Wednesday, September 25, 2013

ट्रेनों में एसी और फर्स्ट क्लास के किराए बढ़ाने की योजना

 डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की मार ट्रेन से सफर करने वालों पर भी पड़ने वाली है। रेल मंत्रालय एक्स्प्रेस और स्पेशल ट्रेनों में एसी और फर्स्ट क्लास के किराए बढ़ाने की योजना बना रहा है। रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सेकंड क्लास के किराए बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
खड़गे ने कहा कि माल भाड़ा बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। उन्होंने कहा, 'ईंधन की कीमत बढ़ने से हमारे सामने चुनौती बढ़ गई है। केंद्र सरकार से बजटीय सहायता घटी है, जबकि रूटीन ऑपरेशन की लागत बढ़ी है। नए प्रॉजेक्टस पर भी काम करना है, लिहाजा हम किराया बढ़ाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।'
रेल मंत्री खड़गे ने कहा, 'हर वर्ष 7 से 8 हजार करोड़ रुपये ईंधन और ट्रेनों के रखरखाव पर खर्च हो जाते हैं। डीजल के दाम बढ़ने की वजह से इस बजट में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद हमने सेवाओं की गुणवत्ता और नई परियोजनाओं पर काम की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी।'

अंबाला निवासियों को एक तोहफा

चंडीगढ़ नई दिल्ली शताब्दी रेलगाडी नंबर 12045/12046 का 25 सितंबर से अंबाला कैंट छावनी स्टेशन पर ठहराव होने की घोषणा से लोगों का बहुत सहूलियत मिलेगी। काग्रेंस नेता एवं रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य सतीश सैनी ने बताया कि इस गाड़ी के ठहराव होने पर अंबाला निवासियों को एक तोहफा मिला है। इस गाड़ी के ठहराव को लेकर अंबाला निवासियों ने एक मांगपत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को अवगत कराया था जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ने रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खडगे को शताब्दी गाड़ी के ठहराव के बारे अवगत कराया। चडीगढ़ नई दिल्ली शताब्दी ट्रेन अंबाला कैंट स्टेशन पर दोनों दिशाओं में दो-दो मिनट के लिए रूकेगी। शताब्दी 12046 चंडीगढ़ से 12 बजे दोपहर को चलकर कैंट स्टेशन पर 12.38 पर पहुंचेगी। इसी प्रकार दिल्ली से चलने वाली शताब्दी 12045 अंबाला कैंट स्टेशन पर रात 9.53 बजे आएगी। 

Tuesday, September 24, 2013

छठ पूजा पर बिहार जाने वाली सभी ट्रेनें फुल

 दशहरा-दिवाली और छठ पूजा पर बिहार जाने वाली सभी ट्रेनें फुल हो चुकी है। यात्रियों को केवल तत्काल टिकटों का सहारा है। इस स्थिति के मद्देनजर रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाने का प्लान बना रहा है, ताकि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राहत मिल सके। नई दिल्ली से बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में बिहार संपर्क क्रान्ति, सप्तक्रान्ति, सदभावना, श्रमजीवी, आम्रपाली एक्सप्रेस, तूफान एक्सप्रेस, लालकिला एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, ब्रहमपुत्र मेल, फरक्का एक्सप्रेस सहित सभी ट्रेनों में त्योहारों पर सीट खाली नहीं है। सभी ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से यात्री खासे परेशान है। 
रेलवे प्रशासन को भी इसका अहसास है। इसलिए दशहरा, दीपावली और छठ पूजा पर स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए रेलवे बोर्ड को प्रपोजल भेजा गया है। उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली से बिहार में विभिन्न जगहों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने का मसौदा तैयार किया है। इन स्पेशल ट्रेनों की मंजूरी मिलते ही इनकी कम्प्यूटर में फीडिंग कर दी जाएगी। सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया कि अगले 2 महीने में कई प्रमुख त्योहार होने के कारण ट्रेनों में अचानक भीड़ बढ़ गई है। निकासी के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने का प्रपोजल बनाया जा रहा है जिससे यात्रियों को राहत मिल सके। जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जायेगी। 
हालांकि एनआर लखनऊ डिवीजन ने स्पेशल ट्रेन चलाने की कोई घोषणा अभी नहीं की है लेकिन माना जा रहा है कि दीपावली के बाद भैया दूज में नई दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन चला सकती है। जिससे दीपावली के बाद अपने नौकरी स्थल पर जाने वाले यात्रियों को राहत मिल सकती है। सीनियर डीसीएम अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि अभी इस बारे में कुछ तय नहीं किया गया है, लेकिन वेटिंग लिस्ट को देखकर उत्तर रेलवे मुख्यालय से स्पेशल ट्रेन को चलाने के लिए अनुमति मांगी जाएगी। 

Thursday, September 19, 2013

सुबह आठ बजे से पहले ही कैसे कम हो जाते हैं ट्रेन के टिकट?

