Tuesday, July 12, 2011
रेल मंत्रालय तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी के पास
Tuesday, July 5, 2011
पहचान पत्र के आधार बैग को कल्याण के मोहना में रहने वाले देवेल पटेल को सौंपा गया।
कल्याण जीआरपी पुलिस की सजगता से एक व्यक्ति का लोकल ट्रेन में रुपयों से भरा बैग वापस मिल गया। बैग में 47 हजार 500 रुपये थे। कल्याण जीआरपी के वरिष्ट निरीक्षक जगताप ने बताया कि रविवार मुंबई से कल्याण की 7.45 की लोकल ट्रेन में कल्याण जीआरपी के पुलिसकर्मी राजेश गायकवाड एवं कुर्ला की महिला जीआरपी कर्मी आशा गायकवाड को एक बैग संदिग्ध हालत में लोकल ट्रेन के प्रथम वर्ग के डिब्बे में मिला। पहले जीआरपी ने वहां बैठे यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन कोई दावेदार नहीं मिलने पर यह बैग कल्याण जीआरपी कार्यालय ले आए। छान-बीन करने पर बैग के अंदर 47 हजार 500 रुपये नगद व देवेन पटेल नामक व्यक्ति का कॉलेज आई. डी. मिला। पहचान पत्र के आधार बैग को कल्याण के मोहना में रहने वाले देवेल पटेल को सौंपा गया।
Monday, July 4, 2011
एलफिंस्टन स्टेशन का नया फुट ओवर ब्रिज रविवार को जनता के लिए खोल दिया
पश्चिम रेलवे के एलफिंस्टन स्टेशन का नया फुट ओवर ब्रिज रविवार को जनता के लिए खोल दिया गया। इस फुट ओवर ब्रिज के खुलने से एलफिंस्टन स्टेशन से सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत होगी। स्टेशन के पश्चिमी छोर पर बनाए गए इस फुट ओवर ब्रिज के खुलने से यात्री सीधे प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर जा सकेंगे। नए फुट ओवर ब्रिज की लंबाई 22 मीटर है और इसकी चौड़ाई छह मीटर है। जाहिर है कि ब्रिज के चौड़े होने से भीड़ का अहसास कम होगा और लोगों को आने - जाने में आसानी होगी। रेलवे के अनुसार इस पुल को बनाने में 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। अब तक एलफिंस्टन स्टेशन पर आने - जाने के लिए पश्चिमी छोर पर कोई ब्रिज नहीं था। पश्चिमी छोर से स्टेशन पर आने जाने के लिए यात्रियों को एलफिंस्टन ब्रिज पर बने स्टेशन के एंट्री पॉइंट से आना जाना पड़ता था। उत्तरी छोर पर जो पुराना फुट ओवर ब्रिज बना है वह मध्य रेलवे के परेल स्टेशन और एलफिंस्टन स्टेशन का कॉमन फुट ओवर ब्रिज है। इसलिए इस पुल पर हमेशा भीड़ रहती है। दूसरे इस पुल का इस्तेमाल करने वालों को काफी पैदल चलना पड़ता था , लेकिन इस ब्रिज के खुल जाने से अब यात्री बिना सड़क पार किए या उत्तरी छोर तक गए सीधे एलफिंस्टन स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक जा सकेंगे। दरअसल इस फुट ओवर ब्रिज की मांग लंबे समय से हो रही थी। 12 डिब्बों की लोकल के 15 डिब्बों की लोकल में परिवर्तित होने के बाद स्टेशन पर बढ़ी भीड़ के बाद इस तरह के फुट ओवर ब्रिज की जरूरत और ज्यादा बढ़ गई थी।