आरक्षण के लिए जाटों के आंदोलन से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जम्मू, हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल की कम से कम 108 ट्रेनें आज प्रभावित हैं। यह संख्या बढ़ भी सकती है। जाटों ने पहले से ही ऐलान कर रखा है कि अगर 28 मार्च तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे दिल्ली को सील कर देंगे। इसके तहत आंदोलनकारी हरियाणा और पश्चिमी यूपी में दिल्ली जाने वाली रेल और सड़क यातायात को जाम कर देंगे व दिल्ली की पानी की सप्लाई ठप्प कर देंगे। आंदोलन की वजह से हरियाणा के साथ-साथ एक बार फिर राजस्थान का सफर मुश्किल हो गया है। बुधवार को राजस्थान के श्रीगंगा नगर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर आदि की तमाम ट्रेनें दिल्ली से रद्द हैं। हरियाणा में हिसार के अलावा पंजाब में भटिंडा, फीरोजपुर की कुछ गाडि़यां दिल्ली से रद्द की गई हैं। कोयला और अनाज पहुंचाने के नाम पर दिल्ली-कालका सेक्शन की रद्द की गईं 5 गाडि़यों के अलावा 66 गाड़ियां रद्द हैं। 37 ट्रेनें आज अपने गंतव्य तक नहीं जा पाएंगी। जम्मू से दिल्ली के रास्ते राजस्थान जानेवाली गाड़ियां आगे नहीं जा पा रही हैं। दिल्ली से फीरोजपुर और जाखल, भिवानी, हिसार आदि की गाड़ियां जींद और रोहतक तक चलाई जा रही हैं। मुंबई के लिए गरीब रथ के अलावा पंजाब मेल को भी आज आंशिक रूप से रद्द किया गया है। पंजाब मेल फीरोजपुर के लिए आज दिल्ली से चलेगी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन के मद्देनजर रेल यातायात बाधित करने के मामले को गंभीरता से लिया है। इस मुद्दे पर अदालत ने एक एनजीओ की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सरकार से पूछा गया है कि आखिर उसने रेलवे ट्रैक पर जाम की स्थिति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने मामले की सुनवाई गुरुवार को मुकर्रर की है। वहीं रेल विभाग ने जाट आंदोलन को देखते हुए अजमेर शताब्दी और हिमालयन क्वीन सहित 8 ट्रेनों को कैंसल कर दिया है। सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हरियाणा के जाट नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे दिल्ली को पानी की सप्लाई रोक देंगे और रेल व सड़क यातायात भी बाधित कर दिया जाएगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने मंगलवार को कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें शुक्रवार तक हमारी मांगें नहीं मानती हैं तो हम दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग पर यातायात जाम कर देंगे। 28 मार्च तक यदि कुछ नहीं होता है तो हम पूरे हरियाणा में दिल्ली जाने वाली रेल पटरियों सहित अन्य रेल मार्गों को जाम कर देंगे। केंद्र सरकार ने आंदोलनकरियों से निपटने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की 10 कंपनियों को भेजा है। वहीं, सांगवान का कहना है कि हम सीआरपीएफ से नहीं डरते। हम किसी भी तरह का बलिदान देने के लिए तैयार हैं। पिछले करीब दो सप्ताह से सैकड़ों रेल यात्रियों को हो रही परेशानी के बावजूद हरियाणा पुलिस आंदोलनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं कर रही है। हरियाणा पुलिस के प्रमुख ने जाटों को रेल पटरियां जाम नहीं करने की चेतावनी तो दी है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एकबार फिर आंदोलनकारी जाटों से अपील की है कि वे अपना आंदोलन समाप्त कर दें। केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों ने बुधवार से गुरिल्ला आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। यूपी, पंजाब व हरियाणा के अलावा जहां भी यह आंदोलन चल रहा है, वहां पर गुरिल्ला आंदोलन छेड़ने की बात की जा रही है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक के मुताबिक बुधवार से काफूरपुर में गुरिल्ला आंदोलन छेड़ा जाएगा। आंदोलन कहां-कहां होगा, इसकी सूचना सिर्फ एक घंटा पहले ही सार्वजनिक की जाएगी। मलिक के बयान के मद्देनजर अफसरों ने काफूरपुर व उसके आसपास के क्षेत्रों का खाका तैयार कर पांच मिनट के भीतर वहां फोर्स भेजने की तैयारी कर ली है।