ट्रेनों में टिकट का खेल नहीं रुक रहा है। आईआरसीटीसी भले ही ऑनलाइन बुकिंग की सर्विस लगातार सुधरने का दावा करे लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी इसी सर्विस से हो रही है। रेलवे का दलालों पर कड़ी नजर रखने का दावा भी खोखला ही साबित हो रहा है। हालत यह है कि दो महीने पहले ट्रेन टिकट बुकिंग के ओपनिंग डे के सुबह 8 बजे भी लोगों को आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत है कि 8 बजे से पहले ही आईआरसीटी की साइट पर रिजर्वेशन की उपलब्धता कम दिखने लगती है। बुकिंग खुलने के पहले टिकट उपलब्ध भी रहते हैं, लेकिन विंडो खुलते ही वेटिंग शुरू हो जा रहा है।
यात्रियों की शिकायत यह है कि जब ओपनिंग डे का विंडो 60 दिन पहले सुबह 8 बजे खुलता है, तो उसके पहले ही टिकट कौन ले लता है। जो टिकट बचे भी रहते हैं, विंडों खुलते ही वेटिंग शुरू हो जाता है। इसके बाद शुरू होता है दलालों का खेल, जो एक टिकट के लिए एक का तीन लेते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी पूर्व की ओर जाने वाली ट्रेनों में हो रही है। पहले तो दीपावली और छठ की वजह से परेशानी थी। अब छठ के एक हफ्ते बाद भी आरक्षण की वही हालत है। त्योहारों पर रेलवे और आईआरसीटीसी की दलील थी कि उस दौरान प्रतिदिन लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। इस वजह से विंडो खुलते ही ट्रेनें फुल हो जा रही हैं। यात्रियों की शिकायत है कि इक्का दुक्का महीनों को छोड़ दें तो हर सीजन में यही हाल है।
बुकिंग खुलने के कुछ देर बाद ही न जाने कहां से सभी टिकट बुक हो जाते हैं। जिनकी घर जाने की मजबूरी होती है, वे टिकट के लिए दलालों के चंगुल में फंसते हैं। दलाल इनसे दो से तीन गुनी रकम तक ले लेते हैं। एक यात्री का कहना है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर खुद एक दलाल ने दीवाली का टिकट उपलब्ध कराने का दावा किया। उसने नई दिल्ली से गोरखपुर तक स्लीपर क्लास के एक टिकट के लिए 1000 रुपए की मांग की है। जबकि स्लीपर क्लास के आरक्षण के लिए 360 रुपए है।
रेलवे और आईआरसीटीसी दोनों ही अब साफ सुथरी सर्विस का दावा करते हैं। रेलवे का कहना है कि दलालों पर लगाम लगाने के लिए स्टेशन पर खुफिया कैमरों के अलावा सिक्योरिटी गार्ड मौजूद हैं। संदिग्धों पर हर समय नजर रखी जा रही है। आईआरसीटीसी के एक अधिकारी का कहना है कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग में किसी तरह की हेरा फेरी के चांस नहीं रहते। हर रजिस्टर्ड इनडिवुजुअल का कोटा फिक्स है कि कौन कितना टिकट एक महीने या एक दिन में बुक कर सकता है। आईआरसीटीसी द्वारा जो सेंटर्स बुकिंग के लिए ऑथराइज्ड हैं, वे ही ज्यादा टिकट बुक कर सकते हैं। लेकिन ओपनिंग डे पर विंडो सुबह आठ बजे के बाद ही खुलती है।


Saturday, September 14, 2013

हिदी दिवस की शुभकामनायें

हिन्दी ! भारत- माता के माथे की बिंदी ! सभी हिन्दी भाषियों को हिदी दिवस की शुभकामनायें ,एवं अहिन्दी भाषियों को हिन्दी भाषा अपनाने का आवाहन ! जय हिन्दी !

