहा जा चुका है।
इज्जतनगर डिविजन के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) चंद्र मोहन जिंदल ने कहा, 'ट्रेनों में देरी के प्रमुख कारणों में चेन पुलिंग को नकारा नहीं जा सकता। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में चेन पुलिंग एक गंभीर समस्या है।'

Thursday, June 4, 2015

मेट्रो ट्रेनों की तर्ज पर बनी ट्रेनें खरीदने का फैसला

भारतीय रेलवे भी अब मेट्रो ट्रेनों की तर्ज पर बनी ट्रेनें खरीदने जा रहा है। अगर ये ट्रेनें आ जाती हैं तो इन्हें इंटरसिटी रूट पर चलाया जा सकता है । रेलवे इन ट्रेनों की खरीद के लिए शुरुआती कवायद में जुट गया है। हालांकि इस प्रक्रिया के पूरा होने में अभी वक्त है।
रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस तरह के 15 ट्रेन सेट यानी 315 कोच खरीदने का फैसला लिया गया है। इसके लिए जब टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी तो कामयाब बिडर के लिए यह शर्त होगी कि इनमें से 275 कोच यानी 13 ट्रेन सेट भारत में ही बनाने होंगे। हालांकि पहले दो ट्रेन सैट बिडर चाहे तो विदेश से आयात करके ला सकता है लेकिन बाकी का उसे भारत में ही निर्माण करना होगा।

असल में ये ट्रेनें रफ्तार भी जल्द पकड़ लेती हैं और ब्रेक लगाने पर इन्हें जल्दी रोका भी जा सकता है। कंपनियों को 12 अगस्त तक बिड देनी होगी। इस बीच इंडियन रेलवे के मेंबर इलैक्ट्रिकल नवीन टंडन ने बताया कि डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर के लिए एक हजार हाई पावर बिजली के इंजन खरीदे जाएंगे। इसके लिए भी रेलवे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दानकुनी और मधेपुरा की फैक्ट्रियों को भी शामिल किया गया है।
ये लोको इंजन इन फैक्ट्रियों में प्राइवेट कंपनियों की मदद से बनाए जाएंगे। रेलवे ने पिछले तीन साल में अपने तय लक्ष्य से भी ज्यादा लगभग चार हजार किमी रेल ट्रैक का विद्युतीकरण किया है। उन्होंने बताया कि इस साल स्टेशनों पर एक सौ लिफ्ट और एक सौ एस्केलेटर भी लगाएगा। बिजली की खपत कम करने के लिए एलईडी फिटिंग भी यूज की जाएगी और ज्यादा से ज्यादा सोलर एनर्जी का उपयोग किया जाएगा