Wednesday, March 23, 2011
Tuesday, March 15, 2011
आरक्षण के मुद्दे पर अपने कदम पीछे हटाने से इनकार
रेलवे ट्रैक पर जमे बैठे जाट समुदाय ने अब आरक्षण के मुद्दे पर अपने कदम पीछे हटाने से इनकार कर दिया है। बीजेपी, आरएलडी और बीएसपी ने इस मुद्दे को अगले यूपी असेंबली इलेक्शन में भुनाने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं केंद्र सरकार की चुप्पी से गुस्साए जाटों ने 17 मार्च से दिल्ली में पानी और दूध की सप्लाई रोकने का ऐलान कर दिया है। राजनीतिक दलों की ओर से मिले समर्थन के बाद आंदोलनकारी अति उत्साहित हैं। जाटों के नेता यशपाल मलिक और उम्मेद सिंह ने रेलवे ट्रैक पर जाम हटाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। ॉसोमवार को भी दिल्ली जाने वाली तीन प्रमुख ट्रेनें कैंसल रहीं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अकेले 3 दिन में कैंसल ट्रेनों से 70 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। यह घाटा और बढ़ने की आशंका है क्योंकि लखनऊ मेल सहित कई ट्रेनें 15 मार्च को भी रद्द रहेंगी। पिछले साढ़े तीन दशकों में यह पहला मौका है, जब लखनऊ मेल जैसी वीआईपी ट्रेन चार दिन कैंसल की गई। सोमवार तक रेलवे की 693 ट्रेनें प्रभावित हुई। होली के त्योहार पर दिल्ली से लखनऊ-बनारस और बिहार जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। प्रमुख ट्रेनों में तत्काल कोटा भी चंद मिनटों में खत्म हो रहा है। लोगों की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि होली पर घर कैसे पहुंचे। तमाम लोगों ने घर जाने का प्रोग्राम ही कैंसल कर डाला है। जाट नेताओं ने भी आरक्षण के मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने की ठान ली है। यशपाल मलिक ने कहा कि 17 मार्च से दिल्ली को पानी-दूध और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंख-कान मूंदे बैठी है। दस दिन से रेलवे ट्रैक जाम होने और यात्रियों को हो रही दिक्कतों से कांग्रेस सरकार बेफिक्र है। वहीं उत्तर रेलवे के उच्च अधिकारी यूपी सरकार से रेलवे ट्रैक पर बैठे जाटों को हटाने की गुजारिश की है। रेलवे अफसरों का कहना है कि जब तक राज्य सरकार सहयोग नहीं देती, जाटों को ट्रैक से हटाना कठिन है।
Friday, March 11, 2011
लगभग तीन दर्जन ट्रेनों को बदले हुए रास्ते से चलाया गया।
मुरादाबाद के पास काफूरपुर में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन से रेलवे को रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। गुरुवार को लगातार पांचवे दिन दिल्ली-मुरादाबाद के रास्ते कानपुर और लखनऊ जाने वाली 30 ट्रेनें रद्द रहीं, जबकि लगभग तीन दर्जन ट्रेनों को बदले हुए रास्ते से चलाया गया। शुक्रवार को भी यही स्थिति रहने की आशंका है। शुक्रवार के लिए रेलवे ने इस रूट की 21 ट्रेनों को पहले ही रद्द कर दिया है, जबकि 16 ट्रेनों का रास्ता बदल दिया गया है। इसके अलावा 16 ट्रेनों को डेस्टिनेशन पर पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाएगा। मुजफ्फरनगर सहारनपुर-देहरादून रेलमार्ग पर जाट आंदोलन शुरू होने से चंडीगढ़, जम्मू, देहरादून और पंजाब की ओर जाने वाली ट्रेनों पर प्रभाव पड़ सकता है। उत्तर रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी रेलवे को हुए घाटे का आकलन नहीं किया गया है, लेकिन पांच दिन में रेलवे को हुए घाटे का आंकड़ा करोड़ों रुपये में है। रेल