Tuesday, September 10, 2013

रेलवे के दिल्ली-हरिद्वार और देहरादून जाने वाली ट्रेनों की सिक्युरिटी के लिए नया प्लान

 दिल्ली-हरिद्वार और देहरादून जाने वाली ट्रेनों की सिक्युरिटी के लिए नया प्लान लागू किया गया है। रेलवे के ड्राइवर्स को आदेश दिया गया है कि किसी भी हॉल्ट पर वे दो मिनट से ज्यादा समय तक ट्रेन न रोकें। रात में इन हॉल्ट पर ट्रेन रोकी ही नहीं जाएगी। मेरठ से लेकर मुजफ्फरनगर तक के रूट में यह नियम लागू होगा। इस दूरी के सभी रेलवे स्टेशनों और हॉल्ट पर रेलवे की स्पेशल फोर्स तैनात की गई है। आरपीएफ के सहायक सिक्युरिटी ऑफिसर जे. पी. मीना ने उत्तर रेलवे से स्पेशल फोर्स की एक कंपनी मांगी है। संभावना है कि मंगलवार को कंपनी गाजियाबाद पहंुच जाएगी। 
दिन में चलने वाली हर ट्रेन में एक अतिरिक्त पिकेट तैनात की गई है। रात में इस रूट की सभी ट्रेनों में सुरक्षा बलों की दो अतिरिक्त पिकेट होंगी। रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ और जीआरपी की मदद के लिए पीएससी के जवान तैनात किए गए हैं। 
मीना ने बताया कि मेरठ से लेकर मुजफ्फरनगर तक के लिए रेलवे ने सभी टेे्रेनों को ड्राइवर्स से कहा है कि वे हॉल्ट पर एक से दो मिनट तक ही ट्रेन रोकें। 
अगर किसी गाड़ी को पैसेंजर से आगे पास देना है तो ट्रेन को मेन रेलवे स्टेशन पर ही रोका जाएगा। 

Monday, September 2, 2013

एक घंटे से भी अधिक समय तक लोकल ट्रेनरोककर प्रदर्शन

 संडे को सेंट्रल लाइन पर कल्याण औरअंबरनाथ के बीच मेगा ब्लॉक था। पहले से ही लोग परेशानथे। ऐसे में आसाराम के समर्थकों के इस हंगामे की वजह सेलोग खासे परेशान हुए। मेगा ब्लॉक में इस एक्सट्रा मुसिबत सेपरेशान लोगों की आम प्रतिक्रिया आसाराम के प्रति काफीतीखी थी। 
उल्हासनगर
 रेलवे स्टेशन पर रविवार को आसाराम केसमर्थकों ने एक घंटे से भी अधिक समय तक लोकल ट्रेनरोककर प्रदर्शन किया। आशाराम के समर्थक रेलवे पुलिस परभारी पड़े। रेलवे पुलिस तमाशबीनों की तरह एक तरफ खड़ीरही। समर्थकों ने सेंट्रल पुलिस स्टेशन पर भी हंगामा मचाया। 
आसाराम
 के समर्थकों ने उल्हासनगर रेलवे स्टेशन पर करीब 1 घंटा 3 मिनट तक लोकल ट्रेनों को रोके रखा।मिली जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर को आशाराम बापू के समर्थक हजारों की संख्या में उल्हासनगर रेलवेस्टेशन पहुंच गए। यहां प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर उन्होंने एक घंटे से भी अधिक देर तक ट्रेनों कोरोके रखा। 
इस
 दौरान रेलवे पुलिस असहाय दिखी और तमाशबीनों की तरह तमाशा देखती रही। बाद में कुछ अन्य समर्थकोंऔर स्थानीय नेताओं के समझाने के बाद समर्थक रेलवे ट्रैक से हटे और हजारों की संख्या में सेंट्रल पुलिस स्टेशनपहुंच गए , जहां उन्होंने आशाराम के निर्दोष होने की बात कही और उन्हें जेल भेजे जाने पर सामूहिक गिरफ्तारीदेने की बात रखी। 
आसाराम
 के समर्थकों में महिलाओं की बड़ी संख्या होने के कारण सेंट्रल पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों को स्थितिसंभालने में काफी मशक्कत करना पड़ी। शिवसेना के लोग भी आशाराम के समर्थन में दिखे। शिवसेना केनगरसेवक राजेंद्र भुल्लर महाराज यहां खासतौर पर मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर आशाराम बापू के प्रवचनों औरअन्य आयोजनों के दौरान उल्हासनगर में बड़े - बड़े बैनर और पोस्टर लगाने वाली उनकी नेता मंडली विरोधप्रदर्शन से गायब दिखी। सायन रेलवे स्टेशन पर भी रविवार दोपहर करीब 3 बजे आशाराम बापू के समर्थकों नेट्रेन रोकने की कोशिश की
सायन
 , चेंबूर और किंग्स सर्किल में भी आशाराम की गिरफ्तारी के विरुद्घ प्रदर्शन हुए। दोपहर करीब 3 बजेसायन रेलवे स्टेशन पर समर्थकों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया। परिवहन बाधित होते देख यहां रेलवे पुलिस कोहल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस के तेवर देख आशाराम के समर्थक तितर - बितर हो गए। कुछ समर्थकों कोगिरफ्तार भी किया गया है।