अधिकारियों का कहना है कि इस आंदोलन की वजह से न सिर्फ पैसेंजर ट्रेनें बल्कि मालगाडि़यां भी प्रभावित हो रही हैं। माल ढुलाई से होने वाली आमदनी भी प्रभावित हो रही है। इस आंदोलन की वजह से पैसेंजरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही हैं। उत्तर रेलवे के प्रवक्ता का कहना है कि शुक्रवार को भी बरेली-दिल्ली-बरेली पैसेंजर, उत्तरांचल एक्सप्रेस, आला हजरत एक्सप्रेस, रामनगर एक्सप्रेस समेत 21 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। लखनऊ से मिली खबर के मुताबिक, केंद्र से वार्ता विफल होने के बाद आरक्षण की मांग को लेकर जाट नेताओं ने दिल्ली जाने वाली सभी रेलमार्गों को ठप करने का अल्टिमेटम देकर खलबली मचा दी है। जाट समुदाय ने गुरुवार को मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर और सहारनपुर-देहरादून रेल रूट को जाम कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा रेलमार्ग को बंद करने की चेतावनी दी है। जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक उनकी जायज मांगों को नहीं मान लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गुरुवार को मुरादाबाद-अमरोहा के बीच काफूरपुर में रेलवे ट्रैक पर जाटों का कब्जा बरकरार रहा। सहारनपुर, देहरादून और मुजफ्फरनगर में रेल रूट जाम होने से दो दर्जन से अधिक ट्रेनों का संचालन बाधित होने की सूचना है, वहीं कई ट्रेनों को कैंसल कर दिया गया है। गुरुवार को भी लखनऊ से दिल्ली जाने वाली ज्यादातर गाडि़यों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। इनमें दुरंतो, लखनऊ मेल, श्रमजीवी, काशी विश्वनाथ, सप्तक्रांति, डुप्लिकेट मेल, सद्भावना एक्सप्रेस, नौचंदी और अवध असम एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। हिसार से मिली खबर के मुताबिक , हिसार से 6 मार्च को शुरू हुआ जाट आरक्षण आंदोलन गुरुवार को पांचवें दिन हरियाणा के कई और इलाकों में भी फैल गया। जाटों ने सिवानी के पास झुपा , जींद , पानीपत , हिसार के पास रामायण , फतेहाबाद जिले में टोहाना के पास गाजूवाला में रेलवे टै्रक पर धरना देकर रेलगाडि़यों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रखी। हिसार - भिवानी - दिल्ली रेल मार्ग पर लगातार पांचवें दिन भी रेल यातायात पूरी तरह से ठप रहा। हिसार - जयपुर रेलमार्ग पर दूसरे दिन भी रेलगाडि़यां नहीं चली। हिसार - लुधियाना रेलवे टै्रक पर लगातार तीसरे दिन जाटों का कब्जा रखा। खेदड़ थर्मल पावर प्लांट में रेल द्वारा की जा रही कोयले की सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई है , जिस कारण आज से यहां बिजली का उत्पादन पूरी तरह से बंद हो गया है।
Wednesday, March 9, 2011
रेल पटरी की सुरक्षा के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया
उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर को जोड़ने वाली 119 किलो मीटर लम्बी रेल पटरी की सुरक्षा के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। दो दिनों पूर्व श्रीनगर शहर के बाहरी हिस्से में अलगाववादियों ने रेल पटरी के एक हिस्से को बम से उड़ा दिया था। अलगाववादियों ने सोमवार को नौगाम के वानाबल में एक विस्फोट कर दिया था, जिसके चलते रेल पटरी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। रेलवे के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) मुबारक ए.गनी ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर सरकारी रेलवे सुरक्षा बल (जेएंडके जीआरपीएफ) के 1,100 से अधिक जवानों को दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड रेलवे स्टेशन से उत्तर कश्मीर के बारामूला रेलवे स्टेशन तक 119 किलोमीटर लम्बी रेल पटरी पर तैनात किया गया है।' गनी ने कहा कि घाटी में छह रेल पुलिस थाने और नौ पुलिस चौकियां हैं। डीआईजी गनी ने कहा, 'इसके अलावा केंदीय रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे प्रोटेक्शन सिक्युरिटी फोर्स (आरपीएसएफ) के जवानों को भी घाटी में तैनात किया गया है। आरपीएफ और जेएंडके जीआरपीएफ का नेतृत्व कमांडेंट स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। आरपीएफ जवानों को रेलगाड़ियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है और वे बंकरों का प्रबंधन और रेल पटरियों से लगे टॉवर्स की भी निगरानी कर रहे हैं।' गनी ने कहा, 'राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और दो उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) को जे एंड केजीआरपीएफ के 1,100 से अधिक जवानों के नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है।' गनी ने कहा, 'सुरक्षा की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए हमारे पास लगभग 800 जवानों की कमी है, जिसे अगले दो-तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। हमने पूरी पटरी की सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी है और किसी भी विध्वंसक कोशिश को नाकामयाब करने के लिए पूरे बंदोबस्त किए गए हैं।'
Monday, March 7, 2011
प्लैटफॉर्म बदलने की कोशिश में उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर एक युवक की मौत
रेलवे प्लैटफॉर्म की तरह ही ट्रैक पर कूदकर प्लैटफॉर्म बदलने की कोशिश में उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तराखंड के रहने वाले राहुल थापा (25) के रूप में हुई है। वैसे, इस घटना से मेट्रो सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। इस बीच दिल्ली मेट्रो ने पैसेंजरों को सलाह दी है कि प्लैटफॉर्म बदलने के लिए वे कॉनकोर्स का ही रास्ता अपनाएं यानी जिस मंजिल पर टिकट मिलता है, वहां से होकर दूसरी तरफ की सीढि़यों या लिफ्ट से दूसरे प्लैटफॉर्म पर जाएं। ट्रैक पर कूदकर प्लैटफॉर्म बदलना दिल्ली मेट्रो ऑपरेशंस एंड मेंटीनेंस एक्ट के तहत गैरकानूनी है। ट्रैक पर कूदने से यह हादसा शनिवार सुबह 7:25 बजे उत्तम नगर पश्चिम मेट्रो स्टेशन पर हुआ। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रवक्ता ने बताया कि हादसे के वक्त राहुल अप प्लैटफॉर्म पर खड़ा था, जहां से द्वारका की ओर ट्रेनें जाती हैं। शायद उन्हें नोएडा की ओर जाना था। राहुल को किसी से पता चला होगा कि नोएडा की ओर जाने वाली ट्रेन डाउन प्लैटफॉर्म पर मिलेगी। उसी वक्त उन्हें द्वारका की ओर से आती हुई ट्रेन दिखी और वह दूसरे प्लैटफॉर्म पर पहुंचने के लिए ट्रैक पर ही कूद गए। अधिकारियों का कहना है कि राहुल ने यह सोचकर छलांग लगाई होगी कि वह रेलवे स्टाइल में नोएडा के लिए ट्रेन पकड़ लेगा। लेकिन इससे पहले कि वह ट्रैक से प्लैटफॉर्म पर चढ़ पाता, द्वारका की ओर से ट्रेन आ गई। मेट्रो प्रवक्ता का कहना है कि हालांकि ट्रेन ऑपरेटर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया लेकिन रुकते-रुकते भी ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी जिससे वह ट्रैक पर जा गिरा। उसे फौरन उठाया गया, उसने पूछने पर अपना नाम भी बताया लेकिन इसके बाद वह बेहोश हो गया। उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह 9:30 बजे उसकी मौत हो गई। दिल्ली मेट्रो का कहना है कि राहुल उत्तराखंड के लोहाघाट थाना एरिया के रहने वाले थे। मेट्रो का कहना है कि मामला दिल्ली मेट्रो पुलिस को सौंप दिया गया, जो इसकी जांच कर रही है। फिलहाल उसके रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई है।
Wednesday, March 2, 2011
फैजाबाद एक्सप्रेस में 6-7 बदमाशों ने यात्रियों से मारपीट कर नकदी, मोबाइल फोन व जेवरात लूटकर फरार
दिल्ली से फैजाबाद जा रही फैजाबाद एक्सप्रेस में 6-7 बदमाशों ने यात्रियों से मारपीट कर नकदी, मोबाइल फोन व जेवरात लूटकर फरार हो गए। हापुड़ स्टेशन पर यात्रियों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी, लेकिन उसने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सोमवार रात को दिल्ली से फैजाबाद जा रही फैजाबाद एक्सप्रेस में गाजियाबाद से 6-7 बदमाश टे्रन में सवार हो गए। पिलखुवा क्षेत्र के आसपास बदमाशों ने एक दर्जन यात्रियों के साथ मारपीट कर नकदी, मोबाइल फोन व जेवरात लूट लिए और स्टेशन से पहले ट्रेन की चेन खींचकर फरार हो गए। हापुड़ स्टेशन पर यात्रियों ने लूटपाट की सूचना रेलवे पुलिस को दी, परंतु पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय यात्रियों को टे्रन में बैठाकर आगे की तरफ रवाना कर दिया। जीआरपी चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार ने टे्रन में किसी प्रकार की लूटपाट की घटना से इनकार किया है।
Tuesday, March 1, 2011
रेलमंत्री ने मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) की मुंबई की लाइफलाइन को सुधारने के लिए तारीफ की और इसी तर्ज पर दूसरे 4 शहरों (चेन्नै, हैदराबाद, अहम
इसे एक कॉपोर्रेट कंपनी की स्टाइल कह लीजिए या फंड मैनेजमेंट के क्राइसिस की दौर से गुजर रहे रेलवे का सबक, अब रेलवे अपने पहियों को और भी सुचारु रूप से दौड़ाने की प्रक्रिया में संबंधित राज्य सरकारों को अपने साथ लेना चाहती है। वह इस अर्थ में कि मेट्रो सिटीज में रेल ट्रांसपोर्ट अब सिर्फ रेलवे का विषय नहीं रह गया। रेलमंत्री ने मुंबई रेल विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) की मुंबई की लाइफलाइन को सुधारने के लिए तारीफ की और इसी तर्ज पर दूसरे 4 शहरों (चेन्नै, हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता) में ऐसे कार्पोरेशन की स्थापना की बात कही। इससे स्पष्ट है कि अब शहरों का रेल नेटवर्क सुधारने का बोझ रेलवे सिर्फ अपने कंधों पर नहीं, बल्कि राज्य सरकारों पर भी डालना चाहती है। बजट के प्रस्तावों के अनुसार, रेल मंत्री चाहती है कि एमआरवीसी की ही तरह केआरवीसी (कोलकाता रेल विकास कार्पोरेशन) का गठन हो और उसके लिए राज्य सरकार के अलावा बैंक और दूसरी फाइनांस कंपनियां, स्थानीय निकाय तथा दूसरे स्टेकहोल्डर अपनी तरफ से फंड दें। आपको मालूम होगा कि एमआरवीसी रेलवे और राज्य सरकार का एक ज्वाइंट वेंचर है जो रेलवे प्रॉजेक्ट का कार्यान्वयन करती है। प्रॉजेक्ट का खर्च रेलवे और महाराष्ट्र सरकार मिलकर वहन करती हैं। इसका गठन 12 जुलाई 1999 को हुआ था। उस समय मुंबई का रेलवे नेटवर्क अच्छी स्थिति में नही था। फिर एमआरवीसी अस्तित्व में आई और इसने लाइफलाइन के दमघोंटू माहौल में राहत की एक सांस सी भर दी। यूं तो आज मुंबई की लाइफलाइन में काफी सहूलियत की गुंजाइश है, मगर 5 साल पहले की तुलना में यह काफी सुकून देता है। राज्य सरकारों या दूसरे एजेंसियों की आर्थिक सहायता लेने की रेलवे की नीयत को इस बात से भी जाना जा सकता है कि इसी बजट में ममता बनर्जी ने देश के 20 महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों को चकाचक करने के लिए टूरिजम बोर्ड की फिफ्टी-फिफ्टी मदद मांगी है। पश्चिम रेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दरअसल अब वक्त ही ऐसा आ गया है कि किसी भी शहर का रेल ट्रांसपोर्ट सिर्फ रेलवे नहीं कर सकती है। उसमें संबंधित सरकारों या दूसरी फाइनांशल एजेंसियों का समूचा योगदान जरूरी हो गया है। जबकि खुद एमआरवीसी के एमडी पी. सी. सहगल बताते हैं कि रेल मंत्री द्वारा हमारी एजेंसी की तारीफ इस बात की परिचायक है कि अब रेल ट्रांसपोर्ट के प्रॉजेक्टों में सरकारों की आर्थिक सहभागिता बहुत जरूरी हो गई है।
Subscribe to:
Posts (Atom)